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DEFINITION, SCOPE & ACCOUNTING STANDARDS INCLUDING IND AS — a Bank Promotions accounting in depth video lecture on Learning Sessions.
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रिमाघर बस शुरू करें के लिए citation वे..? सबसे बहुत नर्जूद गई लिसपूरत intermediates की वर्षजा shooting गारावींय जरूरत में की रखते हैं तो देखो general इजब हम business करते हैं, हम कोई भी business करते हैं, तो business में हमें कई तरह की transactions करनी पड़ते हैं, जैसे हमें purchases करनी पड़ती हैं, हमें इस समाँ को खुरीदना पड़ता है, हम उसको बना के बाद में market में sale भी करते हैं, हमें कई तरह के wages, अपने workers को wages pay करने पड़ते हैं, हमें यहाँ पर salaries भी pay करनी पड़ती है, ठीक है, बहुत सारी हमें transaction करनी पड़ते हैं, तो जो business होता है, उसके लिए जरूरी होता है, कि यह जो transactions हुई है, यह जो transactions हुई है, उसको एक systematic manner में, proper तरीके से record करके रखे, ताकि उसको business के बारे में information मलती रहे, कि business में आखिर कर चल क्या रहा है, ठीक है, उसने किस person की कितने पैसे देने, उसने किस person से इतने पैसे लेने, उस सब information के बारे में उसको यहाँ पर पता लगता रहे, तो इसके लिए company को जुरूरी transaction को proper तरीके से record करे ताकि उसे पता लग जाए कि कौन सी transaction कब की थी किस date पे की थी किस person से की थी उसके बारे में detail information मिलती रहे और इसी बेस पे जो और business होते हैं जो businessman होते हैं उनको यह भी ज़ूरूरी होता है कि वो जो यह business कर रहे हैं ठीक है उसमें उन्हें profit हो रहा है या फिर loss हो रहा है क्या उसे यह business further continue करना चाहिए या बंद कर देना चाहिए तो यह चीज information मिलनी ज़ूरूरी होती है तो यहाँ पर entry होती है हमारे accounting तो यह जो चीज हमने पढ़ी है कि transaction को systematic manner में record करना ठीक है और जो भी transaction हुई है उसके base पर यह देखना कि हमें profit हो रहा है या फिर loss हो रहा है उसके लिए हमें accounting करनी ज़ूरूरी होती है accounting में basically हम business में होने वाली जितनी भी transaction है उसको systematic manner में record करते हैं और उन्ही transaction के basis पर हम जो है organization का यहाँ पर profit या loss जो है वो calculate करते हैं ठीक है तो इसके लिए accounting बहुत ही ज़ूरूरी है और यहाँ पर एक बारी मैंने आपको बता दिया कि जो accounting है वो business के लिए करी जाती है ठीक है हमने देखा कि जो business में transactions हो रही हैं उनके लिए उनको record करने के लिए accounting की ज़रूरत होती है तो इसका मतलब क्या हुआ कि जो accounting है वो बनी की इसके लिए है business के लिए normal life में जो हमारी personal life है तो हमें accounting करने की ज़रूरत नहीं होती है पर जो businesses हैं ठीक है जो business करते हैं लोग, उनको जो है accounting करने की ज़रूरत होती है, तो accounting किस से related है हमारी business है, यह point आपके mind में बिल्कुल clear होना चाहिए, कि जब भी accounting की बात होगी, तो उसका मतलब है business, ठीक है, accounting का relation किस के साथ है, business के साथ, तो हम इसको अब detail में समझते हैं, meaning समझते हैं, कि accounting basically है क तो पहला word यहाँ पर देखो, आपका लिखा हुआ है process of accounting, तो इससे एक चीज़ clear है, कि जो accounting होती है, वो एक process होती है, process का मतलब क्या होता है, यहाँ पर लिखा है process, ठीक है, इसके आगे activity क्यों नहीं लिखा है, तो इसका मतलब देखो क्या होता है, process generally क्या होता है, जब हम car बनाने के लिए, पहले हम raw material खरीदेंगे, उससे हम car का structure design करेंगे, ठीक है, उसके बाद जो है, finally जब structure बन जाता है car का, तो हम जो है उसमें important parts लगाते हैं, उसके बाद उसको paint वगैरा करते हैं, तो आप देख सकते हो, कि एक car को बनाने के लिए कितने यहाँ पर activities करने पर activity है, तो जो accounting है ना, वो कोई activity नहीं है, वो एक पूरी की पूरी process है, उसमें हमें multiple steps follow करने पड़ते हैं, या फिर