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ACCOUNTING and RATIO ANALYSIS PART 1 — a Bank Promotions VIDEO LECTURES OF ASHISH SIR (FOR ALL SCALES) video lecture on Learning Sessions.
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accounting in promotions अकाउंटिंग इन प्रोमोशन्स यहाँ पर सबसे पहले accounting in promotions को शुरू करने से पहले एक चीज को समझ ली जाये जब भी आपने किसी कमपणी के बारे में जानना है अगर आपने किसी कमपनी की financial position के बारे में जानना है तो आप वहाँ पर क्या करेंगे आप वहाँ पर किस चीज को चेक करेंगे, ठीक है, मालिजिए कोई यहाँ पर company है, let us say, अभी कोई ज़्यादा complex company नहीं लेते हैं, simply यहाँ पर कहते हैं कि कोई proprietorship firm ही है, कोई proprietorship firm है, and यह आपके पास यहाँ पर loan लेने के लिए है, यहाँ पर आपके पास loan लेने के लिए है, ठीक है, तो आप इसके जो financial documents हैं, उनको check करेंगे न, तबी से verify करेंगे यहाँ पर, तबी से इसको verify करेंगे, likewise, मालिजिए person कहता है कि मेरी 50 ला की turnover है, मेरे पास इतने assets हैं, मैंने इतने person से पैसे लेने है, तो कहां से verify होगा, financial documents हैं, वहीं पर तो basically share होंगे, वहीं से तो आपको पता लगेगा कि basically इस company के यह person जो है, वो बोल क्या रहा है, कहना क्या चाहता है, जो चीज कह भी रहा है, वो सही है या नहीं है, तो आप किस चीज को check करेंगे, आप इसकी जो balance sheet है, उसे check करेंगे, आप इसकी balance sheet को check करें और जो profit loss account है, वो check करेंगे, ठीक है, and profit loss जो account रहता है ना, इसको further ना यहाँ पर divide किया गया है, जो profit loss account है, further इसको divide किया गया है, likewise, profit loss account को बनाने से पहले ना आप trading account बनाते हैं, वैसे तो profit loss account के case में ही, जो trading account है, बीच में कई बार बना दिया रहता है, लेकिन otherwise क्या करते ह हैं, तो यहाँ पर सबसे पहले हम बात करने वाले हैं, कि आपको त्यार क्या करना है, तो profit loss account बनने से पहले बनता है आपका trading account, ठीक है, trading account, तो trading account basically कौन सा account है, trading account वो account रहता है, जिसमें जो भी आपके direct expenses हैं, जो भी आपके direct expenses हैं, जैसे मालिजी आपका कोई production sector है, यह जो person यह यहाँ पर काम करता है, manufacturing का, अब किसी product की manufacturing को लेकर जो भी direct खर्चा है, जो भी direct income है, वो किसमें आएंगे आपकी trading account में आएंगी, वो किसमें आएंगे आपकी trading account में आएंगी, ठीक है, वो आपके trading account में आएंगी, ठीक है, उसके बाद जो profit loss account है आपका, इसमें जो भी जो आपका profit loss account है यहाँ पर कहा रहेगा indirect जो आपके here income हो रही है indirect job expenses हो रहे हैं वो सब here पर शामिल रहेंगे ठीक है यानि कि जो भी your indirect income or whatever indirect expenses are there वह यहाँ पर आपके शामिल रहेंगे ठीक है तो वह indirect direct expenses या incomes के थूँ आप किसके ऊपर पहुंचेंगे? आप पहुंचेंगे net profit के ऊपर या फिर net loss के ऊपर. Trading account से हमें पजा चलता है gross profit या फिर gross loss. ये जो मैं wordings बोल रहा हूँ इनको note कर लीजिए ये क्योंकि बहुत important है. आप सिर्फ इन चीजों को भी याद रख लेंगे ना तो भी आपका यहाँ पर accounting part जितना आपको bank promotion के लिए required वो cover हो जाएगा. ठीक है? तो simple सी चीज आपको यहाँ पर cover करवा रहा हूँ कि आपको profit loss account बनाने से पहले trading account बनाना पड़ता है. आपको trading account बनाना पड़ता है. Trading account में अगर आपको manufacturing concern है, अगर service concern है, तो जो भी यहाँ पर आपका पैसा लग रहा है, direct expenses हो रहे हैं उन services को render करने में, उस product को produce करने में, ठीक है? वो सारा खर्चा किस account में शामिल रहता है? Trading account में शामिल रहता है. इसी तरह से जो direct आपकी income है वो भी किस में शामिल रहती है? आपकी trading account में शामिल रहती है. So trading