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COMPANY ACOUNTS PART 2 — a Bank Promotions accounting in depth video lecture on Learning Sessions.
Watch the full accounting in depth class video above. This lesson is part of the Bank Promotions course on Learning Sessions.
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है ओके तो शुरू करते हम लोग कंपनी अकाउंट के बारे में पढ़ रहे थे पिछले लेक्शन में हमने पढ़ा था कि कंपनी इसका होती है कितनी टाइप की कंपनी होती है और शेयर कैपिटल के बारे में भी पढ़ा था कि company share capital कैसे use करते हैं कैसे वह रेस करते हैं ठीक है शेयर को कैसे इशू करती है उसका क्या प्रोसीजर होता है उसके बारे में हमने डिटेल में पढ़ा था इस वीडियो में हम लोग भी इसी टॉपिक को जो पर्वर्डर कंटिन्यू करेंगे तो सबसे पहले हम एक्यूप के रिवेजन कर लेते हैं पिछली लेक्शन में हमने क्या किया था सबसे पहले देखो हमने शेयर कैपिटल का मतलब समझा था कि शेयर कैपिटल को कैपिटल होती है जो कंपनी अपनी ऑमनी के shares को इशू करके race करती है चाहे वो equity shares हो, चाहे वो preference shares हो। उसके बाद हमने shares को इशू करने का procedure भी समझा था कि shares को कैसे companies एशू करते हैं। तो उसमें हमने देखा था जब भी company को अपनी shares issue करने तो सबसे पहले उसे prospectus issue करना पड़ता था, ठीक है, public में, newspaper में अपना prospectus issue करना पड़ता था, public इस prospectus को पड़ती थी और उसके according, सबसे पहले अगर उनको investment करनी होती थी, वो वो क्या करती थी, application देती थी, ठीक है, सबसे पहले prospectus को issue किया गया, उस दे देती थी, जो भी person यहाँ पर apply करता था, तो यह हमारे एक process होता था, जिसके according company shares को issue करती थी, और एक और चीज़ हमने देखी थी, कि company जब भी पैसे मंगवाती है shares पे, तो वो हमेशा installment में पैसे मंगवाती है, वो एक साथ पैसे नहीं मंगवाती, अगर मालो यहाँ प तूब में company मंगवा ले थी, तो यहाँ पर installment में company जो है पैसे मंगवा दी थी, तो उसी जो related हम आज भी कुछ important topics यहाँ पर cover करने वाले हैं, जो पहला topic हमारा पर रहने वाला है, वो कहा over subscription, अब यह over subscription क्या होता है, यह over subscription क्या होता है, देखो company जब shares issue करती है, public क्या करती है और public सोचती है कि अगर हम इस company में investment करेंगे, तो हमारा पैसा safe रहेगा और हमें maximum return मिलेगा, जिसकी वज़े से इस company के shares के लिए बहुत सारे लोग जो है apply करते हैं, ठीक है, जिसे example के मालो, यहाँ पर एक company है जिसकी reputation बहुत ज़्यादा high है company में, उसने सिर्फ और सिर्फ य आगे, कि 30,000 लोग ने apply कि हम इस company के shares को purchase करना जाते हैं, तो इस situation को हम यहाँ पर क्या कहते हैं, over subscription, जब company अपने shares issue करें और जितने shares company ने issue किये हैं, उससे ज़्यादा applications आए जाए शेयर को खरीदने की, तो उसे हम यहाँ पर क्या कहते हैं, over subscription, clear आपको, यह हमारा over subscription का meaning थ हैं, ठीक है, जब normally हमने पढ़ा था, normally हमने देखा था, जब पहले हमने देखा था, कि allotment की जाती है, उससे related हमने journal entry पास की थे, उसमें हमने देखा था, कि company जितने shares issue करते थे, application उतने की ही आती थी, पर आज हम देखेंगे कि अगर over subscription हो जाता है, shares से ज़्यादा applications आ जात कर सकती है, यानि कि अगर company ने यहाँ पर 20,000 shares issue किये है, तो वो 20,000 shares ही public को दे सकती है, तिके, यानि कि allot कर सकती है, उससे ज़्यादा नहीं, चाहे application यहाँ पर 1,00,000 भी आ जाए, पर company shares सिर्फ 20,000 ही दे सकती है, तो इस case में company को allotment और issue of shares एक systematic manner में करना होते है, ज़्या कि वो इस तरीके से shares को allot कर सकती है, clear है, तो पहले option हमारा यहाँ पर देखो क्या है, accept some applications in full and reject the other totally, company जो total applications आई हैं, उसमें से कुछ applications को fully accept कर सकती है, और बाकियों को fully reject