आप कह सकते हो कि multiple activities हमें यहाँ पर करनी पड़ती है, तो clear है आपको, एक word यहाँ पर clear है कि accounting क्या है, एक process है, तो यहाँ पर देखते हैं कि accounting process में basically किया क्या उसे की classification करनी, summarizing करनी, analyze और interpretation करना और communicating, यह five steps हमारे होते हैं, five activities होती है accounting में, ठीक है, तो एक एक करके हम इसको detail में समझेंगे कि यह activities होती हैं और कैसे इनको जो है करा जाता है, clear है आपको, तो process हमारी पूरी की पूरी यह होती है, यहाँ से start होते है recording of transaction से और communication पे आके ही सब्सक्राइब करना अब अच्छा नहीं है कि अपनी मरजी से कहीं भी कोई भी transaction record कर दी, recording का मतलब है कोई भी transaction हुई, तो उसको एक systematic manner में, proper manner में जो है record करना, तो यहाँ पर देखो जब भी हम transaction को record करते हैं, कोई भी transaction हुई, उसको जब हम record करते हैं, तो उससे पहले हमें � अधिमास ने बहुत तरहिके कीежде transactions देखेंगे तो यहाँ पर देखो मैंने multiple transactions दिये यहाँ पर देखो लिखा एक raw material हमने purchase किया है यहाँ पर कितने का 10,000 रुपीस का ठीक है उसके बाद देखो हमने एक wages pay की है कितने की 5,000 रुपीस की उसके बाद देखो selling goods to a customer एक customer को हमने यहाँ पर goods sale की है 15,000 के और एक car purchase की अब हमें जो है recording करनी है तो सबसे पहले recording करने से पहले हमें इन transactions में से identify करना है कि कौन से transactions हमारी financial transactions है और events है उनको हमें यहाँ पर recording करनी है तो मैंने आपको पहले बताया था recording करने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी transaction उसको फटा फटा से record कर दे recording का मतलब है कि recording करनी है एक systematic manner दो चीजें देखनी पड़ती है, एक सबसे पहले यहाँ पर देखो, बिजनस से related होनी चाहिए, इसके लिए मैं short में लिख रहा हूँ B, जब भी हम transaction को identify करें, तो हमें दो चीजें को ध्यान में रखना होता है, पहली कि अगर कोई transaction business से related है, तो हम सिर्फ उसी को record करेंगे, अगर कोई transaction business से related नहीं है, तो हम उसको record नहीं करेंगे, क्योंकि मैंने आपको शुरू में बताया था, कि जो accounting की जाती है, वो business के लिए की जाती है, तो अगर कोई transaction business की है नहीं, जैसे मालो owner है, उसके personal use में, उसने एक घर खरीद ले आए, उसने एक car अपने personal use के लिए खरीद ले, वो तो business से related है ही नहीं, तो हम जो इसको record नहीं करेंगे, तो जब भी हम transaction को identify करें, तो पहली चीज़ हम देखेंगे, कि क्या वो transaction business से related है, अगर वो business से related है, तो next हमें एक और चीज़ यहाँ पर identify करनी होगी, कि वो जो transaction है, क्या हम उसको monetary terms में calculate कर सकते हैं, दो चीज़े देखनी जरूरी है, identification के लिए, पहली कि business से related हो, दूसरी कि उस transaction को हम monetary terms में calculate कर सकें, इसका मतलब क्या हुआ, कि यहाँ पर देखो, हमने raw material purchase किया है, तो इसकी हम monetary terms में value calculate कर सकते हैं, जो raw material हमने खरीदा है, वो कितने है, 10,000 पीस का, तो इस transaction को हम books of account में record कर लेंगे, इसको हम record कर लेंगे, क्योंकि इसने दोनों transaction, दो जो condition थी, एक हमारी थी, कि business से related हो, plus यह monetary terms में calculate हो रही है, तो इसको हम अपने books of account में recording कर लेंगे, उसके बाद next transaction देखो, wages paid to workers, इसको भी, देखो wages related है किसके साथ, business के साथ, वो production कर रहे हैं business के लिए, तो उनको जो wages paid की है, वो किसके साथ related है, business के साथ, और यहाँ पर हम देख सकते हैं कि हमने wages जो paid की है, तो उस wages का हम calculate कर सकते है monetary value में, कितनी है, 5000, इसको भी हम books of account में record कर लेंगे, उसके बाद same selling goods to a customer, हमने