account से आपकी जो values निकलती हैं वो निकलती है gross profit की, gross loss की. Gross profit की, gross loss की. ठीक है? तो यहाँ पर जैसे मान लीजिए आपने wages दी, आपने labors को wages provide किया है. चाहे skilled labor है, चाहे unskilled labor है आपने wages दी हैं. तो क्या direct expense है? वो direct expense है. चाहे इसी तरह से अगर factory का rent है. Factory का rent है. Rent pay किया वो भी आपका direct expense हो गया. ठीक है? इसी तरह से अगर आपने यहाँ पर मान लीजिए raw material है आपका. वो भी क्या हो गया? आपका direct expense हो गया. तो इस तरह के direct expenses आपके trading account में शामिल है. और उसके बाद आप gross profit को जो trading account से gross profit या gross loss निकालते है, ना उस gross profit या gross loss को हम shift करते हैं अपने profit loss account में. उसे shift करते हैं profit loss account में and यहाँ पर जो भी आपके indirect income है indirect expenses है वो कहाँ पर शामिल होती है? Profit loss account में होती है, शामिल, and profit loss account में आपके पास क्या निकलग Things that come out to you in a profit loss account? आपके पास निकल के सामयाता है जो net profit Somewhere you get the net profitация, है नैत लॉस है इस आपके पास निकल के एंसामने होते हैं got a net profit somewhere instead of a· net profit net loss आपके पास निकल के सामने आता है अब ये जो net profit होगा या net loss होगा उसकी value यहाँ पर शामिल की जाती है balance sheet में उसकी value शामिल की जाती है यहाँ पर balance sheet में ठीक है तो process तो यह रहता है ठीक है यानि कि trading account हो गया आपका first stage trading account हो गया आपका first stage second stage हो गया आपकी profit loss की and उसके ब पड़ती है जब भी आपने किसी concern को credit भी देने है ना तो आपने यही तीन चीज़ें यहाँ पर study करनी होती है trading account, profit loss account and साथ के साथ balance sheet account अब यहाँ पर अब यहाँ पर सबसे पहले ना एक basic सापको idea दे देता हूँ कि asset liability का idea एक firm के point of view से क्या क्या रहते हैं क्या नहीं रहते हैं उनके बारे में ठीक है तो हम यहाँ पर XYZ firm के पिछे ही पढ़े हुए हैं उसके बारे में ही जानेंगे उसके बारे में ही जानेंगे ठीक है तो यहाँ पर simply एक चीज़ को समझ लिजिए तो यहाँ पर cybersecurity है वह को राघोम पर समझ लीजिए कि आपके पास दो साइड रहती हैं साकर लाइक से बंद लीप्स एक टॉपी रहती है कि दूसरी साइड पर आपके रहते हैं एसेट्स जो आब इट्लस है वह के क्या है जिम्मेदारियां आपकी responsibilities हैं, आपके उपर जो obligations हैं, वो आपकी क्या है? Liabilities हैं, वो आपकी liabilities हैं, ठीक है? Asset क्या है? जो आपके पास अपना सामान है, जिन सामान के जरिये आपने liability को पूरा करना है, उनके बारे में, ठीक है? यानि कि हमारे पास अपना है क्या? What we own and what we owe, क्या हमारी देनदारी है और क्या हमारा अपना है, उसके बारे में हमें बताते हैं, ठीक है? और liability जो है, ये आपका कहां पर रहता है? box में रहता है left-side पर wit keeps अब simple सी चीज़. परसन A ने यहाँ पर ये प्रोप्राइटर सिप फर्म शुरू की. जब इस person A ने एपनी प्रोप्राइटर सिप फर्म शुरू की होगी, तब कुछ ना कुछ पैसा इसमें डाला होगा, फर्म को चलाने के लिए कुछ ना कुछ पैसा डाला होगा, let us say इसने हम इसे कहते हैं company है. Y Конечно company है हो सकता समय हो, complete वो एक अलग entity है ये owner से अलग है ये एक corporate body है एक legal entity है अलग है अपने owner से ठीक है तो यहाँ पर 3,00,000 रपे कमपणी एक जो की अलग legal entity है इसने यहाँ पर उधारा लिया एक तरह से कमपणी के पास 3,00,000 रपे क्या है उधारा है ठीक है तो जो भी यहाँ पर जो पैसा यहाँ पर person A के दौरा यानिक जो इसका promoter है shareholder है, owner है जो पैसा यहाँ पर लगाया गया है वो इस company की क्या है capital है तो capital जो होती है वो company के उपर क्या है एक liability है क्यों liability है क्योंकि company को यह है कि यह पैसा मुझे वापिस करना है. Company को ये है कि मुझे ये पैसा वापिस करना है बाद में किसको? Promoter को ही, owner को ही, shareholder को ही. तो ये जो capital है ये company के ऊपर क्या