BP accounting in depth TRIAL BALANCE & RECTIFICATIONS OF ERRORS

TRIAL BALANCE & RECTIFICATIONS OF ERRORS

TRIAL BALANCE & RECTIFICATIONS OF ERRORS — a Bank Promotions accounting in depth video lecture on Learning Sessions.

14 Jun 2026 31:38 min 14 views
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इसे के साथ शुरू करते हमारा आज का topic यहाँ पे trial balance और rectification of errors सबसे पहले हम trial balance का meaning करेंगे तो यहाँ पर मैं आपको revise करान चाहता हूँ कि जब भी हम accounting करते थे जब भी हम accounting करते थे तो accounting में क्या होता था जब भी हमारे किसी business में transaction होती थी कोई भी transaction होती थी तो सबसे पहले हम उसको क्या करते थे books of original entry में record करते थे जैसे मालो यहाँ पर हमारी sale की transaction हुई है यह हमारी परचेश की transaction हुई है हमने कोई यहाँ पर salary pay की है तो सबसे पहले हम accounting में क्या करते थे इन transaction को तो जुगरन लेंच दिफोर्म में कैसे जर्नल एंट्री की फॉर्म में रिकॉर्ड करते थे किसी है हमारी बुक्स आफ ऑरिजिनल एंट्री ठीक है पहला स्टाफ हमारा आकाउंटिंग का होता आईट का इसलिए हम जितने भी ट्रायनेशन होगी पहले उनको एक साथ जो है books of original entry में रिकॉर्ड करते थे उसके बाद नेक्स्ट अप हमारा बॉटिंग में क्या होता था classification of ट्रसेक्शन जो हमने ट्रांजेक्शन बुक्स और इन ट्रैंटरी में रिकॉर्ड किए उनको हमें usan, एक इस मौनन तो नचर, � innoc, हुआ था। थोड़ि कुछ होते है। अपने देश बांच के अंच का, नंबर से सकूल थे, वे साले आपके गात का बिकपूर को खुद बनने उठुए हो। अगर हर ट्रांजेक्शन के लिए एक जो है अलग से अकाउंट ओपन कर देते हैं जिसको हम क्या करते थे लेजर अकाउंट जिसी यह सेल की ट्रांजेक्शन है ठीक है तो हम क्या करते थे यहां पर सेल अकाउंट ओपन कर देते थे क्या करते थे आपका रूप से लेटेड जितनी भी होती है जो है रिकॉर्ड कर देते हैं पोस्ट कर देते थे जिसको हम करते हैं लेजर सब्सक्राइब कर लगते थे तो उसको यह पर गुद्द कर ले तो ज्यादा अगला पॉइंट कर ले थे उसके बाद step हमारा क्या होता था summary बनाना summarize करना यह जो हमारी transaction हमने classify कर लिया उसको उसकी हमने summary बनानी थी ताकि हमें जो है कम detail में जो है फटा फटा से information मिल जाए summary कम words में ज़ादा से ज़ादा information तो उसके लिए हम यहाँ पर क्या करते थे trial balance बनाते थे जिसमें हम क्या करते थे basically यह जो हमारे accounts होते थे जो हमारे ledger accounts होते थे उसके जो balances होते थे उनको हम जो है trial balance में जो है show करते थे यह जो sheet दिख रही है ना आपको इसी को हम यहाँ पर क्या करते है trial balance यह एक ऐसी sheet होती है जिसमें हम हमारे जितने भी ledger accounts होते हैं उसके balances को क्योंकि जब हम ledger account prepare करते हैं, debit credit करते हैं तो last में जब उसको हम close करते हैं तो कोई ना कोई balance बच जाता है तो उस balance को हम क्या करते थे? trial balance में show कर देते थे जिससे हमारे जितने भी accounting की transactions थी उसकी summary बन जाती थी ठीक है? तो हम क्या करते हैं? जैसे मालो यह sale account हमने open किया है इसके last में कोई ना कोई balance बच गया है तो हम क्या करते थे? उस balance को जो है trial balance में show कर देते थे sale account, अगर debit balance है तो debit side, अगर credit balance है तो credit side हम उसको show कर देते थे तो इस sheet को हम यहाँ पर क्या कहते हैं? trial balance आगे हम detail में इसके पर मैं पढ़ेंगे ठीक है तो यहाँ पर आपको एक चीज क्लियर हो गई कि जो ledger accounts