कर सकती है, आगे हम पढ़ेंगे यह detail में क्या होता है, या फिर company यहाँ पर pro rata allotment भी कर सकती है, या फिर वो इन दोनों का combination, यानि कि दोनों method को एक साथ use कर सकती है, उसका एक combination बनाएं, उसके बाद यहाँ पर allotment करें, तो यह तीनों options होते हैं किसी भी company के पास, तो एक एक करके हम इन options को जानते हैं, कि आखिर में यह options होते क्या है, तो पहले देखो क्य इसकी application कितनी आगे, 40,000 applications आगे, 40,000 लोगों ने यहाँ पर apply किया था कि shares हमें चाहिए, और इसमें से देखो, कुछ 100 people से जिनों ने 20,000 shares के लिए apply किया था, और इसमें से 1000 ऐसे लोग थे जिनों ने मिलके 20,000 shares के लिए apply किया था, तो company ने क्या किया, यह जो 100 लोगों थे, � तो उनको 20,000 shares दे दिये, और इनको जो है, totally रिजेक्ट कर दिया, इनको एक भी share नहीं दिया, तो इसे हम यहाँ पर क्या रहेंगे, यह method हुआ, कि company कुछ application को select कर रही है, fully, और कुछ को totally रिजेक्ट कर रही है, या फिर आप इसको यह भी example समझो, कि एक Ram person है, एक Shyam person है, ठ यहाँ पर company ने क्या किया, Ram को सारे की सारे shares दे दिया, और इसको totally रिजेक्ट कर दिया, ठीक है, हम इसको detail में देखेंगे, कि अगर company इस method को choose करती है, तो उस case में उसे क्या करना पड़ता है, तो पहला देखो यहाँ पर, अगर, अगर company इस method को use करती है, तो जो भी amount यहा� पर application money आई थी, ठीक है, जब public ने apply किया था, तो उन्होंने 20,000 रुपीज दे दिया है, तो company पहले क्या करेगी, यहाँ पर इस 20,000 में से इनको divide करेगी, जिनको उन्होंने, जिनको उन्हें ने accept कर लिया था, और जिनको उन्हें ने reset कर लिया था, ठीक है, तो यहाँ पर मा रख लेगी, और इसको share capital में transfer कर देगी, और यह जो बाकी के 10,000 रुपीज है, जिनको company ने जिनकी application को reset कर दिया है, जिनको एक भी share नहीं दिया है, उनको यह पैसा वापस करना पड़ेगा, simple बाशा में, कि जिनको company ने accept कर लिया है, उसको share capital allot कर दिया जाएगा, और जिन यहाँ पर देखो, एक example के साथ हम यहाँ पर general entry को समझेगे, तो यहाँ पर देखो ABC limited है, उसने 20,000 shares जो है, जिसमें जो एक shares कितने का, 10 रुपे का है, issue के थे, जिसमें 30,000 application जो है, receive हो गए, तो यह case कौन सा है हमारा over subscription का, क्योंकि 20,000 shares issue किये थे, और 30,000 application आ गए, ठीक है, प्रशिप पेज़ पे 4 रुपे मंगवाई जाएंगे, और final call पे यहाँ पर 2 रुपे company मंगवाईगी, तो सबसे पहले यहाँ पर application के entry देखो, जब public यहाँ पर apply करेगे, तो आपलोगो एक चीज पता है कि company है, वो किसी को भी apply करने से नहीं रोख सकती, जैसे कि यहाँ प उसके बाद वह डिसाइड करेगी इस 30,000 शेयर में से किसको शेयर देना है किसको शेयर अब नहीं देना है तो एप्लीकेशन के मनी की एंट्री तो हम यहां पर पूरी की पूरी करेंगे तो बैंक में टोटल पैसा कितना आया फ्रंट लगे था और किस लिए लोगों ने अप्लाई किया था पर चार रुपए अप्लीकेशन में मंगवाए गए तो इसलिए बैंक में हमारे कितने आगे वन लाख ट्वेंडी थाउंड ठीक है और किस लिए है क्योंकि शेयर के लिए अप्लाई किया है पब्लिक नहीं लिया आपको तो यहां पर हम क्रेडिट करेंगे शेयर अप्लीकेशन अकाउंट को वन लाख ट्वेंडी थाउंड ठीक है नेक्स्ट एंट्री हमारी यहां पर अब अप्लीकेशन मनी जो आई है आप लोगों मैंने कल भी बताया था कि यह शेयर अप्लीकेशन आकाउंट होता है एक टेंपरियल एक आंच होता है ठीक है यह इसका जो बैलेज हो तो हम शेयर गैर्पास में ट्रांसपर कर देते क्योंकि यह पैसा आया है एलटिमेटली हमारे शेयर के प्रिटियल के लिए ही आया है तो लिए हम इसके balance को share capital में transfer कर देते हैं, तो उसकी entry हम यहाँ पर देखो क्या है, पहले share application account debit करेंगे हम, ठीक है, क्योंकि हम इसको अब transfer करेंगे, इसका balance हमें खतम करना है, तो इसके opposite side हम यहाँ पर entry कर देंगे, 30,000 से 1,20,000, ठीक है, total balance कितना है 1,20,000, जिसमें से, जिसमें से 20,000 shares पे जो application money आई थी, 4 पे के साप से, 80,000 रुपीज यहाँ पर company ने share capital में