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MAINTENANCE OF CASH _ SUBSIDIARY BOOKS & LEDGER PART II — a Bank Promotions accounting in depth video lecture on Learning Sessions.
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तो हम यहाँ पर पढ़ने वाले हैं Subsidiary Books, तो जर्नली देखो Subsidiary Books क्या होते हैं, उनको हम यहाँ पर एक एक्जाम्टों के साथ समझेंगे, देखो जर्नली जब हम बिजनेस करते हैं, तो हमें बिजनेस में कई तरह की ट्रांजेक्शन करनी पड़ती हैं, ठीक है, जैसे हमने ट्रांजेक्शन को, उस बुक को हम यहाँ पर क्या कहते थें, जर्नल, ठीक है, पर इन ट्रांजेक्शन में से कुछ ट्रांजेक्शन ऐसी ट्रांजेक्शन होती हैं, जो कि बार बार होती रहती हैं, ठीक है, मल्टी पाइन जो होती रहती है, हमें बहुत बारी वो ट्रांज यह जो फिस कि तथी है तो इस Every उनको एक जरेनल में ट्रंजेक्शन करने की वजह है जिसको यहां पर हिंदु नियुक्त क्यों मैंने यह सेपरेट से अलग एक बुक याद पर मेंटेन कि यह क्विड ड्यॉब्ड के ट्रांजेक्शन होगा, वह बहुत ज्यादा हमें करनी पड़ते हैं, ठीक है? तो हमें पता है कि वह बहुत ज्यादा है तो मैं क्या करता हूँ तो शुरू में ही अलग करके रख लेता हूँ बाद में तो classification करनी है ना तो इससे अच्छा है कि मैं इसको पहले से ही जो है classify करके एक जगह पर जो record कर लूँगा तो ही जो कैसे अंजविट्स ने आप जब भी होंगा तो मैं उसको जरूर में रिकॉर्ड नहीं करूं और मैं सीधा क्या कर दूं को कैश में जो कॉल कर दूं इतनी सामंत की चैनल से होली और प्रेस मैंने अलग इस ग हाफ्तार में इन है यह जो मैंने maintain करिए, इसे हम क्या कहते है subsidiary books, क्या कहते है subsidiary books इसे ही example देखो, जो purchase की transaction है, उसके लिए मैं purchase book यहाँ पर maintain करनूगा और purchases related जितनी में मेरी transactions होंगी, मैं उस transaction को यहाँ पर purchase book में record करनूगा अब यह जो purchase book है, जो cash book है इन्हें हम यहाँ पर dit subsidiary books ठीके, या फिर आप दूसरा नाम यह भी दे सकते है special journal ठीके, थे यह तुमना थे journal, जो शुरू करें हम बनाते है तो यह तो journals हे जान particular special journal जो मार्क subsidiary books होते है यह Fix specials it depuis इसको specially मैंने करते आपको यह हमारा मीनियम था subsidiary books का फड़ा फट से feeling यहां कर लेते हैं म किया हो तो ई है सब्सीडरी बुक्स होते सब्सीदरी टीअर शुक्र में सब्सक्राइब को कहां है तो इसे लिए काफी और जब हम इ adam तो यह point यहाँ पर जो है आपको mark करना है, underline करना है, उसके बाद देखो they are also known as special journals, इनको हम special journals भी कहते हैं, यहाँ पर एक चीज मैं आपको clear कर दू, जो हमारे यहाँ पर जो पहले हमारा journal था, हम journal ही हर business जो बाकी की transaction होती हैं, वो हम इसमें record करते हैं, तो इसको हम क्या कहते ह special journal क्योंकि यह हमारा journal ही हर organization में बना ही होता है, तो इसलिए हम journal इसको कहा देते हैं, और यह क्योंकि हम देखते हैं कि बनाना है कि नहीं बनाना है, कई organization तो बनाती भी नहीं है, तो इसलिए हम इसको special journal का यहाँ पर नाम देते हैं, उसके बाद देखो we record transaction of similar nature are in subsidiary books, जो subsidiary books are related, उससे जो similar होंगी उनही transaction को जो है purchase book में record करूँगा और बाकी की transaction को record नहीं करूँगा, उसके बाद next देखो यहाँ पर journal entry is not passed for the transaction recorded in those books but they are posted to ledger account, इसका मतलब क्या हुआ कि जब भी हम यहाँ पर subsidiary books में किसी transaction को record करेंगे तो उसके लिए journal entry हम pass नहीं करेंगे, आप लो� लेक्शन नहीं देखा है तो वो जरूर देख लीजिए तो पर जो subsidiary books में हम transaction record करते हैं उनकी हमें यहाँ पर journal entry pass करने की जरूरत नहीं होती है, तो यहाँ पर एक important question बन सकता है कि कब हमें किसी transaction की जो है journal entry pass करने की जरूरत नहीं होती है, तो हमारा क्या answer रहने वाला है ज� इसका मतलब क्या हुआ देखो यहाँ पर जो हमारा purchase book है ठीक है इसमें जो भी हमने transactions record