होते हैं जो भी हमारे ledger accounts होते हैं उसके balances से जो हम यहाँ पर trial balance बनाते हैं अब यह जो balance होता है वो आता कैसे है ठीक है balance calculate हम कैसे करते हैं तो उसको समझने के लिए हम एक account होते हैं जिसमें four columns बनाते हैं ठीक है पड़ा पढ़े हम एक account बना लेते हैं यहाँ पर हमारे particulars होते यहाँ पर हमारा amount होता है यह भी परamos पर हमारा amount होता है कैश�� देखो यहाँ पर हमारी too wird über ihre Kredits Sweden उसका यहां पर देखो हम शुरू से समझेंगे मैं अजय को प्रभारों में सोच की चलों कि आप बिगिनर हो उस तरीके से मैं आपको समझाने की कोशिश करूंगा इस वीडियो में कि कैसे हम जो ट्रायल बैलेंस प्रिपेयर करते हैं यहां पर देखो कैश अकाउंट है कैश अकाउंट है तो एक डेबिट कर सकते हैं हमें पता है जब भी उनका सफाति कैसा आता है तो उसके बाद हम्bed outside करते और जब भी हमारे ब सब्सक्राइब करें पैसा आया होगा और पैसा लगाया आ एक अंत अपनी महीले तो आप इसकी में अभी एक गोशल जिसकी पैसा लगाता है तो उसको हम capital account में show करते हैं, two capital account, मान लो यहाँ पर ten thousand rupees जो है owner ने लगाए, उसके बाद और कहां से पैसा आ सकता है, हमने sale की होगी, तो यहाँ पर हम लिख देते हैं, to sale account, कितना पैसा हमारे पास आया है यहाँ पर, मान लो यह भी हमारा ten thousand rupees आया, ठीक है, उसके बाद मान लो कोई और हमें commission मिली, कोई हमें यहाँ पर, हमने हमें जो है यहाँ पर किसी तरह की commission receive हुआ या फिर interest receive हुआ या फिर rent receive हुआ, मान लो वो हमारा कितना entry करते हैं तो यहाँ पर जब आपको purchase कितनी की है ten thousand rupees तो यहाँ पर कितनी की, ten thousand rupees तो यहाँ पर मान लो, हमने purchase कितनी की यहाँ पर किस स्तिर्फ की है ten thousand rupees नहीं हो जब आगे हम भी � और इसको मrage बेक करने जा trusted उसका वसै तय बा Psalm भी 11 आप रसी का ख्यूम हमने देख लिया कि इतनी इतनी transaction हुई, अब हम balance करके देखेंगे, कि हमारे पास कितना balance बचा है, तो यहाँ पर देखो, सबसे पहले हम total करेंगे यहाँ पर, तो यहाँ पर देखो, total कितना हो गया हमारा, 10,000, 10,000, 20,000, 25,000, तो आप लोग को दिखी रहा होगा कि इस side ज़्यादा balance है तो हमने यहाँ 25,000 लिख दिया उसके बाद इसका भी balance क्या यह हमारा बन रहा है 20,000 का तो यहाँ पर जो बड़ी amount होती है उसको हम side में forcefully यहाँ पर लिख देते हैं उसके बाद देखो जो balance बचा होता है उसको हम य recorded की बाद में जो है यह balance हमारे पास इतना बच गया ठीक है क्या बच गया? 50,000 रूपीज है यहाँ पर हमारा balance बच गया ठीक है इसको हमने balance CD CD दे दे दिया अब यह जो 5,000 रूपीज है ना 5000Rs है इसको हम क्या करेगे Trilli Balance में शो करेंगे TRLL Balance पर हम क्या करेंगे वहाँ पर क लिख देते हैं यहाँ पर, ठीक है, यहाँ पर cash, यहाँ पर 5000. अब हमें यह देखना है कि जो 5000 पीस है वो debit balance है या फिर credit balance है, जब भी हम accounting कर दे तो आप लोगों को कई बार सुनने में आता है कि इसका debit balance होता है, यह credit balance आया, यह debit balance आया, ठीक है? तो यह हम कैसे पता करते हैं? तो देखों यहाँ पर balance जो है 5000 है, ठीक है? यह क्यों आया? क्योंकि हमारी debit side बड़ी थी, कुंसी थी? तो जब हमारी debit side बड़ी थी, तो यह balance जो 5000 है, वो क्या है हमारा debit balance, ठीक है? Actually we have done it in Show Credit side We have done it in Show Credit side But actually this balance is our Debit Here in Debit we have 25,000 Where is the extra balance? In Debit side