है? एक liability है. ठीक है? तो capital क्या है? Liability side में आएगी. ठीक है? इसी तरह से यहाँ पर ना एक example के दूर समझते हैं तो और ज्यादा better समझ जाएंगे. Likewise यहाँ पर है let us say company ABC. Company ABC है and यहाँ पर इसने shares को देते हो ना इसने equity raise की है. Shares को issue करते हुए equity raise की है. इसने यहाँ पर share अपने market में उतारे, people made new money here. people invested money here. लोगों ने यहाँ पर पैसा invest किया. So here he got money. इसके पास पैसा आ गया. इसके पास पैसा आ गया. So share के case में ना एक concept understand. Share के case में ना face value रहती है. Share की ना face value रहती है. Likewise, let's assume that the face value of the share is the value of the face, value जो face value रहती है वो रहती है एक, दो, पांच, दस जो unit value है जो �ल्ली वो यही रहती है एकरपेट, दोरपेट, पांचरपेट, दस्सापेट, ठीक है, लेकिन जो इनकी वार्किट वेली होती है, वो डिफरेंट होती है, उसका, लेकिन इससे को लियाने देना देना नहीं है, ठीक है? जब division होती है, तब उस value को कम कराया जाता है, हम यहाँ पर कह रहे हैं कि जो शेयर की face value है वो कितनी है? हम लेट कर रहे हैं यहाँ पर share की value जो company ABC ने लेट की है ना? वो यहाँ पर निकालने से पहले लेट की है, वो है दस रपई की, ठीक है, अब company ने, 10 रुपे के share के हिसाब से, 10 रुपे के face value of share के हिसाब से, अगर 100 crore share issue किये, 100 crore share issue किये, ठीक है, 10 रुपे की face value के हिसाब से, तो यानी कि total कितना हो गया वन थाउसन करोड हो गया वन थाउसन करोड के share इशू कर दिये ठीक है company ने यहाँ पर अब market में market में जब यहाँ पर shares को purchase किया गया market में जब shares को purchase किया गया न इन्वेस्टर्स ने purchase किये तो 100 रुपीज के हिसाब से एक share को purchase किया. Hundred rupees के हिसाब से एक share को purchase किया. तो यहाँ पर total पैसा जो कंपनी के पास चला गया वो कितना चला गया? वो चला गया एक लाख करोड़. वो चले गया है यहाँ पर एक लाख करोड़. ठीक है? तो यहाँ पर sorry not not one lakh crore it is ten thousand crore. Ten thousand crore चला गया company के पास गया 10,000 करोड, ठीक है, तो company ने तो share issue किये था कितने के, 1000 करोड के, लेकिन यहाँ पर investors ने जो पैसे यहाँ पर दे दिये, वो कितने दे दिये, 10,000 करोड के चल दे दिये यहाँ पर, तो 9,000 करोड जो amount है न, 9,000 करोड का जो amount है, इसे हमने basal 3 में पढ़ा था, इसे ह यह रिजर्व का पार्ट बनता है यह किसका पार्ट बनता है यह रिजर्व का पार्ट बनता है ठीक है यह रिजर्व का पार्ट है तो यह रिजर्व भी किसके साइड पर है यह भी क्या है कंपनी के ऊपर लायबिलिटी है यह भी कंपनी के ऊपर क्या है लायबिलिटी है अब पैसा लगाता है कंपनी में. जब भी कोई investor यहाँ पर पैसा लगाता है कंपनी में. तो उसे बैंक की तरह ये लालच नहीं होती कि हमने यहाँ पर इतना पैसा कंपनी को उधारा दिया है तो हमें इंटरस्ट मिलेगा. उसे लालच रहती है कि अगर company ये grow करेगी अगर company का profit होगा ना तो मुझे यहाँ पर profit होगा ठीक है अब investor के case में risk भी ज्यादा है तो यहाँ पर ये पैसा क्यों लगाएगा ताकि इसे basically profit भी ज्यादा मिले लेकिन इसका profit क्या है interest based नहीं है इसका profit है कि अगर यहाँ पर इसका company की growth होगी तो इसका अपना profit भी यहाँ पर increase होगा ठीक है तो यहाँ पर इसके पास investor के पास क्या है company की part ownership है investor के पास यानि कि अगर आपके पास company के share है तो आपके पास company की क्या है part ownership है ठीक है तो इसके case में ये जो पैसा है ना इसकी liability है company के के ऊपर कि company ने ये पैसा वापिस करना है किसको investor को वापिस करना है. Share premium का यहाँ पर doubt है तो मैं दोबारा से समझा देता हूँ. Share premium का मतलब है आपने company ने जो share का value निकाली थी वो निकाली थी दस सरपे share के हिसाब से. लेकिन जब investor ने invest किया तो यहाँ पर उसने दिए hundred rupees एक share के बदले में यहाँ कि 90 rupees bank यहाँ पर company के पास क्या आगे extra आगे ना? तो वो क्या है? Share के ऊपर