transfer कर दी, और जो बाकी के, जो बाकी के यहाँ पर 10,000 applications आई थे, जिसको company ने reject कर दिया है, उसको company ने यहाँ पर वापस कर दे, 2 bank account, हमारा bank account से वो पैसे चले गए हैं, तो इसलिए हमने bank account को यहा पर shares देंगे, और जो 40,000 रुपीज के shares को उन्होंने fully reject कर दिया था, उनको वो वापस कर देंगे, तो यहाँ हमारी first entry थी, application की, next देखो हमारी क्या है, allotment की, अब हमने यहाँ पर adjustment कर ली है, हमने यहाँ पर जिनको select किया था, उनके पैसे हमारे पास है, उनको हमने share capital में transfer करेंगे, और वो पैसा जो है, due करेंगे, यानि कि हम पहले उनसे पैसा लेने के लिए यहाँ पर entry पास करेंगे, जो बाकी के हमारे shareholders जो बन चुके हैं, जो जिनकी application हमने accept कर लिये है, जिनको हम अब shares देंगे, तो share allotment में, सबसे बहले हम share allotment account को debit करेंगे, कितने से, 80,000 स हमने मंगवा लिया है, और अब हमारे पास allotment money जो है, receive हो गई है, अब उसके entry क्या होगा, allotment का पैसा हमारे पास आया है, तो bank account, debit होगा, किकी पैसा हमारे पास आया है, कितनी amount से, 80,000 पीसे, ठीक है, किकी 20,000 पे 4 पे मंगवाये थे, और यहाँ पर जो हमारा share allotment account था, � पीस पास को call मने दियो, अब जो बाकी के 2 रुपे बच गए, हमने shares पे 8 रुपे मंगवा लिया, अब जो बाकी के 2 रुपे बच गए, उसको हम call के थूँ मंगवा लेंगे, तीके, तो आप लोगों को पता है कि जितना पैसा रह गया, company call 1, call 2 करके यहाँ पर मंगवा सकती कर देंगे, कितने से 40,000 रुपी से, तीके, उसके बाद next, अब यह पैसा हमारे पास आ जाएगा, तो पैसा जब आएगा, तो bank account हमारा debit होगा, कितने से 40,000 रुपी से, और share, final call account, ठीके, वो हम cancel कर देंगे, तो उसको हम credit करेंगे, कितने से 40,000 रुपी से, ठीके, 40,000 रु� पास करना होता है, तो आयो, आपको यहां तक clear हो गया होगा, कि यह हम, जब यह method होगा, तो हम कैसे यहां पर apply कर सकते, issue of shares में, कैसे general entry पास की जाती है, तो अगर यह आपको clear है, तो फड़ा पटसे एक बड़ी chat box में ज़रूर बताते हैं, कि आपको यहां तक clear, next एक हमारे इस case में क्या होता है, company किसी भी application को, मतलब fully reject नहीं करती है, और fully accept नहीं करती है, जैसे हमने पहले पढ़ा, कि इसमें क्या company किसी application को पूरा ही accept कर लेगी, जितने shares उसने मांगे थे, उतना उसको दे देगी, और किसी को तो एक भी share नहीं, पर इस method में ऐसा नहीं होता है, company क person है, जिसने यहाँ पर क्या किया, 5 shares के लिए apply किया, यहाँ पर 5 shares के लिए apply किया, और यह over subscription का case है, company को यहाँ पर shares सारे के सारे नहीं देने है, तो company अगर fully reject और accept का method रखेगी, तो company क्या कहेगी, या तो इसको 5 के 5 shares दे देगी, या फिर एक भी नहीं देगी, पर pro rata allotment मे तो तीन shares दे सकते हैं, ऐसे example मानों कि 20,000 shares issue किये गए थे, 40,000 applications आ गई, तो company नहीं यहाँ पर किसी भी share holder को reject नहीं किया, उसने क्या किया, कि जिसने 2 shares के लिए apply किया था, उसको सुरुफ एक share दे दिया, जिसकी वज़े से, ठीक है, यह जो 40,000 shares के लिए जिन लोगों ने apply क in proportion of the shares apply for, जो person जितने shares apply करेगा, उसके according उसको जो है shares दिये जाएंगे, clear है आपको, clear है, अब इसमें देखो क्या होता है, कि अगर, अगर company ने pro-reacted allotment किया है, तो देखो, company ने पूरे का पूरे shares तो दिये नहीं, अब जो application में money ज्यादा receive हो गई, जैसे मालों यहाँ प वो ज्यादा है, तो company इस amount को वापस नहीं करती, वो जो यह पैसा है, उसको आने वाली cause में adjust कर लेती, जैसे कि allotment का भी तो पैसा मंगवाना है, तो वहाँ पर यह पैसा जो है, adjust कर देगी, अगर जो सारा total पैसा, मतलब कि total जो हमने shares पे मंगवाना था, 10 रुपे मंगवा क्लियर है आपको, यहाँ पर दो points हमारे यही कह रहे हैं, कि सबसे पहले हम जो हमारे money है, उसको adjust करेंगे allotment के साथ, उसके बाद