किया है फर्दर लास्ट में हम जो है इसका balance जो है हम शो करेंगे किसमें purchase account में जो हमारा यहाँ पर purchase ledger है उसमें जो है हम यहाँ पर शो clear है clear है यहाँ तक तो यह हमारा meaning था यहाँ पर subsidi books यह हमारी main जो है subsidi books होती है किसी भी organization में generally हमारी ही subsidi books शो है देखी जाते हैं ठीक है तो यहाँ पर हमारे types और देख लो subsidi books कौन-कौन से होती है और उनको हम एक-एक कर के हैं पर पढ़ भी लेते हैं कि subsidi books कौन-कौन से हमारे होती है तू पहली हमारी यहाँ पर देखो क्या है Cash Book, क्या है Cash Book, नाम से लग रहा है कि Cash Key Book, इसमें हम जो है Cash से Related जितनी भी Transactions होती हैं, ठीक है, Cash से Related, वो जो है हम इसमें Record करते हैं, ठीक है, और एक और Point ध्यान करने वाला है आपको, कि हम Business में Cash के तरीके से Bank में जो Balance पड़ा, उसको भ Cash के तरीके से, Cash की तरह जो हम Use कर सकते हैं, तो इसलिए, इसलिए जो Cash Book है, उसमें हम Bank और Cash Related जितनी में Transactions होती हैं, उनको जो है हम Cash Book में Record करते हैं, क्यों करते हैं, उसका Reason मैंने बता दिया, कि जो हमारा Bank है, वो Similar होता है Cash के तरीके से, हम उसको Cash के तरीके से भी Use कर सकते है प्रिशेस बुक, अब प्रिशेस बुक देखो क्या होती है, नाम से पता लग रहा है कि प्रिशेस की बुक, पर जब हम बिजनस की बात करते हैं, तो उसमें प्रिशेस का मतलब होता है, जब हम उन Goods को खरीदें, जिसका हम Business कर रहे हैं, इसका मतलब क्या हुआ, एकजांप goods को खरीदा है जिसमें हम dealing करते हैं जिसमें हम business करते हैं तो उसी को हम purchases मानेंगे इसका मतलब हुआ कि जब भी हम यहाँ पर कोई fixed asset बाय करेंगे कोई यहाँ पर जैसे furniture बाय कर लिया कोई machinery बाय कर ली तो उसको हम purchases की category में नहीं डालेंगे purchases की category में सब कौन सी आएंगे जो हमारे यहाँ पर goods जिनमें हम dealing करते हैं उनकी जब हम purchase करेंगे और यहाँ पर एक और चीज ध्यान रखनी है कि purchase book में ठीक है purchases हम सिर्फ वोही record करेंगे जो हमारी यहाँ पर credit purchases होंगी तो दो बाते आपने ध्यान रखनी है पहली purchase book में कौन सी transaction आएगी जब हम यहाँ पर उन goods को खरीदेंगे जिनको जिसमें हम business करते हैं जिस चीज का हम business करते हैं ठीक है उसके बाद अब सारी की सारी purchases नहीं डाल देनी है जो हम credit पर purchase करेंगे अगर मैंने कोई car यहाँ पर credit पर purchase की है तो सिर्फ मैं उसी को purchase book में जो है show करूँगा cash purchases को हम जो है cash book में show करते हैं इसमें show नहीं करते हैं clear है उसके बाद देखो sales book अब sales book में record करेंगे ठीक है तो यहाँ पर देखो अगर मैं car का business करता हूँ तो car की जब एक चैनल करूंगा तो उस transaction को मैं यहाँ पर record करूंगा और जब भी किसी fixed asset की हम यहाँ पर sale करेंगे उसको हम sales book में record नहीं करेंगे ठीक है और sales भी कौन सी होंगी जो sales मैंने यहाँ पर credit पर की होंगी जितनी भी मैंने sales की होगी total sales में से जो sales मैंने credit पर बेचा होगा देखो जब भी हम generally यहाँ पर purchases करते हैं ठीक है purchase करते हैं तो कई कारणों की बज़े से क्या होता है कि हम जो है जो समान खरीदा हुआ है उसको वापस कर देते हैं ठीक है supplier को वापस कर देते हैं reason हो सकते हैं जब हम यहां पर रिटर्न वापस करते हैं, जो कि यहाँ पर देखो cash bank से transaction record होगी यहाँ पर credit purchase record होगी यहाँ पर हमारी credit sales record होगी यहाँ पर purchase return record होगी यहाँ पर sales return return return record होगी उससे इलावा उसके इलावा जितने भी हमारे transactions होंगी ना उनको हम कहा record करेंगे इस journal ने उनको हम कहा record करेंगे इस journal ने क्लियर है आपको यह हमारे सब्सिडरी बुक्स थी तो एक-एक करके हम जो है इनको डिटेल में अब से पहले हम यहाँ पर कैश बुक के बारे में पढ़ने वाले की कैश बुक हमारी क्या होती है तो मैंने जर्म आपको मीनिंग बताई दिया था कि ऐसी बुक होती है जिसबे ह कहूं बुक कोई महत्वपूर्ण है मेरी वनुस्खक आप यह कैसे रिकॉर्ड करें हैं जितने भी हम