premium value मिली है. Share के ऊपर premium value मिली है. जो dividend pay करना होता है वो share premium से नहीं pay होता. वो pay होता है profit से. वो pay होता है profit से. जो company का profit है उससे pay होता है. ठीक है? So, यहाँ पर मेरा समझाने का मतलब था कि entities जो है वो different different है. तो यहाँ पर company के पास जो भी पैसा आया है ना? चाहे proprietorship firm है. चाहे company है. जो capital लगी है, जो reserve create हुए है. वो company के ऊपर क्या है? Liability है. तो company को उसे pay करना पड़ेगा. तो company को उसे क्या करना पड़ेगा? Pay करना पड़ेगा. तो asset होते हैं debit में. ठीक है? And what it owns. उसके बारे में. ठीक है? तो यह part हो गया. उसके बाद हमारी बात आती है. तो यह तो होगी आपकी capital and reserves की बात होगी. Capital and reserves की बात होगी. अब उसके बाद बात आती है आपकी non current liabilities की यहाँ आप कह लीजिए term liabilities की. यहाँ आप कह लीजिए term liabilities की. जब आपकी company की कोई देनदारी. जब company की कोई देनदारी इस तरह से है कि वो एक साल से ज्यादा समय के बाद में pay करनी है. ठीक है? यानि कि अगले एक साल में pay नहीं करनी है. उसके बाद के time में pay करनी है. एक साल तक की देनदारी नहीं है. बारा मीने तक की देनदारी नहीं है. उसके बाद तक की देनदारी है. तो वो किस में आती है? Long term liability में आती है. Long term liability में आती है. यहाँ फिर हम उसे क्या कहते है? non current liabilities भी कहते हैं, उन्हें कौन सी liabilities कहते हैं, non current liabilities भी कहते हैं, मान लीजिए bank से आपने कोई term loan लिया है, मान लीजिए bank से आपने कोई term loan लिया, तो term loan लिया 7 साल का, term loan लिया आपने 7 साल का term loan ले दिया, तो 7 साल का term loan लिया, तो उसकी installments तो एक ही साल में तो जानी नहीं है, term liabilities में वो शामिल हो जाएगी ठीक है further उसके बाद बाता थी regarding the current liabilities current liabilities यानि कि अगले 12 महिने में जो भी मैंने खर्चे पे करने ना वो आपकी क्या है current liabilities है वो आपकी क्या है current liabilities है ठीक है इसी तरह से further बढ़ते हैं हम asset की तरफ further बढ़ते हैं assets की तरफ अब company ने company के पास अपना तो कोई पैसा था नहीं company के पास अपना तो कोई पैसा था नहीं तो company जब कोई liability create करती है तो उसके साथ liability के साथ क्या करेगी कोई ना कोई asset create करेगी ठीक है जैसे यहाँ पर जो person था जो यहाँ पर promoter था यहाँ owner था उसने पैसे लगाए तो पैसे लगा कर उसने किया क्या यहाँ पर पैसे लगा कर उसने machinery बना ली अपनी machinery त्यागर ली plant लगा लिया यहाँ पर building खड़ी कर दी company की तो यह basically क्या हो गया company का fixed asset हो गए company के यह company के कौन सी type के asset हो गए fixed asset हो गए company के building खड़ी कर दी plant खड़ा कर दिया अब यह basically fixed asset का जो benefit रहता ना यह long term तक रहता है यह long term तक benefit रहता है long term uses रहता है ठीक है इसके तो यह जो liabilities हैं अगर एक और point से देखें तो liabilities क्या है basically sources है यही से तो पैसा आता है यही से तो पैसा आता है यहां से पैसा आएगा तो यहां पर इस्तेमाल होगा liabilities क्या बन गए sources हो गए asset क्या हो गए आपके uses हो गए asset क्या हो गए आपके uses हो गए asset का मतलब है जहां जहां पैसा इस्तेमाल किया source का मतलब है जहां जहां से पैसा निकाला, यहाँ से पैसा निकाला, यहाँ पर लगा दिया, ठीक है? तो यह आपका asset liability का इस तरह से चलता है. तो यहाँ पर हमारे आगे, यहाँ पर fixed asset आगे. ठीक है? उसके अबाद क्या है? आपकी इसमें भी क्या रहते हैं? आपके non current current asset, जैसे आपका cash balance हो गया, आपका bank balance हो गया, ठीक है, यह आपके क्या है, current asset है, इसी तरह से आपके account receivables हो गए, account receivables क्या है, आपने किसी person को पैसा उधारा दिया, तो generally account receivables का हम time मांग कर चलते हैं, कि एक साल से कम रहता है, तो यहाँ पर यह भी आपके क्या होगे, current asset हो� account receivables आपका, वो आपका current asset रहेगा, वो आपका current asset रहेगा, अब इसके बाद बात आती है, regarding एक और asset की type है, that is a intangible asset, तो यहाँ पर लिख देते हैं, intangible asset, intangible का मतलब क्या होता है, जिसको आप चूँ नहीं सकते, feel नहीं कर सकते, वो asset, ठीक है, जैसे company ने कोई patent register करवाया यहाँ पर, आप कह लीजिए, patent है, यहाँ पर company की यहाँ पर goodwill है, तो वो basically क्या है यहाँ पर, आपके intangible assets हैं, company के वो intangible assets हैं, जिनको आप चूँ नहीं सकते, लेकिन company ने यहाँ पर पैसा तो लगाया है, company यहाँ पर पैसा लगाया, चाहे, advertisement के थूँ पैसा लगाया, � preliminary expenses हैं, preliminary expenses कौन से expenses होते हैं, company को खड़ा करने से पहले, company को शुरू करने से पहले, आपको इसकी registration के charges pay करने पड़े, अगर वो first- flaws करने पड़े,ं dud आपको एकदम से तो मिलता नहीं है इनका benefit आपको over the long term मिलता रहता है मिलता रहता है ठीक है तो ये सभी के आपके intangible asset की category में आते हैं तो यहाँ पर हमने क्या cover किया हमने cover कर लिया liabilities वो चीज़े हैं जो company के उपर क्या है एक obligation है company के उपर एक responsibility है जिनको company ने pay back करना है जिनको company ने उतारना है अभी यह future में वापिस करना ही करना है चाहे वो capital है चाहे वो reserve है चाहे वो term liability है चाहे वो short term liability है तो current liability को short term liability भी कहा देता है ठीक है इसी तरह से asset क्या है जो चीज़ें यहाँ पर create की गई है liability का इस्तेमाल करते हुए यह आपके sources है यह आपके uses है ठीक है आपने यहाँ पर source का इस्तेमाल किया machinery को create करने में investment करने में आपके पास cash balance पड़ा है bank balance पड़ा है account receivable पड़े है तो वो आपके सभी क्या है यहाँ � पर इसी तरह से आपकी क्या बनती है balance sheet बनती है एक side पर आपकी liabilities आ जाती है दूसरी side पर आपके asset आ जाते है ठीक है और यहाँ पर balance sheet के case में आपकी जो liabilities होती है debt are equal to assets debt are equal to assets ओके तो यहाँ पर पहली चीज़ आपको यह समझ में आगी है तो यहाँ पर company के क्या-क्या asset है business में वह company को वापिस तो करना ही बढ़ेगा ठीक है अब यहाँ पर फटा-फट से देख लीजिए liabilities है यहाँ पर asset है तो यह balance sheet का आपको यहाँ पर दिया है balance sheet का performance यहाँ पर दिया गया है कि balance sheet किस तरह से रहती है तो liabilities आपकी बता दी liabilities में जो share capital है या फिर paid up capital है जो shares आ है कि SL3 में पड़ा था ठीक है तो उसका reserve यहाँ पर create हो गया तो further यह आपके capital and reserves आपको column हो गया further आपका यहाँ पर long term liability जो आपने term loan लिया यहाँ पर debentures दिया market में bond issue किये कोई unsecured loan है जो यहाँ पर 12 महीने के ज़्यादा समय के बाद आपको pay करना है इसी तरह से कोई fixed deposit ह वो आपकी long term liabilities है ठीक है तो उसके बाद बाद आती है regarding the current liability current liability banks आपने working capital limit ले रखी है चाहे cash credit है overdraft है bills है export credit है इसी तरह से अगर आपका कोई sundry creditor bill payable है sundry creditor है sundry creditor का मतलब क्या है आपने उधार पर raw material purchase कर लिया तो आपको क्या हो गया वो sundry creditor हो गया bills payable आपने किसी से स बात किया हुआ तो bill को pay तो करना पड़ेगा तो उसके regard में हो गया इसी तरह से कोई short duration आपने loan लिया maybe उसका friend से relative से loan लिया तो आपका किस में शामिल हो जाएगा आपका short duration loan में शामिल हो जाएगा तो provision है provision है various items है जो अगले 12 मेने में खत्म करनी है तो वो basically के आपकी current liability है � यानि कि जो भी आपकी return down value होगी net value होगी उसको consider करते हैं यानि कि original जो आपकी purchase cost थी उसमें से आप depreciation को खत्म करके उस value को यहाँ पर consider करते हैं इसी तरह से आपके