cause के साथ, अगर उसके बाद फिर भी कोई surplus बच जाता है, तो वो हम यहाँ पर refund कर देंगे, ठीक है, इसको हम यहाँ पर refund कर देंगे, clear है आपको, pro rata allotment बहुत ही important है, तो फटबट से एक वारी chat box में बता दीए, क्या आपको pro rata allotment clear है, फटबट से बता दीजे, अब इससे related हम यहाँ पर journal entries भी देखेंगे, तो फटबट से एक वारी chat box में बता दीजे, क्या आपको pro rata allotment clear है, तो यहाँ पर हमारी example दे� 2,00,000 के application आ गए, इनको अब 2 ratio 1, यानि कि जिसने 2 के लिए apply किया था, उसको 1 share यहाँ पर देगा, ठीक है, अब general entry हम finally यहाँ पर देख लेते हैं, तो general entry में जो application है, वो देखो क्या है, ABC limited, 20,000 shares of 10 each payable as follows, ठीक है, application उसके receive हुई है, 30,000 की, अब company ने decide कि यहाँ पर प्रो रा� 30,000 shares के लिए उनको allot करना है, तो उसके साब से कौन-कौन से हमारी general entries होगी, वो हम यहाँ पर फड़ा-फट से देख लेते हैं, तो पहली entry देखो क्या है, application की, तो application में तो सारा का सारा पैसा आता है, जो 30,000 shares के लिए लोगों ने apply किया है, apply लोग सभी ने किया है, तो उस टिके, तो share capital में आपको पता है, हम वही amount transfer करेंगे, जितने कि हमने shares issue किया है, उससे ज़्यादा नहीं, तो यहाँ पर देखो, share application account को पहले हम debit करेंगे, कितने से 1,20,000 से, उसके बाद share capital account में हम सिर्फ और सिर्फ 20,000 के जो पैसा आया है हमारे पास application का, 80,000 रुपीज ही हम application money आये थी, उसको हम यहाँ पर क्या करेंगे, share allotment में adjust कर देंगे, जब हम share allotment का पैसा मंगवाएंगे न, तब यह पैसा जो है हम adjust कर देंगे, clear है तो यहाँ पर हमने पैसा बापस नहीं किया, इसको हम next call में जो है adjust कर दिया, टिके, next question देखो यहाँ पर हमारा, next point यहा� capital account में transfer कर देंगे, 80,000 रुपीस, टिके, अब यह पैसा हम मंगवाएंगे, finally अगर यह पैसा हमें receive होगा, तो जब receive होगा न, तब थोड़ी entry change होगी, क्योंकि देखो हमने 10,000 shares पे, 10,000 shares पे 4 पे पहले ही मंगवा लिये थे, यानि कि जो application पे access आया था, उसको हमने allotment money के स पे ने आएंगे, 40,000 है, अब इसका क्यों गए, क्योंकि 40,000 रुपी जो application के वक्त ही access में आ गया था, जिसको हमने यहाँ पर adjust कर दिया है, next पे देखो, 4 entry pass, call money, अब देखो, last में call money मंगवा नहीं रह गई है, तो उसकी entry बिल्कुल same है, टिके, 2 रुपे बच गए हैं, व तो उसकी 10,000 हमने adjust किया वहाँ पर allotment में, उसके बाग भी कोई पैसा बच जाता, allotment देने के पूरे पैसा देने के बाग भी, तो उसको हम यहाँ पर final call में adjust कर दे, पर क्योंकि पैसा allotment में ही खतम हो गए, तो हमें यहाँ पर जरूरत नहीं है, टिके, अब next, next point हमारा क applications are accepted in full or some rejected in full and the remaining applications are accepted on a full rata basis, तो कौन-कौन से यहाँ पर point है, यहाँ पर देखने हैं हमें, तो सबसे पहले application money on rejected application is refunded, जो person के हमने shares बिल्कुल ही reject कर दिये, तो उनकी जो application money थी, वो तो हमें सबसे पहले refund करनी है, उसके बाग, टिके, उसके बाग जिनको हमने shares, कोई ना को� यहाँ पर pro rata basis पे adjust करेंगे आने वाली cost के according, तो यह दोनों के ही characteristics यहाँ पर मिल जाते हैं, तो यहाँ पर एक हमारी यहाँ पर example है, जिसके according हम यहाँ पर solve करेंगे, तो ABC limited है, जिसने 20,000 shares जो है यहाँ पर issue किये थे, 10 रपे का एक है, और application कितनी receive हो यहाँ पर 40,000, कितनी दिये, और 10,000 ऐसे थे जिनको fully reject कर दिया, जिनको एक भी share नहीं दिया, और बाकी के जो 10,000 shares थे, उनको pro rata basis पे allot किया, ठीक है, अब यहाँ पर एक diagram सी बना के हम देख लेते हैं, तो total देखो यहाँ पर, application कितनी आई है, 40,000 की, ठीक है, एक, total हमारे पास application कितनी आई है, 40 जा, और 10,000 उनको shares दे दिये, तो इसका मतलब क्या हो, कि 10,000 हमारे application कम हो गई, और shares भी हमारे पास 10,000 कम होगे, ठीक है, तो यहाँ पर, जो हमारी applications रह गई, वो कितनी रह गई, सिर्फ और सिर्फ 30,000 और shares भी कितने रह गये सिर्फ और सिर्फ 10,000 ठीक है उसके बाद next क्या किया हमने 10,000 application को reject के लिए उनको एक भी share नहीं दिया तो इसका मतलब क्या हुआ application कम होके कितने रह गये सिर्फ और सिर्फ 20,000 और shares हमारे पास 10,000 पड़े हुए हैं तो अब इस case मे पहली हमारी यहाँ पर कौन सी entry होगी application की जिसमें हमारा सारा का सारा पैसा आएगा 40,000 application होई थी हर पे चार पे आया था तो 160,000 हमारे पास total पैसा यहाँ पर application account में आ गया उसके बाद अब जो है important point हमें कि अब हमें share capital में transfer करना है तो share application account में total पैसा कितना है 160,000 तो उसमें स तो हमने देखा था कि 20,000 application में से 10,000 को हमने क्या किया थी सिर्फ 10,000 shares दी यानि कि 2 के बदले में एक share यानि कि 10,000 shares पे जो application money आई थी वो extra आई थी ठीक है 20,000 के लिए apply किया था तो उन्हें ने 20 का यहाँ पर पैसा भेजा था जिसमें से सिर्फ उनको 10 ही मिले 10,000 ही मिले त हम यहाँ पर adjust करेंगे उसके बाद हमने देखा था कि 10,000 को तो fully reject कर दे उनको तो एक भी share नहीं दिया तो उसको तो यहाँ पर हमें पैसा वापस करना पड़ेगा तो यहाँ पर हम क्या करेंगे bank account को credit कर देंगे कितने के साथ 10,000 के साथ तो 40,000 रुपी हम यहाँ पर वाप अलॉटमेंट की entry है तो due की entry हमारी बिलकुल same होगी यहाँ पर जो हमारी allotment की वी share allotment account कितने 20 पे 4 यहाँ पर 80,000 हमारी allotment हमने पैसा लेना है जिसमें से हमें जो है 40,000 receive हो चुके 10,000 shares पर application के money के रूप में हमें 40,000 receive हो गए तो इसलिए bank account में सिर्फ और सर्फ कितने आ और उसके बाद share capital account credit और उसके बाद हमारे बास इतने पैसे आ भी जाते हैं clear है तो यह हमारा पूरा concept था कि अगर over subscription हो जाता है किसी की इसमें तो company यहाँ पर कैसे shares को issue करेगी तो तीनों method मैंने आपको समझा दिये और उसकी जो journal entries होंगी वो क्या होंगी वो भी मैंने आप यहाँ पर शुरू कर दो तो फ़रवट से एक बारी चैट बॉक्स में बता दीजिए कि आपको यहां तक clear है next point हमारा देखो गया है यहाँ पर four feature of shares बहुत ही important है हमारा four feature of shares अब यह क्या होता है तो देखो जब company shares issue करती है तो आप लोगों को पता है कि company installment में पैसे मंगवा चैट को सब्सक्राइब कर देखो जब यहां पर देखो जब company यहां पर shares अलाउट कर देती है तो जिस person को company share अलाउट करती है वो क्या बन जाता है shareholder बन जाता है उसके पास ownership आ जाती है company की पर कई बर क्या होता है कि company वो जो person है जिसको shares allotted के हैं वो यहाँ पर installment के पैसे नहीं देता है तो company अब इस case में क्या करती है shares को for feature कर लेती है मतलब कि वो shares उस person ले छीन के अपने पास रख लेती है और उस पर जो पैसे आये होते हैं उसको भी अपने पास रख लेती है simple कहने का मतलब कि जो share holding थी उस person की उसे क्या कर दिया जाता है cancel कर दिया जाता है जैसे real life example मैं आपको बता दू कि हमने अगर कोई bike installment पर लिया है ठीक है तो हम अगर installment सही टाइम पर बेसते रहे हैं तो वो bike हमारे नाम पर रहती है जैसे हम installment बंद कर देते हैं देना default कर देते हैं कुछ टाइम के बाद वो bike जो है अगर वो bike अपने पास रख लेते हैं जो हमने installment दी हुई थी वो भी वो अपने पास ही रख लेते हैं ऐसे ही हमारे shares के case में भी होता है तो इसको हम यहाँ पर देखो four feature means cancellation of name of the defaulting shareholder from the register of members and the amounts already paid by him are four feature जब भी कोई shareholder owner बनता है company का तो उसका name लिखा जाता है members of register में और जैसे ही वो default बनता है उसका name हटा दिया जाता है अब वो shareholder नहीं रहता उसके बास company के rights नहीं होते हैं तो meaning आप लोग को यहाँ पर clear हो गया होगा फ़रा पर से हम प्रिप्टिया जाएगा तो यहाँ पर देखो example के साथ ही समझेंगे तो ABC limited है जिसने 20,000 shares issue किये है जिसका price कितना है 10 each है और final call जब final call यानि कि last call मंगवाई गई थी तो जब thousand shares है उन्होंने पैसा नहीं दिया था ठीक है thousand shares के जो owner थे उन्होंने यहाँ पर पैसा नहीं दि तो यहाँ तक हमारी journal entry बिलकुल same रहेंगी application की बिलकुल same journal entry हमारी रहेगी जब application receive होगी जब पैसा आयेगा जब हम पैसा आया था उसके बाद जब हम share capital में transfer करेंगे तो वो भी हमारी बिलकुल same रहेगी क्योंकि अलार्टमेंट तक उसने कोई भी default नहीं किया तो अलार्टमेंट तक जो हमने अभी तक entries पड़ी हैं वो बिलकुल भी बिलकुल same रहेंगी तो आप वो देख लेना ठीक है हम finally पहुंचते हैं जहाँ पर उसने यहाँ पर default किया है ठीक है कब default किया है जब हमने call मंगवाई � पर मंगवाना था credit share capital का ठीक है अब next जब receipt की बारी है ठीक है receipt में अब उन्होंने default कर दिया हमने do किया था कि लेने उसके बाद उसने पैसे दिये नहीं तो उस case में देखो अगर पैसे यहाँ पर नहीं दिया है तो bank में सिर्फ सिर्फ कितने आपके अगर किस कितने स्टेश के पैसे हैंगे ने 19,000 कि 20,000 मैं से तो एक हजार जो था उन्होंने डिफल्ड कर दें उन्होंने पैसे दिया है तो बैंक में सिर्फ कितने के पैसे आए 19000 के पैसे आएगे वह कितने होगे हमारे 38,000 ठीक है उसकी बाद जो अब वो default हो गया, ठीक है, जो total default हो गया, उसको हम यहाँ पर एक नया account open करके show करेंगे, जिसको हम क्या कहते है, cause in area, क्या कहते है, cause in area, ठीक है, अब यह कितना था, thousand पर two rupees, तो यहाँ पर two thousand rupees का यहाँ पर cause in area है, उसके बाद हम total जो finally यहाँ पर credit कर देंगे, किसको share final account, कि जैसे, तो यह हमारी general entry होगी, जब हम shares को यहाँ पर four feature करने वाले होगे, अब यहाँ पर देखो, हमने सिर्फ default की entry डालेगी, यहाँ पर default हो गया, अब finally, अब हम यहाँ पर क्या करेंगे, shares को four feature करेंगे, और उसकी entry यहाँ पर pass करेंगे, clear है आपको, अब हम shares को four feature करेंगे जब हम share capital में transfer करते थे, जब share capital में amount डालते थे, उसको हम क्रेडिट करते थे, जब हमारी share capital increase होती थी, तो उसको हम क्रेडिट करते थे, अब इसका rule बतातूं, जो capital हमारी liability होती है, और वो increase होती होती है, तो हम उसको credit करते हैं, अब जब हम share holding को cancel करेंगे, यानि कि shares को, जो ठीक है, क्या कर देंगे, हम इसको debit कर देंगे, कितने से करेंगे, लोगो cancel हमने सिर्फ और सिर्फ 1000 shares ही कियें, तो बाकी को हमने कुछ नहीं करना जितने हमने cancel कियें, सिर्फ उतने से ही share capital account को debit करेंगे कितने है, 1000 into 10, ठीक है 10 रुपे थे, 1000 shares थे जिसपे हमें 10 रुपे आये थे और वो सभी को सभी share capital को हमें cancel करना है, तो 10,000 से हम यहाँ पर share capital को debit कर देंगे, उसके बाद देखो cause in area account, अब यह जो share capital हमने खतम करने है जो हम 4 fees कर रहे हैं, उसपे हमें कितना पैसा रह गया था, 2000 रुपी उसको हम यहाँ पर क्रेडिट करना है अब ऐसा क्यों हुआ, क्योंकि देखो जब हमने final call की entry डाली थे, तो वहाँ पर हम cause in area में शो किया था, कि इस person से हमें इतना बकाय लेना है, अब क्योंकि हम फाइनली उसके shares को ही खतम करना है तो उसका बकाय भी तो खतम करना पड़ेगा ना तो वहाँ पर cause in area हमारा debit side में था, तो उसको खतम करने के लिए हमने entry कहा कर दी, credit side में यहाँ पर entry कर दी, कितने से किया, 2000 रुपी उसको देखो, next अब हमें credit करना है, share for feature account अब जो पैसा, उसने हमें pay कर दिया था, उसने देखो, एक तो application की amount pay कर दी थी, एक allotment की amount pay कर दी थी, तो उस पैसे को हमने क्या कर लिया, यहाँ पर for feature कर लिया तो for feature करने के लिए हम इसको क्या करेंगे, credit करेंगे, कितना