So what is this balance? It is our Debit balance But because we had to figure the balance We had to do balancing So we have done it in Show Credit side But actually what is this balance here? It is Debit balance Similarly, if in any case you see this Here let me give an example Here suppose What would have happened? हमारा यहाँ पर 10 balance ये CD नहीं होता यहाँ पर मालो यहाँ पर हमने एक और expense कर दिया हमने wages पे कर दिया ठीक है वो हमने कितनी कर दिया 10,000 के तो यहाँ पर total कितना आएगा हमारा 30,000 तो यहाँ पर भी 30,000 आगया ठीक है उसके बाद देखो balancing figure हमारा इदर आता तीके यहाँ पर जो है हमारा balancing आता कि कितना आता हमारा 5000 रुपी अब देखो यहाँ पर credit side हमारी बड़ी है तो it means यह जो balance है cash यहाँ कोई पूछे ना आपको इस case में cash का कौन सा balance है आपने कहना है यह credit balance है क्योंकि credit side बड़ी है टीके पर बाद में हमने balance करने के लिए इसको debit side में show कर दिया तो ऐसे जो है आपको यहाँ पर पता करना होता कि कौन सा हमारा debit balance है और कौन सा हमारा credit balance है तो यहाँ पर देखो दो चीज़े हमें पता लगे एक तो cash के आगे हमें 5000 लिखना है और जो debit वाला column है यहाँ पर debit वाला column है उसमें जो है 5000 यहाँ पर लिखना है तो यहाँ तक मैंने I hope आपको clear हो गया होगा कि आपको debit balance और credit balance जो है कैसे पता करना होता है तो अब हम जो है यहाँ पर trial balance के आगे हम यहाँ पर meaning समझ लेते हैं definition देख लेते हैं क्या है तो यहाँ पर देखो taking all the ledger balances जो हमारे ledger थे जो हमारे accounts open थे उसके सारे balances को हम जो है यहाँ पर take करते हैं और उसको जो है single worksheet में जब show करते हैं और trial balance जो है particular date पर बनाया जाती है तो उसको हम यहाँ पर क्या कहते है trial balance मतलब कि जितने भी हमारे ledger है उसके balances को हमने लिया और उसको एक single worksheet में जो है लिख दिया और वो worksheet जो हमने किसी particular date पर बनाई है तो उसको हम यहाँ पर trial balance का नाम देते हैं ठीक है अब यहाँ पर next line में लिखा है a trial balance या financial report यह financial report होती है क्योंकि यह हमें financial transaction के बारे में बताती है उसके बारे में एक summary present करती है क्योंकि जो trial balance है उससे ही आगे जो हमारे final accounts बगरा बनते हैं तो इसलिए इसको हम financial report भी कहेंगे ठीक है जो closing balance शो करता है all accounts का last में हम जब account बंद कर देते हैं तो last में जो balance होता है उससे हम closing balance कहते हैं तो trial balance में हम closing balance को ही शो करते हैं ठीक है तो closing balance हमारा trial balance जो है यहाँ पर शो करता है ठीक है तो यह हमारा meaning था trial balance का उसके बाद देखो क्या है trial balance की times अब जो हमारी trial balance वो कितनी तरह के होते हैं जो companies होती हैं, वो कौन-कौन से, किस-किस तरीके से, जो है, trial balance prepare कर सकते हैं, तो सबसे पहले हमारा होता है gross trial balance, उसके बाद होता है हमारा यहाँ पर net trial balance, अब gross trial balance क्या होता है, तो यहाँ पर देखो, जब मैंने आपको account बना के दिखाया था, cash account का account बना था, तो उसमें क्या हुआ था, कि जो हमारे यहाँ पर debit side थी, यहाँ पर जो हमारी debit side में total आ रहा था, कितना आ रहा था हमारा 25,000, और credit side का जो total आ रहा था, वो डैबिट साइट में हमारी एंट्री कितनी थी, यहाँ पर, 25,000 की, तो