रिस्सिफ्ट होंगे जितने हमारी पास पैसा आएगा उनको हम यहाँ पर debit side record करेंगे cashbook की जो debit side होगी left hand side होगी वहाँ पर हम record करेंगे और जितनी भी हम यहाँ पर payments करेंगे जितनी भी हम पैसे देंगे उनको हम record करेंगे किधर credit side में किधर credit side में right hand side clear है clear है जितना भी पैसा आएगा debit side जितना भी पैसा हमारे पहले देखो जर्नल क्या हुआ हमारा यहाँ पर जर्नल क्या हुआ जिसमें हम जो है सबसे पहले ट्रांजेक्शन को रिकॉर्ड करते हैं और लेजर क्या हुआ जब हम क्लासिफिकेशन करते हैं तो जर्नल में से हम ट्रांजेक्शन को उठाके जो है अकाउंट में ट्रांसफर तो अलग से हमें cash account open करने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि हम इसको generally cash account की form में ही maintain कर रहे होते हैं ठीक है तो यह journal का भी काम करेगा क्योंकि पहली बार transaction हम इसी में record करेंगे और account का भी काम यहाँ पर करेगा ठीक है दोनों का यहाँ पर function यहाँ पर next topic हमारा देखो क्या है types of cash book अब types of cash book अब देखो जो businesses होते हैं उनको अपनी transaction को record करना है हर business की nature अलग होती है तो वो जो है अपने हिसाब से जो है cash book को maintain करते हैं तो उसमें हम पढ़ेंगे कि कौन-कौन सी हमारे types होती हैं तो generally जो हमारी यहाँ पर cash book की types होती है वह कितने दो तरीके की होती है एक हमारी होती है simple cash book और एक होती है हमारी यहाँ पर double columnar cash book एक हमारी three columnar भी होती है जिसमें हम discount का column add कर देते हैं ठीक है उनके बारे में हम detail में पढ़ेगे तो generally जो हमारे cash book की होती है वह कौन सी होते है एक हमारी simple cash book होती है और एक हमारी होती है double corner cash book तो एक एक करके हम दोनों types की cash book को यहाँ पर समझेंगे तो पहली जो हमारी यहाँ पर क्या है simple cash book तो simple cash book क्या होती है उसमें सिर्फ हम जो है यहाँ पर cash की transaction को ही record करते हैं मतलब कि business में जितनी भी cash related transaction होगी सिर्फ cash related जितना आपने cash दिया होगा जितना आपने cash लिया होगा उनहीं को सिर्फ आप simple cash book में record करोगे और जो bank की transaction होगी उनको आप cash book में record नहीं करोगे उनके लिए अलग से account आपको maintain करना पड़ेगा वो हमारा होता है यहाँ पर simple cash book ठीक है तो यहाँ पर देखो इन simple cash book only cash transaction ठीक है cash transactions are recorded and all the receipt और cash are recorded on the debit side जितनी भी हमारे यहाँ पर receipts होगी जितना भी हमारे पास पैसा आएगा उनको हम cash book के debit side में record करेंगे और जितनी भी हमारी payments होगी उसको हम यहाँ पर credit side में record करेंगे तो यहाँ हमारा simple cash book यहाँ पर मैंने आपको simple cash book का यहाँ पर format भी दिया है तो देखो यहाँ पर यह हमारी debit side है और यह हमारी क्रेडिट side है तो यहाँ पर लग रहा होगा कि यह cash account की तरीके से ही लग रहा है ठीक है हम उसको maintain ही इस तरीके से करते हैं तो सबसे पहले यहाँ पर जो हमारा column होता है वो date का होता है यहाँ पर transaction की date लिखी जाती है उसके बाद देखो यहाँ पर particular सोते है description दी जाती है कि transaction हुई कैसे है किन से लिखे तो उसके बाद यहाँ पर voucher number लिखा जाता है वाउचर number क्या होता है देखो voucher सबसे पहले voucher को समझता है कि voucher क्या होता है तो देखो जब भी वोई transaction होती है उसके बदले में हम कोई receipt देते हैं ठीक है जैसे हमने हम पेमेंट receive किया है तो उसके एक receipt पर्ची काट के देते हैं ना उसको हम यहाँ पर क्या कहते हैं voucher उसके वेज़ पे हम जो है अपनी books of account transaction को record करते हैं एक evidence होता है इस transaction का कि यह transaction हुई है ठीक है voucher क्या होता है एक evidence होता है तो यहाँ पर voucher number देना है उसके बाद यहाँ पर ledger folio हमें यहाँ पर देना है ठीक है जो हमारा ledger folio है उसके बाद हमें यहाँ पर जो है amount देनी है ठीक है उसके बाद same हमारा date particulars voucher