करेंगे, 8000 लिए तो यहाँ पर आप देख सकते हो, कि 10,000 की share capital को हमने cancel किया, जिसमें से 2000 को तो हमने पैसा नहीं आया था, और 8000 हमने आ गया था, जिसको हमने for feature कर लिया, for feature हमने यहाँ पर कर लिया, तो यह हमारी general entry होती है for feature करने की, clear है आपको clear एक बड़ी chat box में जरूर बता दीजिए कि आपको यह वाला entry clear अब यह आपने देखा कि इसमें किसी भी तरह का premium नहीं था, at bar पे था जितने हमारी face value थी, उतने पे हमने share issue किया था, अब हम premium पे बात करने वाले हैं, तो फड़ा पर से एक बड़ी में जरूर बता दीजिए कि आपको पहले वाला point clear है ताकि इसमें किसी भी तरह का यहाँ पर confusion नहीं हो, फड़ा पर से एक बड़ी में जरूर बता दीजिए, तो next point हमारा देखते हैं यहाँ पर, four feature of shares in case shares are issued at premium, अगर shares को यहाँ पर premium पे issue किया जाएगा, तो example देखो, हमने यहाँ पर issue किये था, 20,000 जिसका price, face value कितना है 10 और 2 रुपे हमें premium मिलेंगे और यहाँ पर final call जो है 1000 shares की वो pay नहीं की गई थी तो जब से पहले यहाँ पर देखो, application पे हमें 1 रुपे, 4 रुपे application के होंगे face value के होंगे और 1 रुपे premium मिलेगा, allotment पे हमें 4 रुपे मिलेगा और final call पे हमें यहाँ पर 2 रुपे प्लस 1 रुपे premium का मिलेगा, तो हम यहाँ पर default कब किया गया है, final call पे किया गया है तो हम सीधा यहाँ पर final call पे पहुंचते हैं वहाँ पर देखते हैं कि entry हमारी क्या होगी बाकी entry हमारी बिल्कुल same है तो वो entry हम दुबारा से दोहराएंगे नहीं, तो यहाँ पर देखो सबसे पहले हम amount को यहाँ पर क्या करेंगे, due करेंगे, share final account को हम यहाँ पर debit करेंगे, कितने से 60,000, क्यों, तो देखो 20,000 के shares हैं, जिसपे हमें 3 रुपे आने, 2 रुपे face value के और 1 रुपे premium, तो total 3 रुपे आएंगे तो 60,000 रुपे हमने due कर देंगे shareholders हमें 60,000 रुपे लेने हैं उसके बाद देखो, share capital account पर हम transfer करेंगे, जो face value हमारी कितनी है 40,000 रुपे, और यह बाकी का हिस्सा जो, 20,000 extra book है हमारा security premium account, इसको हम security premium reserve account में transfer कर देंगे clear है आपको, clear है क्योंकि यह 2 रुपे हमारी face value का है, उसके बाद आप finally हम यहाँ पर पैसे मंगवाएंगे तो इसमें आप यहाँ पर default हो गया है जिसकी वचे से पैसे हमारे कम आएं तो सबसे बढ़े देखो, 1000 shareholders ने यहाँ पर default है, जिसकी वचे से सिर्फ हमें यहाँ पर 19,000 पर ही 3 रुपें आएं, जो हमारा बनता है 57,000, तो हमें 57,000 रुपी हमें मिले, उसके बाद cause in area में हम शो करेंगे कि 1000 shares पर 3 रुपें नहीं मिले, तो 3000 हमारा यहाँ पर क्या है, cause in area है और 2 share final call account को हम यहाँ पर क्रेडिट कर देंगे, 60,000 की ठीक है, उसके बाद अब हमें यहाँ पर पता लग गया कि इसने default कर देंगे, पैसे नहीं आए है, अब हम यहाँ पर उसकी shares को forfeits करेंगे, अब उसकी shares को हम cancel करेंगे, तो सबसे पहले देखो entry हमारी क्या होगी, share capital account, तो इसका तो मैंने आपको बताया कि share capital account हम क्यों debit करते हैं, तो same amount 10,000, ठीक है, 10 रपे उसकी face value थी, और share capital को हम उसकी face value से ही कम करेंगे, क्यों share capital में हम जितनी है amounts send करते हैं, transfer करते हैं, जो face value की होती है, तो 10,000 हम यहाँ पर share capital को cancel करेंगे, उसके बाद उसके बाद देखो, हमने जब amount यहाँ पर due की थी, आप यहाँ पर due की entry देख सकते हो, due का मतलब क्या हुआ, कि हमने यहाँ पर security premium में यहाँ पर पैसे लेने हैं, ठीक है, यहाँ पर ठीक है, यहाँ पर हमने 20,000 रूपीज यहाँ पर हमने due किये थे, कि हमें इतने पैसे लेने हैं, किसे shareholder से लेने हैं, क्योंकि उस person ने आप default कर दिया, और हम उसके shares को forfeits कर रहे हैं, तो अब यह जो बकाया दिख रहा है, इसको हम cancel ही कर देंगे, इसको cancel करने के लिए हम क्या करेंगे, यहाँ पर debit करेंगे, और एक और चीन मैं आपको बता दू, कि security premium की जो amount होती है, उसे हम forfeits