customer को goods sale किया है, तो यह भी हमारे business से related है, और यहाँ पर इसकी भी value हम 15,000 calculate कर सकते हैं, तो इसको भी हम यहाँ पर record करेंगे, उसके बाद next देखो क्या है, car purchase की गया है personal use के लिए, तो यहाँ पर देखो पहली चीज़ कि कोई car purchase की है, यह transaction हुई, पर यहाँ पर लिखा है कि personal, जो owner है उसने अपने personal use के लिए घर के लिए खरीदा है, तो यह तो है अपने business से related नहीं है, तो इसने पहली condition ही नहीं पूरी की, तो इसको हम यहाँ पर record नहीं करेंगे, ठीक है, इसको हम record नहीं करेंगे, क्योंकि यह तो business से related है नहीं, business transaction है नहीं, उसके बाद देखो next transaction क्या है, जो हमारे 50% employees हैं, वो hard working और loyal है, जितने हमारे total employees हैं, उसमें से सिर्फ 50% ही जो है hard working और loyal है, और महनत के साथ काम करते हैं, तो यह देखो एक important information है, business के point of view से, पर यहाँ पर देखो related है business के साथ, इसने एक condition पूरी कर दी कि यह business के साथ related है, पर उसके बाद इसने दूसरी condition पूरी नहीं की, कौन सी condition, क्या हम इसको monetary terms में calculate कर सकते हैं, 50% employees हमारे hard working और loyal, तो इसको हम monetary terms में calculate नहीं कर सकते हैं, इसकी value कितनी है, कि इसकी वज़ेस हमें कितना loss हो रहा है, यह चीज हम calculate नहीं कर सकते हैं, तो यहाँ पर इसने जो है, दूसरी condition को पूरा नहीं किया, तो इसको भी हम यहाँ पर record नहीं करेंगे, तो यहाँ पर एक चीज आपको clear हो गई होगी, कि business में हम सिर्फ उन्ही transaction को record करते हैं, accounting में basically, जो की business related हो, और उसको हम monetary terms में calculate कर सकें, उन्ही transaction को हम यहाँ पर क्या कहते है, financial transaction या फिर events, तो पहला देखो recording करने से पहले हमने identify कर लिया, कि अब यह transaction record करनी है, तो यहाँ पर हमने देख लिया, कि इन तीन transaction को हमने accounting में record करनी है, यह जो हमारी पहली तीन transaction है, अब देखो next हमारा यहाँ पर क्या है, measuring the identified transaction, अब जो हमने transactions को identify कर लिया, जितनी भी हमारी transactions को identify कर लिया, अब उसको हमें monetary terms में measure करना है, और basically उसको हमें यहाँ पर अपनी books of account में record कर लिया, तो recording करने से पहले हमें यह दो चीज़े करनी ज़रूरी होती है, recording of transaction, तो जैसे ही कोई transaction हुई, उसको हमें record करना है, यहाँ पर कोई भी हम diary लगा सकते हैं, कोई हम यहाँ पर book लगा सकते हैं, जिसमें जो है हम यहाँ पर transaction record करते हैं, तो यहाँ पर मालो कोई purchase हुई है, तो आपने उठा के यहाँ पर record कर दिया, आपने कोई sale की है आपने यहाँ पर record कर लिया तीसरा फिर कोई wages pay की है तो उस transaction को आपने यहाँ पर record कर लिया ठीक है तो यहाँ पर record कर लिया अब यह जो book है ना ठीक है हमने कोई special book या copy कुछ भी कह लो ठीक है वो हमने यहाँ पर लगाई हुए है अब इस book को हम यहाँ पर � book of entry. या फिर हम इसको जो है journal भी कहा देते हैं इसको हम journal भी कहा देते हैं. तो name आपको याद सकने या फिर हम इसको जो है journal भी कहा देते हैं. ठीक है? अब यह जो process है जिसमें हमने यहाँ पर transactions को record किया है. उस process को उस activity को हम यहाँ पर क्या कहते ठीक है? Journalizing. Basically, यह जो हमने transaction की है ना, कि जितनी भी transaction हुई, उसको एक book में, एक यहाँ पर copy में जो है record कर ले, इसको हम यहाँ पर क्या कहते हैं? Journalizing. यह भी question बन सकता है, कि जब हम books recording करते हैं, books में recording करते हैं, तो उस process को, उस activity को क्या कहते हैं? तो उसका answer है हमारा Journalizing. उसके बाद देखो, next हमारा step है यहाँ पर classifying of transaction. अब देखो हमने यहाँ पर transaction को record कर ले, यहाँ पर हमने देखो एक book लगाई थी, जिसमें हमने एक साथ यहाँ पर purchase की transaction, यहाँ पर sale की