जो gross trial balance होता है न, उसमें जो हम balance शो करते हैं, वो न हम total of debit balance और total of credit balance शो करते हैं, it means, जब आप trial balance बनाओगे, तो यहाँ पर आप क्या करोगे, एक तो cash का column बनाओगे trial balance में, gross trial balance की बात कराओं यहाँ पर, gross trial balance की, और यहाँ पर एक debit column होता है और एक यहाँ पर credit column होता है तो आप gross trial balance में क्या करोगे, पहले तो debit का कितना है हमारे, twenty five thousand, ठीक है, debit का कितना है twenty five thousand और credit का कितना है twenty thousand, ठीक है, इसका बिल्कुल opposite होता है , इसमे जो हम net balance, मतलब कि last तो आप यहाँ पर देखो एक तो यह डेबिट बैलेंस है फाइट था उन पेस का तो हम क्या करेंगे सिर्फ डेबिट साइड में है पाइट थाउसर रुपीस जो है वहीं शो करेंगे और क्रेडिट साइड को यहां पर खाले छोड़ लेंगे ठीक है तो इस तरीके से अगर कोई ट्रायल बैलेंस बनाया जाता है तो उसको हम यहां पर क्या कितना नेट ट्रायल बैलेंस और आप तो बता दूं कि जो नेट विल्डी बैलेंस है वहीं ज्यादा जो है कंपनी स्फॉलोध करती है ज्यादा फैमेस हमारा यहां पर कौन सा होती है यहां पर नेट विल्डिस बैलेंत की �TEAM S snare आज तो यहां मारी थे टाइप्स type से régime पर त्रेल बैलेंस का उसके बाद पूछिए हमारा दिस एग्रीमेंट का मतलब यहां पर जब त्रेलबैंस बनाते हैं तो इसमें हमारा एक होता है हमारा कर देखिए यह हमारा यहां पर देखो यह हमारा है और एक द क्रेडिट तो एक चीज़ आप लोगों को पता है कि accounting में हम double entry system follow करते हैं क्या करते हैं हम यहाँ पर double entry system यहाँ पर आप लोगों को पता है कि accounting में जब हम accounting करते हैं तो हम जो है यहाँ पर double entry system को follow करते हैं double entry system में क्या होता है basically जितनी भी transaction होती है जैसे हमने sale की, ठीक है, उसकी हम जो transaction है दो बारी करेंगे, एक उसकी transaction डेबिट साइड में करेंगे, और इसकी एक transaction जो है हम यहाँ पर credit साइड में करते हैं, clear है आपको, ठीक है, ऐसे ही अगर आपने salary pay की है, ठीक है, तो वो एक transaction है, पर double entry system है, हम उसके दो effect होते हैं, हम उस एक example लें, उसके बाद साथ के साथ आप उसी transaction के लिए cash account को credit करते हैं, क्योंकि हम जो है cash account, cash हमने 5000 pay किया है, तो आपने देखा, कि एक transaction हम दो बार record करें, तो यहाँ पर देखो, अगर हम proper तरीके से यहाँ पर record करें, हर transaction को proper तरीके से record करें, तो उसका एक debit होता है, एक credit हो उसकी एक बारी debit side में same amount से entry करते हैं, और एक बारी cash account में, credit side में हमारी same amount से entry करते हैं, तो it means अगर मैं यहाँ पर short the trial balance बनाओ, तो मैं यहाँ पर salary लिखूँगा, ठीक है, हम यहाँ पर जो है, salary लिखेंगे, कितना लिख दूँगा यहाँ पर 5000 रुपी, debit side में है, debit balance इसका हमारा जो है, debit balance, यह जो debit balance है, और यह जो credit balance है, वो equal ना हो, किसी भी case में, यहाँ पर मालो हमारा जो credit balance हो, वो 4000 आ जाए, तो इसको हम यहाँ पर क्या कहते हैं, disagreement of trial balance, जब हमारा trial balance नहीं बना, जब हम trial balance बनाते हैं, तो उसमें से एक तो objective होता है, कि हमें summary बना के financial report present करने है यह जो पर तरीके से की, क्या हमने उसकी ledger posting सही तरीके से की, अगर तो यह जो दो balance है, दो balance है, वो एक दूसरे के बराबर हो जाए, ठीक