नहीं करते, जो पैसा हमारे पास आ जाता है, security premium का जो पैसा आ जाता है, उसको हम अलग रखते हैं, और forfeits सिर्फ और सिर्फ हमारे यहाँ पर share capital की amount को ही करते हैं, यानि कि face value पे ही करते हैं, हाँ, हाला कि अगर हमने किसी case में security premium account को due कर दिया है, यानि कि हमने show कर दे कि हमने यह पैसा लेना है, तो उस case में हमें इसे cancel करने की ज़रूरत भी पड़ती है, और अगर किसी case में आपको security premium आपने due कर दिया है, उसकी payment आपको आ गई है, तो forfeits account में उसको आपको show करने की ज़रूरत नहीं होती है, clear है, कहने का मतलब कि security premium amount हम forfeits नहीं करते, सिर्फ शेर capital की amount को ही forfeits करते हैं, तो यहाँ पर देखो security premium में जो हमने cancel किया है, वो कितना है, 1000 रुपीज है, उसके बाद देखो cause and area हमारा कितना था, 3000 का, हमें 3000 रुपीज के पैसे नहीं मिले दे, उसके बाद देखो share forfeits में हमने सिर्फ और सिर्फ 8000 रुपीज ही यहाँ पर forfeits की है, पर आप देख सकते हैं कि पैसे हमें ज़्यादा मिले, हमें premium का पैसा भी मिला है, application पर भी मिला है, मिला है न, एक रुपे ज़्यादा मिला है न, तो फिर भी हम सिर्फ और सिर्फ यहाँ पर share capital की amount यानि की 8000 रुपीज, जो कि face value है, उसी को हम यहाँ पर forfeits कर रहे हैं, premium को forfeits नहीं करें, clear है आपको, तो यह हमारा case था, अगर हमने यहाँ पर shares को premium पर issue किया था, और इस case में हमें forfeits करना पड़ा, ठीक है, यह हमारा second case था, तो फड़ा पड़ से एक बारी chat box में पता दी, कि आपको यह वाला clear है, पर इन पर पता दी, कि आपको यह वाला point clear है, next point और भी important है हमारा यहाँ पर re-issue of shares, फड़ा पड़ से एक बारी chat box में पता दी, next point हमारा क्या है यहाँ पर re-issue of shares, अब यह re-issue of shares क्या होते है, तो देखो जब हम shares को forfeits कर लेते हैं, जैसे example के हमने यही देखते हैं, 20,000 हमने share capital issue किये थे, ताकि हम 20,000 के equivalent share capital को raise कर पाए, तो उसके लिए हमने यहाँ पर shares issue किये थे, जिसमें से हमने 1000 shares यहाँ पर क्या कर ले थे, forfeits कर ले थे, इसके बज़े से अब हमारे जो shares हैं, वो total कितने रह गए, 19,000 ही रह गए, ठीक है, तो अब हमें further यहाँ पर इसको 20,000 करना है, इसलिए यह जो हमने 1000 shares को forfeits कर ले था, इसको हम दुबारा से issue करेंगे, तो इसी को हम यहाँ पर क्या कहते हैं, re-issue of shares, जब हम shares को forfeits कर लेते हैं, और उसके बाद हम उसको जो है, market में दुबारा से यहाँ पर issue करते हैं, ताकि हम अपनी share capital को वापस से उतनी कर पाए जितने हमने issue किये थे, तो उसे हम यहाँ पर क्या कहते हैं, re-issue of shares, ठीक है, तो यहाँ पर meaning देखो, forfeited shares can be re-issued by the company तो उस case में हम जब shares को issue करते हैं, तो उसका पैसा सभी एक की साथ मंगा देते हैं, ठीक है, अब हमें installment में करने की ज़रूरत नहीं है कि application पे इतना पैसा मंगवा लिया, allotment में इतना पैसा, ऐसा करने की ज़रूरत नहीं है, हम एकी बार में सारे के सारे यहाँ पर पैसे मंगवाते हैं, तो उसके entry देखो हमारी यहाँ पर क्या होती है, सबसे पहले bank में पैसे आएंगे, तो माल लेते हैं कि जो 1000 shares हमने 4 feature के the same example, वो कितने हमारे यहाँ पर 9 रुपी से issue किये, पहले उसका face value कितना 10 रुपे पर market में ऐसी condition चल रही है, जिसकी वज़े से हमें मजबूरी में यहाँ पर 9 रुपे की हिस्ताब से shares को issue किये और 1 रुपे का loss नेना पड़ा, जिसकी वज़े से हमारे पास पैसे सिर्फ और सिर्फ कितना है, 19,000 रुपी, उसके बाद यहो क्या है, share for feature account, अब यह जो 1 रुपे का हमें loss हुआ है, जो 1 रुपे का loss हुआ है, वो हम किस से cover करेंगे, जो हमने share for feature किये है, एक चीज़ मैं आपको बता दू कि जो companies हैं, उसको allow नहीं होता कि वो shares को discount पर issue करें, तो इसलिए जब हम re-issue करते हैं shares को, तो उसमें जो discount वगेरा हमें देना पड़त
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