transaction, वो सारी हमने यहाँ पर लिखने हैं. उसके बाद next step हमारा, next जो activity होती है, next step होता है, वो क्या होता है? Classifying of transaction. इन transaction को हमें classify करना होता है, तो सबसे पहले हम यहाँ पर classify का meaning समझ लेते हैं, कि classify का मतलब क्या होता है? तो देखो, इसको एक example के साथ समझेंगे, यहाँ पर देखो एक store है, ठीक है, एक store है हमारा यहाँ पर, उसमें क्या है न, कि एक room रखा हुआ, एक room बनाया हुआ, simple एक room बना हुआ यहाँ पर, उसमें न, shoe store है, बहुत सारे यहाँ पर जूतों का business करते हैं, उसमें क्या है, जैसे Puma के लिए उन्होंने एक अलग से एक self बना दिया या फिर एक container बना दिया जिस पे जो है वो अपने shoes को दिखाएंगे, शो करेंगे, रखेंगे, ठीक है, finally रखेंगे, ठीक है, और Nike के लिए यहाँ पर एक अलग से self बना दिया, container बना दिया, ठीक है, और भी जो हमारे other एक साथ पड़ी हुई goods को उनकी nature के हिसाब से अलग-अलग जो है classify कर देते हैं, उसको हम यहाँ पर क्या कहते है classification, या फिर आप एक और example समझ सकते हो कि आप मालो एक box है यहाँ पर, उसमें multiple color की balls पड़ी हैं, red भी पड़ी हैं, green भी पड़ी हैं, ठीक है, तो एक साथ पड तो accounting में आप classification कैसे की जाती है, तो यहाँ पर देखो, journal में हमने एक साथ जो है जितनी भी transaction थी उसको यहाँ पर record कर दिया, अब next में हम यहाँ पर क्या करते हैं, जैसे मालो यहाँ पर purchase थी हमारी, ठीक है, यहाँ पर हमारी sale थी, तो हम क्या करते थे न, यह जो transaction है, उनको � है, इस journal में जितनी भी purchase की transaction थी, वो हम इस एक जगा पर ले आते हैं, और जितनी भी purchase की transaction हैं, हम इस purchase account में डाल देते हैं, ठीक है, ऐसे ही sale है, जैसे sale की multiple transaction है, तो हम यहाँ पर क्या करते हैं, यहाँ पर sales account उपन nature के हिसाब से अलग-अलग classified कर देते हैं अलग-अलग कर देते हैं। उसके लिए हम एक अलग से account create करते हैं हर transaction के लिए और उसमें सारी के सारी transaction record करते हैं। इसको हम यहां पर classification of transaction क्लियर है आपको। clear है? क्या अ!आ पर से कमारी वजह को चार पर जरूर हो.था। exchanged Yarko व्रयोक्तिज ChaoTamg that the app क्या थूस पर दिया के रूह आएगय ⁶ो- सेट टुरो में आपके पहले हम वहारा सुरू कर लेगा। क्या यहां तक आ स्क्राइट रूपकर mirabai मिनष्य चर्ज जाए है। क्या अ� बेज्जस अकाउंट हो गया, उसके बाद next चीज हम यहाँ पर क्या करते हैं, उनकी summary बनाते हैं, जितनी भी हमने transaction को classify किया है, जितनी भी हमारी business की transaction है, उसकी एक summary बनाते है, summary आप लोग को पता ही है, कम words में ज़्यादा information, ठीक है, जब हम पड़ते थे तो यहाँ पर क्या ह उनको जब हम record कर लेते हैं, classify कर लेते हैं, तो उनकी एक summary बना लेते हैं, नहीं कि रिसे� Kado-e आना के लिए किंदिक जरूर की करते हैं। तो summary बनाने के लिए हम इसके डिफरेस्टेंट में एक स्टेड क्लासी बनने के लिए क्या करते हैं, सबसे पहले देखो एक trial balance बनता है, ठीक है, trial balance आप लोगों को पता है कि एक ऐसी sheet होती है जिसमें हम जो जितने भी हमारे ledgers होते हैं, जो हमने अभी बात के, जो account खोले थे न, purchase account, sales account, उसको हम ledgers भी बोल देते हैं, उनके जो balances होते हैं, उनको हम trial balance में show कर देते हैं, ठीक है, � summary है, जो हमारे accounting transactions हैं, उनकी एक summary है, उससे हमें business के वारे में important information मिलती है, ठीक है, तो यहाँ पर देखो, summary करने के लिए आपको trial balance बनाना पड़ता है, और उससे जो है आपको, finally आप profit and loss account बनाते हैं, trial balance की help से, और उससे हम balance sheet भी बनाते हैं, ठीक है, उसके बाद देखो, next ह analysis का मतलब, deep critical examination, जो हमने यहाँ पर summary बनाई थी न, यहाँ पर जो हमने accounts बिजनस transaction की summary बनाई थी, उनकी हम critical examination करते हैं, उनको proper तरीके से study करते हैं, उनको analyze करते हैं, कि यह जो transaction है, उसके base पर हम एक result find