है, it means कि हमने जो है recording वगैरा सही से की है, ठीक है, इसके कुछ exceptions होते हैं, वो आगे जब हम errors करेंगे, तब आपको clear करवा देंगे, त से match नहीं करता, दोनों में difference आ जाता है, वज़ा भी मैंने आपको बता दी, कि वो किस वज़ा से एक दूसरे से match करना चाहिए, ठीक है, तो यहाँ पे भी लिखा है, under the double entry system bookkeeping, if all the transactions are correctly recorded through various books of prime entry, correctly posted through ledger, if totaling is correct, then only trial balance should be tele, मतलब की, शुरू से लेकर, जब हमने transaction को recording की, उसके � बारे में, यहाँ पर हमारे trial balance का जो balance है, वो telly करेगा, उसका debit balance वो credit balance के साथ telly करेगा, clear है आपको, किस case में telly नहीं करेगा, अगर आपने किसी भी तरह की error की, तो हम अब इसके बाद पढ़ेंगे, errors के बारे में, कि किस किस तरह की errors हो सकती हैं, जिसकी वज़े से जो है, हमने यह देखा, कि trial balance को disagree होने का कारण क्या है, कि कोई ना कोई यहाँ पर हमारी गलती हो गई, अब गलती कहां कहां हो सकती है, कैसे कैसे हो सकती है, उसके लिए सबसे पहले मैं आपको बताओ, सबसे पहले हम क्या करते हैं, यहाँ पर recording करते हैं, recording करते हैं, तो सबसे पहला recording कि आपने क्या किया उसको भूल गए उसको रिकॉर्ड करना गलती हो गई गलती हो गई ना उसके बाद और क्या सकता है कि आपने सेलरी पे की थी तन थाउजन की या कि थी तन थाउजन की पर उसको आपने रिकॉर्ड कितने में कर दिया 5000 एक चीज तो हमारी गलती हो सकते है record होगी ठीक है लोगोंसे इसकी बोस होगे के लिए डब्ल और यहां पर एंटरी में जो इसको पोस्ट करने ना कर दी आपने में उसकी ट्रांजेक्शन के एंट्री कर ना उसके हैं इस बजैसे भी सब्सक्राइब इसका मतलब लॉग मतलब recording से जब हम ledger posting करते हैं तब भी हमारे mistake हो सकते हैं, उसके बाद last हमारा step यहाँ पर क्या होता है, जब हमने यहाँ पर ledger भी पान लो proper बना लिया, हमने मान लो कि recording भी proper कर लिया यहाँ पर, और ledger posting है वो भी proper कर लिया, उसके बाद next क्या हुआ, हम यहाँ पर totaling कर रहे थे, अब last में हम क्या करते हैं, ledger की जो भी transaction है, debit credit करके उसके totaling करते हैं, chances होते हैं कि जब हम totaling करें न, उसमें भी mistake आ जाएं, for example, मान लो यहाँ पर जो cash account है, जो cash account है, उसका जो total आ रहा था, वो क्या आ रहा था, 30,000, तिके, यहाँ पर मैं लिख देता हूँ यहाँ पर, 10,000 की entry थी, यहाँ पर 10,000 की entry थी, यहाँ पर 10,000 की entry थी, debit side भी कोई entry होगी, मान लो example की यह बता रहा हूँ यहाँ पर, मान लो total कितना आना चाहिए, 30,000, आपने पर total कितना कर दिया, यहाँ पर 3000, कितना रख दिया, एक जीरो खा दे, आपने एक जीरो खा गया है, तो यहाँ पर 30,000 की जगा, आपने 3000 की totaling कर दी, तो इसकी वज़े से भी आपने mistake हो सकती है, तो इनी तीन stages पर, जो है mistake होने के chances होते हैं, जिसको हम identify करते हैं, trial balance बनाने के बाद, अब देखो, classification of errors के बारे में पढ़ते हैं, कि अब यह जो errors मैंने आपको तीन जगा पर गिनाई है, उसको हम classify कैसे कर सकते हैं, classification of errors, सबसे पहले यहाँ पर देखो क्या है, clerical errors, ठीक है, clerical errors, नाम से पता लग रहा है, कि यह जो है हमारी, जब हम recording बगएरा करेंगे, जब हम recording बगएरा करेंगे, उस वजह जो हमारी mistake होती है, जैसे हमने, यहाँ पर कोई amount 50,000 थी, उसकी जगा पर हमने 5000 लेके दिया, ठीक है, यहाँ पर account, cash account था, पर हम जो है, उसकी entry कर दी, यहाँ पर हमने salary account में, ठीक है, तो यहाँ पर यह क्या है हमारी clerical mistake, ठीक है, clerical mistake, उसके बाद next एक हो क्या होती है, type हमारी principal errors, अब principal errors क्या होती है, तो यह देखो, principal errors से पहले मैं आपको बता दू, जब भी हम accounting करते हैं, जब भी हम यहाँ पर accounting करते हैं, तो accounting में हमें कुछ principles को follow करना होता है, general principles होते हैं हमारे, जैसे कि आप लोगों को पता है, business entity concept हो गया, हमारे money measurement concept हो गया, तो इन concept वगैरा को हमें follow करना होता है, और उसके according जो है, हमें यहाँ पर entry करनी होती है, तो अगर आपने उस principle को follow करने के लिए, मतलब करते वक्त आपने कोई गलती कर दी, तो उसको हम यहाँ पर क्या कहते है, principle errors, for example, मैं आपको बता दू, कि wages का, क्या होता है wages, ठीक है, देखो, एक हमारा principle होता है, एक हमारा accounting principle है, कि आप जो है, जब भी कोई नई machinery खरीद के लिया, तीके, आप जो है कोई भी machinery, यहाँ पर machinery खरीद के लिया, ठीक है, यह हमारा principle क्या कहता है, कि machinery को खरीदने से लेकर, उसको start करने तक, मतलब कि machinery आपने खरीद ली, उसको plant and machinery में लिया लिया, ठीक है, और उसको start होने तक आप जितने भी खर्चे करोगे ना उसको आप machinery की cost में include करेगे for example आपने जो है यहाँ पर 50,000 की machinery purchase की कितने की 50,000 की उसके बाद क्या हुआ इसको आपने यहाँ पर अपने plant में लियाने के लिए 5000 रुपीज के जो है transportation expense किया फिर इसको हमारी machinery start है हम production कर सकते हैं तो इस point तक जब जग हमारी machinery जो है start नहीं होती जितना भी खर्चे होगा ना उसको हम machinery की cost में include करेंगे तो यहाँ पर हमारी cost आएगी वो कितनी आगी 60,000 machinery की और इसे हम जो है machinery account में record करेंगे ठीक है पर आपने क्या किया यह जो wages आपने pay किये उसको आपने wages account में debit कर दिया मतलब कि wages account क्या होता था wages account हम उसके लिए open करते थे जो हमारे workers काम करते थे production में जो production करते थे ना हमारी goods and services की production करते हैं उनको हम wages pay करते थे उसके लिए हम hanya prices per udha. उस प्रोटे polulinje भारते हुए ज्यादा जो आप जैसे दो आप रिपीओलों के सम्मालेट मार्टर ना होंगे हुआ था सब्सक्राइब को नहीं oi पलस में में चारकोर के हाउट टो ठीक है और एग्जामपल एक बिनक बताओ! और एसजनपल अगुक्त ढविप सैलरी होगे यहाँ पर जब भी आप सैलरी पैक करोगे तो आप Kell נिर्म विशेषण Ph. following एडिमेंट को सबूत राभर करते हैं एक गुल जरूरत चन्ता अकाउंट में एंट्री कर दी ठीक है मतलब रॉन्ग अकाउंट में जैसे डेबिट करना तो आपने क्रेडिट कर दिया ठीक है वह हमारी क्लैरिकल एक्टर सोती है और अगर आपने कोई प्रिंसिपल को फॉलो करने से मना कर दिया उसमें गलती थी वहां principal errors होती है, उसके बाद हम further इसको classify करते हैं, जो हमारे clerical errors होते हैं, इसको हम आगे भी parts में यहाँ पर divide करते हैं, सबसे पहला हमारा error होता है, जो clerical error के under आता है, ठीक है, यह हमारा अलग part हो गया, अब यह जो है हमारे इसके, clerical error के under जो है, इसकी types हम यहाँ पर कर रहे हैं, स� record करना भूल जाते हैं, जिसे मान लो, यहाँ पर जो है, आपने यहाँ पर salary pay की, आपने यहाँ पर salary pay की, कितने की, 5000 रुपेज की, ठीक है, तो यहाँ पर, अगर इस