number ledger folio amount credit side number ठीक है तो यह हमारा एक simple cash book का format है तो हम फड़ा फट से जो है कुछ transactions यहाँ पर लेंगे ठीक है तो यहाँ पर दीपक ने business start किया है cash से ठीक है twenty thousand ठीक मतलब कि डीपक owner business का और उसने जो है उसके बाद यहाँ पर रिजल लिखना है की twenty thousand रुपीज ट्वीटी घर पर हमें पता है की owner से पैसा आया तो यहाँ पर capital account से हमें जो है 20,000 रुपीज जो है आ गई यहाँ पर हम date लिख देंगे 1 जनबरी ठीक है कुछ भी लिख देंगे 1 जनबरी कुछ भी ठीक है उसकी बाद देखो next transaction क्या है goods purchase for cash 10,000 ठीक है यहाँ पर हमने कुछ goods purchase किये purchase किये it means कि हमारे हमने payment कियो तो cash हमारे पास से चला गया होगा तो यहाँ पर इसके entry तो पहले कहाँ गी credit side में कितने से होगी यहाँ पर हमारी 10,000 से ठीक है 10,000 से यहाँ पर हमारी जो है entry होगी उसकी बाद देखो यहाँ पर हमें reason लिखना है ठीक है reason क्या है कि हमने goods purchase किये त purchases हमने देखा था कि सिर्फ goods के case में होगा अगर furniture पेस किया है तो यह हमारी क्या है fixed asset है तो इसलिए हम जो है इसको furniture account furniture account में जो है यहाँ पर करेंगे furniture account में लिखूँगा कि furniture हमने purchase किया है उसकी वज़े से जो हमें यहाँ पर payment जो है करनी पड़ी है यह फर्निचर हमने यहाँ पर purchase कि आप लौजन कर लेकर उसके बाद देखो सेल अफ गूड्स यहाँ पर हमने अगर गूड्स को बेचा भी है तो यहाँ पर अगर बेचा है तो पैसा में पास आया होगा तो अमाउंट में कितने लिख देता है यहाँ पर फाइट हॉजन ड entries हो जाएंगी, तो इसके बेस्ट पर हमने क्या किया, एक simple cash book maintain कर लिए, थोड़ी से term reflame, last में हम क्या करते हैं, इनकी balancing करेंगे, लास्ट में हम क्या करेंगे, इसको balance करेंगे, तो यहाँ पर देखो, हमारी जो debit side वो बड़ी आ रही है, कितनी आ रही है हमारे इस दिखित अंगेल क्यों, यह जो 10,000 कश आनना करने के लिए हमारे Зна1 में 10,000 अंग रही है। के लिए हमारा कैश का balance हो रही है, कि हमारे पास 10,000 रुपीज बच गया, अब यह जो balance होना है, कौन सा balance है? पर यहां पर देखो डेबिट बैलेंस इंक्रीज डेबिट साइड इंक्रीज टेन थाउजन डेबिट से इंक्रीज था तो इसीलिए हमने शो चाहिए इसको क्रेड़िट साइड पर किया पर यह हमारे कह यहां पर डेबिट बैलेंस क्या हमारा यहां पर डेबिट और एक चीज आपको मैं यहाँ पर बता दूं कि जो हमारा cash account होता है वो हमारा एक asset account होता है और यहाँ पर जब भी हम transaction को record करें तो जो cash account का balance है वो या तो debit balance आएगा मतलब कि cash in hand आएगा या फिर nil आएगा या फिर कोई zero balance आएगा पर कभी भी credit balance नहीं आ सकता हमारा जो cash account का credit में नहीं आ सकता तो answer आपका यहाँ पर क्या रहेगा cash account का ठीक है जो हमारा cash account होता है उसका debit होगा या credit होगा सर 15th of तक आ जाएगी publication में books है नहीं हूँ ठीक है आ जाएगी अभी 10-15 दिन लगेंगे जैसे ही books आएगी आपको inform कर दिया जाएगा यहाँ पर देखो यह हमा cash and bank लेकर इसका मतलब क्या हुआ कि जब हम एक ऐसी cash book maintain करते हैं जिसमें हम cash से related transaction और bank से related transaction को record करते हैं तो उसे हम यहाँ पर क्या कहते हैं double column cash book तो यहाँ पर आप देख सकते हो कि यहाँ पर बाकी सब तो same है पर difference क्या एक column add हो गया है क्या हमारा bank का पहले यहाँ पर सिर्� related transaction होगी वो हम इस column में record करेंगे ठीक है तो यह हमारा क्या है double column cash book ठीक है तो यहाँ पर हम फटा फटा से meaning देख लेते हैं a double column cash book is a cash book with two columns इसमें दो columns होते हैं on each side of cash book and it records both cash and cash bank transaction ठीक है तो इसमें हमारे जो है cash के transaction और bank के transaction सभी को जो है record किया जाता है ठीक है उसके बाद द जो cash का column उसमें cash transaction और जो bank का column उसमें bank transaction हम record करेंगे तो फटा फटा से यहाँ पर हमारी transaction है कुछ उसके base पे जो है हम यहाँ पर double column जो cash book है उसको फटा फटा से यहाँ पर बना लेते हैं तो यहाँ पर देखो सबसे पहली transaction क्या है तीपक commence business with 20,000 तो यहाँ पर दीपक owner है � तो यहाँ पर date लिख देता हूँ कोई भी date लिख दो यहाँ पर first january ठीक है उसके बाद particulars में क्या हैगा अब यह जो 20,000 पीस है क्यों आए क्योंकि owner ने पैसे लगाए owner का account कौन सा होता है हमारा capital account है तो यहाँ पर मैं लिख दूँगा two capital account तो यहाँ पर मैं लिख दूँ� bank से payment की होगी goods purchase किया है तो यहाँ पर 8,000 है हमारा तो पहले तो bank column में हमारी entry होगी credit side में क्योंकि हम यहाँ पर pay कर रहे हैं तो हमारे पास बैंक balance जो है कम हो जाएगा bank की भी हमारा एक asset होता है न जब भी bank balance decrease होगा तो हमारी asset कम होगी तो यहाँ पर हम bank side में entry कर देंगे कि by purchase account ठीक है शॉर्ट में दिख रहा हूँ by purchase account 8,000 ठीक है उसके बाद देखो furniture purchase किया है for office purposes ठीक है office purposes के हमने furniture purchase किया है कितने का 5,000 रुपेज का पर यहाँ पर देखो हमें लिखा नहीं है कि यह cash है या फिर bank है तो मैं आपको बता दूँ जहाँ पर भी आपको clearly specify नहीं किया ह हमने purchase किया furniture purchase किया है तो यहाँ पर cash column entry कर दूँ है यहाँ पर 5,000 ठीक है यहाँ पर लिख देंगे by furniture account यहाँ पर by furniture account क्योंकि हमने furniture purchase किया है हमारे पास से पैसा चले गया तो यहाँ पर हमने 5,000 जो है cash column enter कर दिया उसके बाद देखो sale of goods हमने goods को sale किया है और payment हमें receive हुई ह अब यहाँ पर particular में क्या लिखेंगे to sale account क्या है क्या है to sale account ठीक है to sale account अब देखो यहाँ पर हमने लिख दिया है उसके बाद next देखो क्या है cash deposited in bank 5,000 यहाँ पर एक cash deposit किया गया है bank में तो देखो कई बार ने ऐसी भी transaction हो दे जिसमें हम कोई payment तो नहीं कर रहे हो दे actually मैं क क्या कहते है contra transaction तो यहाँ पर bank involved है हम actually मैं किसी को payment नहीं कर रहे हो दे तो ऐसी transaction को हम यहाँ पर क्या कहते है contra entry तो यह हमारी क्या है एक तरह की contra entry है तो देखो cash deposited किया गया है bank में 5,000 से तो इस 5,000 से यहाँ पर entry कर दूँगा bank में अब किस वज़े से हुआ है यहाँ पर हम � cash account की वज़े से bank में जो है 5,000 रुपए balance increase हो गया उसके बाद देखो इस transaction की वज़े से हमारा cash का जो balance है वो भी 5,000 से जो है decrease किया होगा ठीक है क्या किया होगा यहाँ पर हमारा decrease किया होगा तो इसलिए मैं यहाँ पर credit side में cash के account में जो है entry pass कर दूँगा तो यहाँ पर मै balance यहाँ पर बच गया है तो यहाँ पर फड़ा पड़ से हम balancing कर लेते हैं तो जो हमारा bank account का यहाँ पर total आ रहा है वो कितना आ रहा है यहाँ पर 10,000 कितना आ रहा है हमारा यहाँ पर 10,000 का उसके बाद देखो cash का हमारा यहाँ पर कितना आ रहा है 20,000 का ठीक है उसके बाद � हमारे property bank का balance बचा जो इसी पास 7 मोरे पारण बढ़ेगा यदि आप बढ़ कर दे तो यह प्रसंग आप सेट, जो आप सेट की रोमिकम भरी बढ़ेगी यदि क्या हम पानी पैस की रोमिकम डिबाडिंग बाया� 관 ठाउग्र टू थाउग्र के बाद बैंक को ओन बैंक को बैलेस बचेगा ही के बाद उन्हां इग्न flags बस मार्ड तो उनके कोंसे पर हमारे लिपिटिंग व्हैलनस मोर कम कहच्चे प्ले बहुत हमारें जो हमाराast faded 10 दिया और यहां पर 16 बता दूं कि हमारा बैंक का के पैसे इनिसिट्रीय करो वो हमारा credit भी हो सकते है, debit भी हो सकते है, clear है आपको, clear है, तो यहां तक अगर आपको clear है, तो फटा फटसे एक बारी chat box में जरूर बता दिये कि आपको यहां तक clear है, फटा फटसे chat box में बता दिये कि आपको यहां तक clear है, फटा फटसे एक बारी chat box में बता दिये कि आपको � है कि आपको यहां क्लीज है वाड़ा-गढ़ से बताया चाहिए कि आपको यहाँ सक्लीट है कि तो लैक्सर हमारी यह पर पेटी कैश बुक इसका � اपिक gerade कैश बुक कैच बुक क्या होती है उसके बारे में हम पहले समझ लेते हैं कि इसकी हमें जरूरत क्यों पड़ती है, देखो जो हमारे cashier होते हैं, जो main cashier होते हैं, senior cashier होते हैं, उनके उपर responsibility होती है कि वो cash related जितनी में transaction होती हैं, उनको proper तरीके से record करें, ताकि कोई भी fraud ना हो, तो जो हमारा senior cashier है, उसके पर पहले से बहुत ज़्याद जो उस पर काम है, उसके काम को थोड़ा सा कम करने के लिए हम जो है petty cash book का यहाँ पर concept को use करते हैं, petty cash book में basically देखो क्या होता है, जो हमारी business के चोटी मोटी transaction होती है, बहुत ज़्यादा चोटी मोटी, ठीक है, जिसमें, जैसे मालू यहाँ पर हमने कोई क्राया दे दिया, हमने कोई समान मंगवाया था, auto का क्राया दे दिया, ठीक है, refreshment के लिए, जो हमारे employees उनके refreshment के लिए हमने कुछ खर्चा कर दिया, तो यह बहुत ही nature में चोटे-चोटे खर्ची हैं, ठीक है, अगर यह चोटे-चोटे ख junior cashier भी कह सकते हैं, वो क्या करता है, उसको हम कह देते हैं, कि यह जो business के चोटे-मोटे खर्चे होंगे, उसका ध्यान तूने रखना है, ठीक है, हम उसको एक amount दे देते हैं, एक fixed amount दे देते हैं, और वो person जो है, उस amount में से कुछ ना कुछ यहाँ पर खर्च करता रहता है, � यहाँ पर देखो, पैटी cashbook is maintained to record small expenses, जो small expenses होते हैं, उनको record करने के लिए हम use करते हैं, such as post, stationary और telegram, ऐसे हमारे expenses को, उसके बाद देखो, petty cash book is prepared by a petty cashier, जो हमारा person है, जिसको हमने appoint किया है, चोटे-मोटे खर्चे करने के लिए, उसको हमें petty cashier भी कहते हैं, तो वो जो है, petty cash book को maintain करता है, किसले maintain करता है, ताकि जितनी भी उसने payments की है, उनको यहाँ पर record कर पाए, systematic manner में, क्योंकि last में, उसको reporting � system of petty cash book, अब यह जो petty cash book है, वो organizations हैं, वो अपने हिसाफ से, मतलब choose करते हैं, कि उन्हें कैसे petty cash book को maintain करना है, तो उसके base पर, जो हमारे petty cash book के system होते हैं, वो हमारे दो तरीके के होते हैं, तो वहाँ पर पहला तरीका हमारे क्या है, ordinary system, दूसरा हमारा यहाँ पर क्या होता है, impressed और वो जो है उन पैसे से चोटे मोटे expenses को करेगा, और last में वो report करेगा, अब यह पैसा कितना देना है, कैसे देना है, उसके लिए हमारा system बताता है, कि petty cash book का जो system है, वो हमें बताएगा, तो उसकी base पर देखो, दो हमारे हैं यहाँ पर ordinary cash book system, और हमारा यहाँ पर impressed system, तो � receive करता है appropriate amount, इसमें मतलब जो senior cashier होता है, एक appropriate amount, जो senior cashier को लगता है, कि यह जो चोटे मोटे expenses हो गए, उसको, वो जो है, यहाँ पर petty cashier को दे देता है, ठीक है, appropriate का आपको meaning clear है, जितना senior cashier को लगता है, कि इस महिने इतना खर्च होगा, तो इतना पैसा दे देता है, अगल देखो ordinary system में क्या हुआ, कि मालो, January month के लिए यहाँ पर जो senior cashier है, उसे लगता है, कि जो खर्चा होगा, जो खर्चा होगा, वो 10,000 होगा, तो यहाँ पर एक appropriate amount जो senior cashier ने जो है, petty cashier को दे दी, उसके बाद देखो, next, February month है, ठीक है, तो यहाँ पर जो हमारा senior cashier है, उसे क् लग रहा है कि chief cashier को वो ठीक है, तो यह हमारा appropriate amount जो है, pay किया जाता है, किसको, petty cashier को, उसके बाद next देखो हमारा क्या है, impressed system of petty cash, इसमें सिर्फ एक word the difference है यहाँ पर, in this system, definite, defined amount is given to petty cashier, मतलब इसका क्या हुआ, कि impressed system of petty cash में यहाँ पर, एक fixed amount दिया जाता है, जो हमारा petty cashier ह 10,000 रुपीज जो है, दे देगा, तो यहाँ पर impressed system के under, जो हमारा senior cashier है, वो हमें शिक्ष करता है, कि जो petty cashier है, उसको हर month के starting में, उसके पास 10,000 रुपीज है, ठीक है, तो उसको हम यहाँ पर कहा जाता है, impressed system of petty cash, जैसे example के मान लो, यहाँ पर