out करते हैं, कि हमें business में profit हुआ है, या फिर loss हुआ है, ठीक है, profit and loss account से हम भी कर लेते हैं, तो उससे हमें पता लगता है कि इस समय जो organization है, उसकी financial position कैसी है, ठीक है, वो हमें कैसे पता लगता है, सिर्फ summary बनाने से थोड़ी न पता लगता है, summary में हमने बना के रख ली, statement, trial balance, profit and loss account, balance sheet, उसके बाद उसको critical examination करना ज़रूरी है, उसको पढ़ना ज़ कर ले, कि हमें business में profit हो रहा है, या फिर loss हो रहा है, उसको वो जो result हमने find out किया है, जो यहाँ पर हमने result find out किया है, उस result को finally हमें communicate करना होता है, उनको बताना होता है, किन को बताना होता है, जो users होते हैं, जो हमारे accounting information, हमारे business information के users होते हैं, जो हमारे business के accounting information लेना चाहते हैं तो users कौन हो गए, owners हो गए, investors हो गए, तो जब हम result वगैरा find out कर लेते हैं, तो last step हमारा होता है, जो हमने result find out किया, उसको communicate करना अपने users के साथ, तो यहाँ पर देखो, यह हमारा होता है process of accounting, ठीक है, जब हम accounting करते हैं, तो हमें इतनी चीज़े जो है यहाँ पर करनी ज़रूरी होती है, तो एक बारी फटा फटा से यहाँ पर क्योंकि revision कर लेते हैं, recording of transaction पहला step है, ठीक है, हमें transaction को proper manner में record करना है, उसके बाद transactions को classify करना है, उसके natures के हिसाब से, उसके बाद जब हमने transaction की recording ब� आपको यहाँ पर पड़ेंगे, तो फटा फटा से एक बारी चैट बॉक्स में जरूर बता दीजिए, क्या आपको यहाँ तक clear है, फटा फटा से बता दीजिए यहाँ पर, क्या आपको clear है, फटा फटा से बता दीजिए क्या आपको यहाँ तक clear है, process clear है accounting, क्योंकि आगे देखो, आपका जो base बनेगा न, जो accounting में हम आगे topics करेंगे, जितने भी करेंगे, ठीक है, accounting से related होगा, उसका base आपका यहीं से start होगा, अगर आपको accounting के बारे में clear होगा न, क यहाँ पर देखो, accounting एक process है, वो हमने पढ़ लिया है, क्या, कौन सी process है, recording, classifying, summarizing, business and financial transaction, यहाँ पर बोला है कि जो business की transaction है, और जो financial transaction है, ठीक है, ऐसी transaction जिसको हम in a way terms में calculate कर सकते हैं, उन transaction को हम record करते हैं, classify करते हैं, और summarize करते हैं, उसके बाद, जो summarize करने के बाद हम analyze भी क result find out किया है, वो हम users को यहाँ पर report कर देते हैं, communicate कर देते हैं, तो यह हमारा accounting का meaning है, उसके बाद देखो, types of accounting, ठीक है, types of accounting, अब देखो, आप लोग को पता है कि business में कई activities की जाती हैं, तो उनके nature के हिसाब से यहाँ पर accounting को जो है, mainly हम three parts में divide करते हैं, हम यहाँ पर ज़्य management accounting, तो हम एक overview लेंगे यहाँ पर कि कौन सी accounting किस काम आती है, सबसे पहले देखो financial accounting का मतलब है यहाँ पर, नाम से पता लग रहा है, financial information, इससे हमें किसी organization की financial performance का, financial position का पता लगता है, for example, जो financial accounting है, उससे financial account में हम basically क्या करते हैं, profit and loss account बनाते हैं और balance sheet बनाते हैं, ठीक है, � यहाँ पर जो balance sheet है, वो बनाते हैं, इससे हमें क्या पता लगता है, profit and loss account से हमें यह पता लगता है कि business से इस साल, जो particular year है, उसमें कितना profit कमाया, उसकी performance कैसी रही है, ठीक है, और balance sheet हमें यह पता लग जाता है कि यह जो particular date है, यह last जो 31st March है, उस date पे जो organization है, उसकी financial position कैसी accounting, अब cost accounting किस से related है, तो यहाँ पर देखो, business जब हम करते हैं, जैसे मालो हम manufacturing का business करते हैं, मैं chair बनाता हूँ, ठीक है, मैं chairs बनाता हूँ, इस चीज का यहाँ पर