transaction को, इस transaction को आप partially, मतलब कि आदा हिसा, या फिर पूरा का पूरा ही आप अगर अपनी books of account में record नहीं करत अगर error of commission क्या होता है, तो इसमें basically क्या होता है, कि आपने transaction को record तो किया है, ठीक है, इसमें क्या होता है, कि आपने transaction को record ही नहीं किया, पर इसमें क्या होता है, कि आपने यहाँ पर transaction को record किया है, पर recording के वक्त, recording के वक्त आपने क्या किया, amount गलत कर दी, ठीक है, आपने यहा किया तो यह हमारा कहा है error of commission जिसमें amount के entry होगी उसके बाद ऐसा भी हो सकता है कि आपने क्या कहा इसको salary account के debit side में enter करना था आपको इसको जो है salary account के debit side में enter करना था पर आपने यहाँ पर क्या कर दे इसको credit side में entry कर दी आपने इसकी credit side में entry कर दी तो यह भी हमारी क्या होती है next एक हमारा क्या है compensating errors अब compensating errors क्या होती है तो नाम से पता लग रहा है कि compensate करना मतलब कि जब एक गलती के effect को दूसरी गलती जो है कम कर दे खतम कर दे उसको हम यहाँ पर कहते है compensating errors for example यहाँ पर क्या हुआ आपने यहाँ पर purchase के entry डाली आपने यहाँ पर जिसकी वज़े से क्या हुआ आपकी जो trial balance है जो आपका trial balance का debit balance है वो यहाँ पर 18,000 से जो है कम हो गया कितना हो गया हमारा 18,000 से कम हो गया ठीक है इसके opposite आपने क्या किया यहाँ पर एक sale की entry भी की आपने यहाँ पर क्या किया यहाँ पर sales entry entry 2000 male entry 2000 actual entry entry 2000 here you will see here debit balance here debit balance choose sales entry entry 2000 record barrier तो यहां से क्या हुआ कि ट्रायल बैलेंस का जो क्रेडिट बैलेंस है वह भी हमारा 18000 से कम हो गया क्या होगा हमारा 18000 से कम हो गया तो यहां पर आप देखोगे कि यह पहले गलती हुई थी इसके इफेक्ट को यह दूसरी गलती ने जो है खत्म कर दिया उसके इफेक्ट को दूसरी गलते ने कम खत्म कर दिया और यहां पर यहां पर जो हमारा टैप ट्रायल बैलेंस है जो प्राइट बैलेंस है वह बिल्कुल इक्वल हो जाएगा क्या हो जाएगा हमारे यहां पर बिल्कुल इक्वल 18,000 18,000 यहाँ पर cancel हो जाएंगे ठीक है और यहाँ पर हमारा जो trial balance हो वो equal हो जाएगा तो इस error को हम यहाँ पर क्या कहते है compensating error जहाँ पर एक error दूसरे error को के effect को यहाँ पर खतम कर देती है ठीक है I hope आपको यहाँ तक clear हो गया होगा अब sorry अब एक एक करके जो है हम यहाँ प या फिर partially जो है अपनी books of account में record नहीं करते उसको हम यहाँ पर क्या करते है error of omission इसका मतलब जो error of omission हमारी दो तरीके की होती है एक complete omission और एक हमारी होती है partial omission अब complete omission इका मतलब जब आप किसी transaction को completely ही record नहीं करते जिसे आप लोगों को पता है नहीं कि accounting में double entry system follow करते हम लोग तो इसमें हर transaction का दो aspect होते एक debit और credit अगर आपने उस transaction को fully नहीं record किया ना उसका debit ना credit तो वो हो जाएगा हमारा complete omission इसके opposite अगर आपने किसी transaction के debit side को या credit side को तो record कर लिया पर एक aspect को record नहीं किया तो उसको आप कहोगे partial omission एक example के यहाँ पर मालो जब हम salary pay करते हैं तो हम क्या करते हैं कि debit करते हैं salary account को ठीक है हम क्या करते हैं यहाँ पर salary account को debit करते हैं और credit करते हैं cash account को ठीक