पास रहती है non current assets non current assets आपने कोई investment की है non quoted का मतलब क्या रहता है जो यहाँ पर share market में यानि कि stock exchange के उपर quoted न आपकी कोई investment है जो long term के लिए की है अपने किसी company में firm में तो उसे हम क्या कहेंगे आपकी वो भी non current asset है अगर कोई old stock है disputed आपका कोई stock है तो उसके case में क्या करेंगे वो भी आपका क्या रहेगा non current asset रहेगा otherwise मैंने बताया ना otherwise जो stock रहता है वो क्या है stock is current asset लेकिन अगर आ disputed है ठीक है जिसके उपर मान लीजिए लफ़ड है कोई यानि की person जो पैसे वापिस नहीं कर रहा आपका तो वो भी क्या आपका non current asset हो गया इसी तरह से other miscellaneous assets which are not current or fixed assets जो current या fixed assets नहीं है वो भी आपके क्या है non current asset होंगे इसी तरह से उसके बाद बात करते हैं current asset के बारे मे इसी तरह से कोई book debt हो गया, sundry debtors हो गये, bill receivable हो गये, आपका stock हो गया, stock या inventory हो गया, raw material, stock in process, finished goods हो गये ठीक है ये सभी के आपके current assets हैं इसी तरह से कोई आपके पास कोई regular consumption के लिए कोई store में आपके पास pairs पड़े हैं ठीक है तो वो आपके पास जो हैं वो भी क्या है current asset है advance payment कर दी taxes की वो भी क्या है current asset है वो भी आपका current asset है pre-paid expenses ठीक है खर्चा होना था दो महिने बाद अभी कर दिया तो वो आपका asset बन गया कौन asset बन गया current asset बन गया ठीक है और उसी तरह से loan and advances recoverable in within 12 months कोई loan दिया advance दिया आपने जो अगले 12 महिने में recover हो जाएगा वो भी क्या है current asset रहेगा further it is regarding intangible asset कोई patent हो गया goodwill है debit balance है profit loss account का वो सभी क्या है आपके intangible asset है न वो आपके सभी क्या है intangible asset है ठीक है so ये सभी क्या है आपके यहाँ पर यहाँ सब पर यहाँ पर asset and liability side होगी asset and liability side होगी तो यहाँ पर हमने न एक point पड़ा था मैंने आपको अभी एक point cover करवाया था likewise जो trading account है trading account है trading account या manufacturing account है उससे आप balance यहाँ पर ले कर जाते हैं profit loss account में profit loss account में आप ले कर जाते हैं किस में balance balance sheet में आप ले कर जाते हैं balance sheet में तो अगर तो हुआ है profit तो अगर तो हुआ है profit तो आप क्या करते हैं उसमें जो capital होती है न उसमें क्या कर देते हैं add कर देते हैं capital जो है capital यानि कि जो person ने पैसे लगाए थे ठीक है तो उसमें आप क्या कर देते हैं add कर देते हैं profit को ठीक है and capital में से subtract क्या करते हैं जो भी पैसा draw किया गया अब जो पैसा जैसे माल लीजिए हमने यहाँ पर example ली थी ना कि A जो है वो owner है किसका XYZ का ठीक है तो XYZ में से जब यह proprietor है किसका यहाँ फिर partnership firm XYZ इसमें से A ने पैसे निकाल ले हैं तो A बेसिकली इसमें से पैसे क्या कर रहे है Chinese in French mein drawings जो पैसे निकाल सकते हैं fruit उसे क्या कहते हैं में उसे आपडिमारिक तो यहाँ पर जो घोटा करा रही है वह सफरमें बेजेगा सब्ट्रैक्ट होती है capital में क्या होती है subtract होती है जो profit होगा वो add हो जाएगा जो net loss होगा वो भी capital में से क्या हो जाएगा subtract हो जाएगा ठीक है तो इस तरह से system रहता है liabilities and assets का तो यहाँ पर आपको ये समझ में होना चाहिए कि आप कौन सी चीज को किस तरफ लिखते हैं and कौन सा asset कौन सा asset किस nature का है कौन सी liability किस nature की है तो एक आपको एक broad idea यहाँ पर हो गया होगा अब तक कि asset कौन-कौन से है क्या-क्या उनकी types है ठीक है further हम आगे बात करने वाले है regarding the important notes over it important notes over it हैंड ठीक है तो आपके राज्यों तो टोटल है दोनों साइड पर इन के समय शीघ्र कि बैलेंस शीघ्र के केस में दोनों मैस होते हैं कि ये लाइबिलिटी आये योश विल इक्वल तोीन टोटल ऑसेट लाइबिलिटी घौठी दोनों के एक