क्या हुआ, कि January में, यहाँ पर जब भी नया month start हो, अगर यह एक month का खर्च है, नया month start हो, तो जो हमारा petty cashier है, उसके पास 10,000 रुपीज हो, कितना हो, 10,000 रुपीज हो, इसको हम यहाँ पर कहा करें, definite amount, fixed amount, ठीक है, उसके पास देखो, जैसे यहाँ पर February month, यहाँ पर हमारा, January में इतना पैसा दिया, � वन थाउसन का यहाँ पर जो है, amount बच गया, clear है, एक February को, तो अब जो chief cashier है ना, वो क्या करेगा, यहाँ पर 9,000 रुपीज इसको फड़ा फट से और दे देगा, कितना देगा, 9,000 रुपीज और दे देगा, तो इसकी वज़े से, अब एक February को, जो हमारा petty cashier है, उसके पा amount है, definite amount है, उसको जो है, यहाँ पर maintain करके रखा जाएगा, तो यह हमारा क्या होता है, यहाँ पर impressed system of petty cash, तो यहाँ पर देखो, in this system, definite amount is given to petty cashier by chief cashier in the beginning of accounting period and this amount is called impressed amount, अभी जो amount दिया जाता है ना, petty cashier को, उस amount को हम यहाँ पर क्या करते है, impressed, देखो, system हमने choose कर लिया, कि हमे जितेंगे, अब हमे petty cashbook बनानी कैसे, हमे recording कैसे करनी है, अब यह देखेगा, जो petty cashier है, उसको recording करनी है, अब वो कौन से method के according, तो अब किस तरीके से जो है, यहाँ पर petty cash को maintain करेगा, उसको हम यहाँ पर देखेंगे, types of petty cashbook, तो जो हमारे petty cashbook होते हैं, वो भी हमारे दो तरी ने रिकॉर्ड करते ताकि हम उस ट्रांजिक्शन से एनालाइज कर पाएं कि ज्यादा खर्च हमारे कहां हुआ है कहां नहीं हुआ तो अनलेटिकल पैटी कैसे नियुक्त में हम किसी भी ट्रांजिक्शन को जो हमारे खर्चे होंगे छोटे-मौटे उनको detail में record करेंगे और इसमें हम simply record कर लेंगे अब depend करता है organization पे कि कैसे उन्हें उन्हें जो है petty cash book को maintain करना है तो यहाँ पर देखो सबसे पहले हमारा क्या है simple petty cash book ठीक है simple petty cash book meaning मैंने आपको बता दिया है कि इसमें हम जो है simply जो भी हमारे पास पैसा आएगा ठीक है उसको हम जो है petty cash book के पास आएगा ठीक है सबसे पहले cash आएगा उसे हम record करेंगे कहाँ पे left hand side left hand side कहाँ पे यहाँ पर देखो एक column बना है न amount received तो जो भी पैसा यहाँ पर simple petty cash book के अंडर बता रहा हूँ जो भी पैसा यहाँ पर petty cash year के पास आएगा वो जो है amount received के column के अंडर उसको जो है record इधर, यहाँ पर लिखा है न, amount paid, तो यहाँ पर जितने भी payment करेंगे, वो जो है यहाँ पर record कर दी जाएगी, clear है आपको, clear है, उसके बाद देखो, every transaction is a date and particulars are entered in the same date and particulars column, तो इसका मतलब क्या हो, कि हर transaction को date wise record किया जाएगा, ऐसा नहीं हुआ, कि उपर नीचे करके record कर दिय आपको record किया जाता है, तो यह हमारा देखो, petty cash book का यहाँ पर format भी given है, अमाउंट receive, amount receive है, cash book follow है, date है, हमारी particulars है, यहाँ पर voucher number है, जिस voucher number, जो slip आपको मिले हुए उसका number है, उसके बाद amount paid का column है, यहाँ पर हम फड़ा फट से एक simple petty cash book बना भी लेते हैं, practically करके यहा� बनाया गया है, तो सबसे पहले, सबसे पहले यहाँ पर देखो, cash received हुआ है, कितने है, 1000 था, ठीक है, cash received हुआ है, तो उसको हम left hand side में record करते हैं, amount received column में, तो यहाँ पर हमने जो है, 1000 रुपीज जो है, record कर लिया, अब देखो, यहाँ पर हमें date देनी है, first January को cash received हुआ है, त तीज है, ठीक है, to cash account, उसके बाद देखो, next क्या है हमारा यहाँ पर, purchase stationary, यहाँ पर जो है, stationary, printing and stationary, समान वगैरा कुछ खरीदा है, ठीक है, कितने है हमारा, 100 रुपीज का, तो यहाँ पर देखो, payment हुई है, payment हुई है, तो यहाँ पर सबसे पहले date होगी, किस date पर की गई � by taxi fare account, कितना, 100 रुपीज, तो इस तरीके से हम जो है, petty cash book में transactions