business करता हूँ, तो यहाँ पर देखो, chairs बनाने, जो financial accounting है, वो सिर्फ यह बताएगा, यह जो chairs है, ठीक है, यह � पहले हमें cost का पता होना चाहिए, कि cost कितनी आई है, उसके बेस पे ही तो हम अपना profit add करते हैं, selling price जो fix करते हैं, तो cost accounting से हमें किसी भी product या service की cost का पता लगता है, कि इसकी cost कितनी है, और यह cost जो है, वो आई कैसे है, कहां कहां पर जो कौन-कौन से यहाँ पर खर्चे किये बनाई हुई है, डिस्कस किया हुआ है, उसका link भी आपको वीडियो के description box में मिल जाएगा, अगर आपको cost accounting डिटेल में पढ़ना है, तो उस link पर क्लिक करके आप जो है, वो cost accounting related वीडियो भी देख लेना, तो cost accounting से हमने generally cost का पता लगता है, cost आई कैसे है, उसको हम control कैसे कर स कबर कर चुके हैं, तो आप वो वीडियो देख सकते हो, तो हम जो है यहाँ पर पूरा accounting को concept को ही लेकर चलेंगे, कि accounting basically है क्या, ठीक है, generally हम financial accounting ही देखेंगे उसमें, cost accounting के लिए अलग से module है हमारा, ठीक है, तो यहाँ पर cost accounting से हमने यह information मिलती है, उसके बाद देखो, management accounting से ह पर director कहते हैं, ठीक है, उन्हीं से मिलके management मिलती है, जो director हैं, जो members हैं, जो company को चला रहे हैं, उन सब को एक साथ हम क्या कहते हैं, management, तो management accounting नाम से पता लग रहे है, management के लिए accounting, जो management है, उसको यहाँ पर अपने business के लिए important decisions वगैरा लेने पड़ते हैं, तो management accounting में basically हम क्या कर ले सकें, इंपोर्टन डिसीजन वगैरा ले सकें, उसका link आपको वीडियो के description box में मिल जाएगा, आपको playlist मिल जाएगी पूरी की पूरी, उसमें आप वीडियो आपको मिल जाएगी, आप easily वहाँ पर देख सकते हो, लिंक भी आपको share कर दूँगा यहाँ पर, तो यह ती है कि यह हमारी accounting में basically हम क्या क्या चीज़े करते हैं, तीके, तो आगे हम यहाँ पर बढ़ते हैं accounting में ही, तीके, तो next हमारा topic जो रहने वाला है, वो क्या है users of accounting information, तो हमने meaning में देखा था, कि जब हम result find out कर ले, तो हमें यहाँ पर communicate करना होता है results किन को, जो users होते हैं, जो हम हमारे होते हैं internal users, और एक हमारे होते हैं यहाँ पर external users, तो एक-एक करके हम इनके बारे में detail में पढ़ते हैं, तो पहला हमारा आता है यहाँ पर internal users, नाम से पता लग रहा है कि अंदर का अभी, यह user वो होते हैं, जो business के अंदर के होते हैं, जैसे owner हो गया, तीके, वो business का part ह users, जो company के अंदर में, अंदर वाले लोग होते हैं, ठीक है, जो company के अपने लोग होते हैं, उनको हम यहाँ पर क्या कहते हैं, internal users, इसमें पहला हमारा आता है owner, जो business का owner है, जिसने business को start किया, ठीक है, owner को accounting information की क्यों जरूरत होती है, तो यहाँ पर देखो, owners are people who provide capital for the business, जिन्नोंने पैसा लगाया है business में, तो यहाँ पर देखो, जब owner पैसा लगाया है, तो उसको यह जरूरी है न, कि उसको पता लगता है कि जो उसने पैसा लगाया है, उससे company perform कैसा कर रही है, लिखे, अगर company perform अच्छा करेगी, तो उसको return मिलते रहेंगे, अगर company अच्छा perform नहीं करेगी, तो उसका पैसा डूब जाएगा, तो owner के लिए भी accounting information जरूरी होती है, business के बारे में पता करते रहने के लिए, तो owner को interest होता है कि business में क्या चल रहा है, उसके funds को कैसे use किया जा रहा है, तो उसके बारे में उसको accounting information से information मिल जाती है, उसके बारे में next हमारा गाए management, management का meaning मैंने आपको already बता दिया है कि management जो company को manage करती है, business को manage करती है, तो उनको क्यों जरूरत है accounting information की, तो जो management होती है उसको बहुत सारे decisions लेने होती है, जैसे कि कौन सा product manufacture करना है, कितने quantity में manufacture करना है, कि कोई नया product हमें launch करने की जरूरत है, कि