earth equal होंगी. total liability जो है वो total asset के equal होंगी. ठीक है? तो further यहाँ पर क्या है कि जो liabilities हैं इनका होता है credit balance. Asset का होता है debit balance. ठीक है? And further जो current liability है वो liability है जो अगले बारा महिने में payment के लिए due है. जो अगले बारा महिने में payment के लिए due है. ठीक है? Further current assets are those assets which are undergo change in shape or form within twelve months. यानि कि जो जिनका जो यहाँ तो आपको maturity होने वाली है. चाहे वो raw material है आपका बारा महिने में निकल जाएगा. Raw material है बारा महिने में निकल जाएगा. यानि कि आप उसको बेच देंगे goods बनाकर. ठीक है? या फिर हो सकता है कि आपके account receivables हैं जो आपके बारा महिने में आपको अगले मिल जाएगे. तो अगर account receivables आपको मिल जाएगे तो ultimately यह आपका asset asset में ही confirm हो जाएगा convert हो जाएगा ना account receivables का मतलब क्या? आपको उधार के पैसे थे जो आपको मिलने थे. आपके आपने किसी person को पैसे उधारे दी हुए थे. ठीक है? अब ये person आपको पैसे वापिस कर देगा या तो ये cash में वापिस देगा या फिर आपको bank में transfer करेगा दो ही चीजें है bank में transfer करेगा तो ये भी तो आपका asset ही है ये भी तो आपका asset ही है cash भी आपका asset है bank आपका जो bank transfer हो रहा है वो भी bank balance भी आपका क्या है asset ही है तो यहाँ current asset current asset में क्या हो गया convert हो गया ठीक है तो यानि की कहने के मतलब है current asset जो है वो asset रहते हैं जो अगले आने वाले बारा महीने में ना अपनी जो shape है उसे change कर लेंगे अपने आने वाले बारा महीने में ना उसे change कर लेंगे ठीक है तो that are what that are your current assets kindly please wait for sometime we will be covering the profit loss account in very detail ठीक है तो अभी सिर्फ balance sheet का एक थोड़ा सा part समझा है अभी profit loss account के तीनों चीजों को cover करेंगे that is trading account को भी cover करेंगे साथ के साथ जो profit loss account है वो भी cover होगा and further जो appropriation account है ना जो profit loss के साथ cover होता है in case of partnership account वो भी cover होगा ठीक है so kindly please wait for sometime ठीक है तो यहाँ पर हम definition cover कर रहे थे regarding the current assets ठीक है तो उसके बाद बात आती है regarding की जो net worth है जो net worth है अब जो net worth होती है ना and जो long term liability होती है इनको long term sources of funds भी कहते हैं इनको long term sources of funds भी कहते हैं यानि कि जो capital है आपकी जो capital है आपकी and जो आपकी long term liability है bank से आपने term loan लिये ये आपके क्या है long term sources हैं मैं आपको पहले बताया liability को क्या कहते है liabilities are termed as sources liability आपके sources हैं जिनका आप इस्तमाल करेंगे अदराइज company के पास तो पैसा है ही नहीं liability company ने उठाई liability से company के पास क्या आया पैसा आया तो company के पास क्या बना source बना source बना अब source का इस्तमाल होगा source का क्या होगा use होगा तो use के थूँ आपका क्या बनेगा asset create होगा use के थूँ आपका क्या create होगा asset create होगा ठीक है तो current liability को क्या कहते है short term sources of funds कहते हैं जो आपकी cc limit है या आपने किसी से उधार पर raw material purchase कर लिया यानि कि आपके जो debtors हैं ठीक है तो वो basically sundry debtors वो आपके क्या है current liabilities है या आपकी क्या है current liabilities है इसी तरह से जो long term liabilities and short term liabilities हैं that are also called as outside liabilities यानि कि ये owner का अपना पैसा तो है नहीं है ये owner का अपना पैसा तो है नहीं है अपना पैसा कौन सा है जो capital है अपना पैसा कौन सा है जो capital का है बाकी जो liabilities हैं वो कौन सी है वो बाहर सी है ना चाहे आपने bank loan लिया चाहे friend से loan लिया चाहे अपने trade जो आपके साथी थे उनसे loan लिया business से loan लिया तो वो basically आपकी outside liability है, यहाँ सकता आपने payment करनी