को record करेंगे, ठीक है, उसके बाद देखो, newspaper है, newspaper में हम चोड़ा पोड़ा खर्चा किया था, तो by newspaper account, date जरूर देनी है, कितनी, 150 रुपीज, ठीक है, उसके बाद देखो, photo state करवाई थी हमने, 200 रुपीज की photo state 1000 रुपीज, उसमें से हमने यह छोटे मर्टे, जो हमारे expenses होते हैं, उनको हमने यहाँ पर कर दिया है, अब last में देखो, क्या हुआ है, balancing की जाती है, यहाँ पर देखो, 1000 था, balancing कर दी, यहाँ पर भी, हमने यहाँ पर balancing कर दी, ठीक है, तो यहाँ पर last में, हम balance निकालेंगे जो है, balance वो बच गया, ठीक है, 250 का यहाँ पर balance बच गया है, अब यह जो 250 का balance बच गया है, वो next month, ठीक है, हम जो है month, यहाँ पर, अगर यहाँ पर ordinary system है, तो माल लो यहाँ पर 750 जो है, payment कर दी, तो यहाँ पर फिर से इसके बास कितना 1000 रुपीज आ जाएगा, ठीक है, और जो हमारा petty cashier होगा, उसके बास 1000 रुपीज हो जाएगे, starting में, तो यह हमारा था, यहाँ पर simple petty cash book, I hope आपको यहाँ तक clear हो गया होगा, simple petty cash book, यहाँ पर हमारा क्या होता है, उसके बार next देखो, हमारा क्या है, analytical petty cash book, ठीक है, analytical petty cash book में simple है, बस difference एक चोटा सा यही है, कि इसम तो यहाँ पर देखो, सबसे पहले, analytical petty cash book is used for entering receipt of cash, जो भी हमारे पास cash आएगा, उसको receipt record करने के लिए, ठीक है, record कहाँ पर करना है, left hand side में, वो बिलकुल same है recording का, ठीक है, और जो payments होगी, उसको हम right hand side में record करेंगे, और यहाँ पर जो basic difference है, वो क्या है, separate column is created for entering particular item of expenditure, जितन पूर्व, clear है आपको, यह हमारा क्या है, analytical petty cash book, तो यहाँ पर देखो, हमने पहला column क्या है, हमारा amount received का, ठीक है, यहाँ पर हमारा cash folio है, यहाँ पर जो हमारा cash book का folio है, उसके बाद देखो, हमारे date है, यहाँ पर particulars है, voucher number है, total payment है, वो क्या है, total payment का column है, उसमें हम total payment शो क convenience और cardage के लिए, ऐसे हम expenses को अलग-अलग column बनाते हैं, ताकि हम detail में जान सके कि कौन सा खर्चा जादा हुआ और कम हुआ है, ठीक है, तो यहाँ पर हम जो है, practically एक बना के भी देखेंगे यहाँ पर, फड़ा-फट से कुछ transaction दी है, उसके base में हम जो है, यहाँ पर analytical petty cash book जो कितनी है, 1000 रुपीस, कितनी है, 1000 रुपीस, तो यहाँ पर देखो, entry क्या होगी, 2 cash account, ठीक है, reason भी तो हमें देना है न, 2 cash account से हम यहाँ पर enter कर देंगे, ठीक है, clear है, उसके बाद देखो, next हमने क्या किया है, purchase stationary 100 रुपीस का, हमने यहाँ पर stationary को purchase किया है, 100 रुपीस का, त यहाँ पर हमने payment की है, ठीक है, उसके बाद, उसके बाद अगर इस date पे कोई और भी यहाँ पर item हुई होती, जैसे postage हुई होती, यहाँ पर wages हुई होती, वो भी हम यहाँ पर लिखते, तो फिल्हाल के लिए एक तारीक को हमने सिर्फ stationary ही की है, तो last में जो हमारा total amount होता, � यहाँ पर खरीदा है, 80 rupees का, तो यहाँ पर सबसे पहले मैं news column हूँ, ठीक है, news column क्योंकि यहाँ पर नहीं है, news column नहीं है, तो इसको हम कहां डालेंगे, miscellaneous column हूँ, ठीक है, मतलब कि जो important खर्चे होते हैं, ठीक है, छोटे में भी जो important होते हैं, उसका तो हम column बना लेते हैं ही, खरीदा था, तो 80 rupees हमने total payment लिख दी, उसके बाद देखो, 6 जनवरी को हमने यहाँ पर photo state यहाँ पर करवाई थी, कितने के 20 rupees की, ठीक है, तो यहाँ पर photo state account लिख दिया, ठीक है, यहाँ पर हमने photo state और miscellaneous है, तो यहाँ पर हमने miscellaneous का जो है, entry कर दी, photo state के लिए कोई column � लिख दी, तो ऐसे ही बाकी transactions को भी हमने जो है, यहाँ पर series by जो है, लिख लिया, ठीक है, उसके बाद देखो, next में हमारा procedure वो ही रहेगा, यहाँ पर balancing करनी है, बस थोड़ा सा diff
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