यही product को continue करना है, कि business की expansion करनी है कि नहीं करनी है, तो इस सर related important decision management को लेने पड़ते हैं, और वो decision वो किस base पे ले सकती है, जो accounting information, जो business के बारे में, जो business में actually चल रहा है, business कैसा grow कर रहा है, कितने funds है, उसके base पे जो है, यह decision वगैरा ले जा सकते हैं, तो इसके लिए management को accounting information की जरूरत होती है, यहाँ पर दो तीन हमारे लिखे हैं, selling price fix करने के लिए, cost का पदा करने के लिए, investment करने के लिए, management को accounting information की जरूरत होती है, उसके बाद third देखो हमारा कहा है employee, employees आपको पता है, जो company में यहाँ पर काम कर रहे होते हैं, अब employees को क्यों जरूरत है accounting information की, तो देखो, जो employees हैं, उनके लिए जरूरी है कि उनकी job जो है, वो secure है कि नहीं, या future में company उनके salary वगैरा उनको pay कर पाएगी, जो bonus वगैरा उनको यहाँ पर pay कर पाएगी, यह जानना जरूरी है तो employees के लिए, तो वो जो है इस purpose के लिए यहाँ पर accounting information को use करते हैं, तो यहाँ पर देखा, they are looking for fact that will help them judge, whether the company can afford to pay salary, क्या वो salary pay कर पाएगी, offer retirement benefit, कि जब वो retire होंगे तो benefit दे पाएगी, या फिर job prospect, आगे job यहाँ पर continue मिलेगी कि नहीं मिलेगी, तो उसके बारे में यहाँ पर information मिलती है, ठीक है, उसके बार next एक हो हमारा external users, अब external users कौन से हो गए, जो बाहर वाले, ठीक है, जो company के member नहीं है, जो company के owner नहीं है, वो बाहर वाले लोग हैं, ठीक है, तो वो क्या होते हैं हमारे external users, जिसे example के यहाँ पर, पहला देखो क्या है, creditor, bankers and other lending institutions, creditors आप लोग को पता है, जिससे company उधार पर समान करीती है, bankers, bank वगैरा, ठीक है, उसके बार other, जो दूसरी financial institution हैं वो, ठीक है, वो हमारे क्या होते हैं external users होते हैं, अब उन्हें क्यों accounting information चाहिए होता है, तो देखो इनों तीनों ने मिलके credit देना है, मतलब कि पैसे देना है company को उधार पर, लेकिन तो इनके लिए ज़रूरी है, कि यह जाना कि company की financial performance कैसी है, वो कितना profit कमा रही है, उसकी financial position कैसी है, जिसकी base में वो decide कर पाएं, कि वो जो पैसा है, वो जो पैसा देंगे उनको, क्या वो time पे उनको मिल जाएगा, क्या वो time पे उनको वापस कर देंगे, और जो उस पे interest बनता है, क्या वो pay कर पाएंगे, कि नहीं कर पाएंगे, तो उसके लिए यह जो है accounting information को use करते हैं, उसके बाद next देखो हमारा क्या है, tax authorities, अब tax authorities नाम से पढ़ा लगया है, अब जो tax authorities है, उनको company पे tax लगाना है, business पे tax लगाना है, ठीक है, जो भी वो income कमाएंगे, तो उनको कैसे पता लगेगा कि business ने कितना income कमाया है, तो वो अगर accounting information देखेंगे, जो accounting information मिलेगा, जो accounting में record किया होगा, उसके base पे यहाँ पे tax वगेरा यहाँ पे लगा पाएंगे, to determine and enterprise tax liabilities, tax कितना बन रहा है, उसके लिए tax authorities जो है use करते हैं, उसके बाद देखो क्या है potential investors, अब potential investors कौन होते हैं, ऐसे investors जो company में investment करना चाहते हैं, अभी उन्होंने investment नहीं किये, वो investment करना चाहते हैं, तो अब वो किस base पे investment करेंगे, तो यहाँ पर सबसे पहले उन्हें यह पता लगना चाहिए, कि financial position उसके अच्छी होने चाहिए, उसके पास कर्ज में डूबा हुआ नहीं होना चाहिए, दूसरा कि उसको profitability अच्छी हो, ताकि उसको पैसे पर return अच्छा मिल सके, तो यहाँ पर वो चीजे कहां से पता करेगा, accounting information से, उनको use करेगा, उनको पढ़ेगा, उसके बाद वो result find out करेगा, कि उसे यहाँ पर shares वगैरा purchase करने, investment करने है या फिर नहीं, next देखो हमारा क्या research है, जो accounting में research कर रहे होते हैं, जो