है कोई, हाँ सकता आपने कोई bill payment वादा करनी है, वो भी का आपकी outside liability है न? तो वो basically आपका किसका पार्ट un outside liabilities होंगी, इसी कारण से जबकी long-term liability है, short-term liability है, इनको हम कहते है outside liabilities okay, उसकी बात आती है g Leeh ultimately on o short term use of funds को क्या गयते हैं यह आपके current assets होते हैं and further assets other than the current assets are long time use of funds long time या फिर long term use of funds कहते हैं further it is regarding installment of term loan installment of term loan payable in 12 months यह आपकी current liability होगी क्योंकि हम यहाँ पर basically already मैं आपको बता चुका हूँ कि जब आपने हम ratios को cover करते हैं ना current ratio को quick ratio को उसके case में उसके case में जो भी आपकी installment pay होनी है अगले 12 महिने में जो भी आपकी installment pay होनी है अगले 12 महिने में उसको आप current ratio को quick ratio को calculate करते हुए उसमें किसमें count करेंगे आपकी current liability में count करेंगे किस में काउंट करेंगे installment को current liability में काउंट करेंगे जो आपकी अगले 12 मेने में payable है further अगर pay यहाँ पर profit आपके पास अगर आपका net profit है तो it shall be part of the net worth तो वो यहाँ पर किस का part होगा net worth का part होगा ठीक है तो कहने का मतलब है जैसे माली जी company XYZ थी न तो यहाँ पर न एक question raise किया गया था एक question यहाँ पर raise किया गया था कि जो share dividend pay कर सकते हैं क्या share premium से dividend pay कर सकते हैं share premium से share premium से तो pay नहीं होता है लेकिन XYZ के पास यहाँ पर profit हुआ XYZ का यहाँ पर net profit हुआ ठीक है यानि कि depreciation भी निकाल दी यहाँ से सब costing यहाँ पर निकाल दी है उसके बाद यहाँ पर company को क्या हुआ profit हुआ तो यह जो profit होता है न यह company depreciation के बाद पूरा का पूरा 100% भी dividend यहाँ पर दे सकती है 100% भी dividend pay कर सकती है लेकिन partly pay करती है ज़्यादा तर क्या होती है companies पूरा का पूरा dividend pay नहीं करती है partly pay करती है अब उसके दो reason है partly payment करने के दो reason है एक तो बात यह है कि company कुछ एक profit part को retain करना चाहती है profit part को क्या करना चाहती है company retain करना चाहती है ताकि company की expansion में इसका benefit हो सके अब दबारा से company पैसा माँगने तो न जाएगी जो यहाँ पर आपके shareholders हैं उनसे दबारा तो न पैसा माँगने जाएगी ठीक है क्योंकि उनके पास तो already उन्होंने share दे रखे हैं तो company कुछ एक profit को अपने retain करती है दूसरी चीज़ है कि जो यह profit होता है यह जूरी नहीं थोड़ा कि आपको 100 रुपीज का profit हो तो वो आपके पास cash की form में है available हो क्योंकि जो accounting हम करते हैं वो हम करते हैं accrual basis पर जैसे आप bank में भी जो interest आपने account में debit कर दिया अब आपने एक loan account दिया person A को एक क्रोड का loan दे दिया आपने person A को एक क्रोड का loan दे दिया ठीक है और यहाँ पर आप हर मीने इसके उपर interest चार्ज करते जा रहे हैं account में पहले दो मीने के लिए interest चार्ज कर चुके हैं एक एक लाकर पे का interest करके दो लाकर पे आप यहाँ पर interest चार्ज कर चुके हैं और ये 2,00,000 रपे जो है ना, ये आप अपने profit loss में जोड़ते जा रहे हैं, ये 1,00,000 रपे आप अपने profit loss में जोड़ते जा रहे हैं, ये कौन से accounting है, ये आपकी accrual accounting है, क्यों accrual accounting है, अब इस person ने 2,00,000 रपे जमा तो किये नहीं, इसने तो pay किया ही नहीं amount को ही, यानि कि ये क्या है cash based accounting है, कि आप सिर्फ और सिर्फ तब ही उसे income में ले रहे हैं, जब वो pay कर रहा है, उससे पहले नहीं consider करते हैं, लेकिन bank के case में क्या होता है, bank के case में तो जब interest debit हो गया, तो वो आपकी income में count हो गया, यानि कि accrual accounting का इस्तेमाल करते हैं, कौन से accounting का इस्तेमाल जो यहाँ पर आपकी पास पैसे available
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