है तो अगर आपने क्या किया, इसमें से एक, जैसे debit, salary account को आपने record कर लिया, तो आपने transaction का एस एक aspect को record कर लिया, पर दूसरे को आपने छोड़ दिया, उसको भूल गए, तो इसको हम यहाँ पर क्या कहते हैं, partial omission, complete में क्या था, कि आपने इन दोनों ही को record ही नहीं किया, तो व भूल में कोई change नहीं आता, पर जो partial omission है, वो जो है हमारे trial balance में reflect होता है, और जो partial omission की गलती है, वो हमें trial balance में मिल जाती है, हम उसको detect कर सकते हैं, पर complete omission की case में, हम जो है, गलती को नहीं पकड़ सकते हैं, ठीक है, तो यह हमारी errors of omission थी, उसके बाद next ती को errors of commission, errors of commission दे हम देख लेते हैं, सबसे पहले posting of correct amount, but wrong side, इसका मतलब क्या हुआ, कि आपने amount तो बिलकुल सही record किये, पर उसकी side, मतलब जैसे हम account बनाते हैं, तो एक हमारी debit side होती है, और एक credit side होती है, तो यहाँ पर मान लो, आपने 10,000 की जो है amount थी, आपने यहाँ पर कोई जो है transaction की, � amount, but wrong side, ठीक है, उसके बाद next एक हो क्या है, posting of wrong amount, but on the correct side, इसका तो मतलब आपको clear हो गया होगा, कि amount जो है, वो हमने यहाँ पर गलत कर दी, पर side बिलकुल ठीक थी, जैसे यह debit, यह credit, ठीक है, तो amount हमारी थी 10,000, ठीक है, और उसको हमें करना था debit side, हमने debit side ही किया, पर amount में posting कर दी, मतलब कि, कि wrong, amount भी wrong, और side भी wrong, तो वो भी हमारी क्या होती है, error of commission, ठीक है, clear है, उसके बाद देखो क्या है, a mistake committed in balancing of leisure account, ऐसा भी हो जाता है, कि जब हम balance करते हैं, हम जब account का balance करते हैं, तो उस वक्त भी कोई ना कोई mistake हो जाती है, जैसे मैंने आपने वो example पहले भ error of commission होती है, उसके बाद देखो, next क्या है, हमारा compensating errors, यहाँ पर देखो क्या लिखा है, when one mistake nullifies the wrong effect of another, जब एक mistake जो है, दूसरे mistake से जो effect बढ़ा था, उसको खतम कर देती है, तो उसको हम यहाँ पर क्या कहते है, compensating error, example से मैंने आपको समझाया था, कि compensating errors हमारी यहाँ पर क् जब हम किसी principle को follow नहीं करते, तो उसकी वज़े से जो गलती होती है, तो वो हमारा क्या होता, errors of principle, इसकी मैंने आपको proper examples भी दी थी, तो यहाँ पर देखो, error of principle हमारी कौन से, these are the errors arising from not observing the accounting principles correctly, जब हम accounting principles को correctly यहाँ पर absorb नहीं करते, उनको follow नहीं करते, तो उसकी वज़े से ज क्या होता है, कितनी तरह के हमारे trial balance है, और हमने यहाँ पर mistake भी देखे, हमने errors भी देखे, कि जब हम accounting करते हैं, तो कौन कौन सी errors हो सकते हैं, और कहां कहां पर हो सकते हैं, उसके base में हमने errors को दो parts में divide किया था, एक हमारी clerical errors, और एक हमारी principle errors, आके further जो clerical errors हैं, उनको भी ह next वीडियो में जो हम rectification of errors के बारे में बात करेंगे, कि ये जो errors हमने की है, अभी तक तो हमने ये देखा, कि ये ये error accounting में हो सकते हैं, अब उसको हमें ठीक कैसे करना है, कौन कोंसी हमें entries पास करनी होती है, उसके बारे में हम जो है, next वीडियो में बात करेंगे, तो आप जो

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