accounting की theories वगैरा बना रहे होते हैं, जो accounting scholars होते हैं, वो research के purpose से भी financial statements को, accounting information को यहाँ पर study करते हैं, यह हमारे थे users of, यह हमने सिर्फ एक overview है, कि users कौन-कौन से होते हैं, और वो किस manner में जो है, उस accounting information को use करते हैं, next topic हमारा देखो, objectives of accounting, अब यह जो accounting है, उसको करने की हमें जरूरत क्या है, क्यों हम इसको accounting को perform करते हैं, तो वैसे तो हमने starting में ही need देख लेती है, अब थोड़ा detail में जानते हैं, कि accounting करने की कौन-कौन से objectives होते हैं, तो first objective यहाँ पर देखो क्या है, maintaining systematic record, इसका मतलब क्या है, कि जो हमारे business में transaction हो रही हैं, जो day to day transactions हो रही हैं, accounting करने का पहला objective, the main objective यह होता है, कि उन transactions को, हम जो है, systematic manner में record करें, maintain करके रखें, ताकि हमें उससे business के बारे में, important information जो है, मिलती रहें, clear है, तो यहाँ पर देखो, the main objective of accounting is to maintain a systematic record of financial transaction, financial transaction का एक systematic record रखना है, जो user को, जो user है, उनको help करेगा, day to day transaction of business के बारे में पता करने में, business में कौन कौन सी day to day transactions हो रही है, उसके बारे में पता करने के लिए, जिससे, वो यह जान पाएंगे, कि company के overall performance कैसी है, company के बारे में, detailed information जो है, पता कर पाएंगे, उसके बारे में next एक हो क्या है, determining profit and loss, जो हमारा business हमने किया है, उससे हमें profit हो रहा है, या फिर loss हो रहा है, उसके बारे में जानने के लिए भी accounting करनी ज़रूरी है, यह जो हमने transaction record किया है, last में हम इसी के base पे profit and loss find out करते हैं, अगर loss हो रहा है तो business बंद कर दें, या अगर profit हो रहा है तो, और continue करेंगे, ठीक है, business को, ठीक है, next देखो हमारा यहाँ पे, next हमारा क्या है, a stay in the financial position, किसी organization की financial position कैसी है, उसके बारे में पता करने के लिए हम जो है accounting करते हैं, financial position हमें generally कहां से पता लगते हैं, balance sheet से, जो company की balance sheet है, वो कैसे prepare होती, मैंने आपको शुरू में बताया था, जब हम summary बनाते हैं, ठीक है, तो balance sheet को जब हम study करते हैं, तो उससे हमें एक idea हो जाता है, कि company के पास इतनी assets है, इतनी liabilities है, इतना owners का पैसा है, तो उससे हम एक अंदाजा लगाते हैं, कि business की financial position कैसी है, अच्छी है या फिर बुरी है, क्या वो कर्ज में डूबा हुआ, या फिर अच्छे पैसे हैं उनके पास, तो यहाँ पर financial position को जानना भी हमारा objective होता है, उसके बाद next एक हो क्या है, facilitate decision making, अब जो management होती है, उसको अपने business related important decision वगैरा लेने होते हैं, तो वो जो accounting करते हैं, accounting करने का एक यह भी objective होता है, कि वो जो है, यहाँ पर जो हमारी management है, उसको एक relevant information provide कर पाए, important information provide कर पाए, business के वारे में, जिसके base पे, वो जो है यहाँ पर easily decision making वगैरा कर पाए, clear है आपको, clear है, यहाँ पर rational decision making के लिए भी, जो है accounting की जाती है, उसके बाद next देखो क्या है, protect business properties, इसका मतलब क्या है, कि जो business की assets हैं, property है, property के मतलब कि assets, जो company के बाद assets हैं, building machinery, land, funds जो available है, cash available है, वो सारी assets होती है company के लिए, तो उसको protect करने के लिए भी accounting ज़रूरी है, ऐसा क्यों होता है, देखो generally, अगर हम यह record ना करके रखें, कि कौन से asset को हमने कितना use कर लिया है, कितना हमने पैसा खतम कर
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