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BASEL III Part 2, commercial paper, WMA, Documentation — a Bank Promotions VIDEO LECTURES OF ASHISH SIR (FOR ALL SCALES) video lecture on Learning Sessions.
Watch the full VIDEO LECTURES OF ASHISH SIR (FOR ALL SCALES) class video above. This lesson is part of the Bank Promotions course on Learning Sessions.
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लास्ट में हमने कवर किया था topic regarding the amendments in the Basel 3 तो इसके regarding हमने बढ़ा था कि Revaluation Reserve जो की Common Equity Tier 1 का पार्ट है पहले वो Tier 2 में होता था लेकिन अब इसको CET 1 में यहाँ पर Consider किया जाता है at 55% discount 55% discount के उपर इसको CET 1 में अब discuss के रहा था Further जो Foreign Currency Translation Reserves है इनको भी CET का पार्ट बनाया गया है and Deferred Tax Assets जो हैं यह भी CET का पार्ट है और further इसके बाद पढ़ते हैं regarding the और जो important aspects हैं तो इसमें like we discussed कि Basel 3 के case में काफी चीज़ें नए शुरू की गई हैं काफी concepts नए लाए गए हैं जैसे उसमें एक नए concept है regarding the Capital Conservation Buffer CCB तो यहाँ पर Basel ने जो Basel है इन्होंने guideline दी Basel ने guideline दी कि जब आपका बहतर दोर चल रहा है जब समय सही चल रहा है तो सही समय के चलते हुए आप अलग से एक ना अपना buffer create कर लिजे अलग से अपने पास एक और capital maintain कर लिजे क्योंकि आपने capital adequacy ratio के हिसाब से जो capital requirement है pillar के हिसाब से उसके हिसाब से तो आपने capital को maintain किया ही हुआ है लेकिन उनके इलावा आप अलग से भी क्या कर लिजे जो capital है ना उसका एक buffer maintain कर लिजे तो यहाँ पर CCB के तहट का गया कि आप 2.5% minimum 2.5% का CCB create कर लिजे and इसे CCB में रहेगा क्या यह रहेगा हमारे पास common equity tier 1 में जो component थे ना जो CET1 के component थे वही components के थूँ यह buffer जो है CCB जो है उसे create किया जाएगा CET1 के जो component थे उने के थूँ यह जो buffer है इसे create किया जाएगा ठीक है so that was regarding it तो यहाँ पर यह जो buffer था इसे एक ही दम से create नहीं किया जाना था यह नहीं था कि banks को एक दम से ही Basel 3 को implement करते हुए कहा जाएगा कि आप 2.5% का अलग से buffer create कर लिजे risk rate assets का क्योंकि काफी बड़ा amount बन जाता है ठीक है तो एक दम से नहीं कहा जाएगा तो यहाँ पर different trench रखे गए थे यहाँ पर अलग अलग way में आपको basically यहाँ पर जो capital था उसको maintain करना था एक ही बार में नहीं करना था government ने decide किया कि आप 0.625% के 4 trenches में आप इनको cover करेंगे 2.5% को cover करेंगे तो 3 trenches जो है उनका time यहाँ पर हो चुका है तो यहाँ पर cover किया जा चुका है already in the CCB already in the CCB that is 1.875 2.5% में से 1.875% जो है यहाँ पर CCB जो है वो already maintain किया जा चुका है last जो trench था उसका यहाँ पर आपके पास deadline थी 31st of March 2020 31st March 2020 तक का था लेकिन COVID pandemic situation के कारण यहाँ पर इसे further आगे extend किया गया up to 30th of September 2020 up to 30th of September 2020 उसके बाद अगर कोई update आता है so surely I will let you know about it लेकिन इसके regarding यहाँ पर question आता नहीं जन्री आपको एक यहाँ पर idea दे रहा हूँ आपको एक idea दे रहा हूँ तो आपको पता होना चाहिए ठीक है तो mainly जो question रहता है वो इसी चीज के regarding रहता है कि कितने percentage maintain करना है उसके बाद जो question रह सकता है यहाँ से that could be regarding कि इसमें जो capital रहती है उसमें जो capital रहती है वो basically कौन सी equity से रहती है तो common equity capital जो रहती है जो common equity tier 1 capital है वो इसमें constituted होते है CCB के case में further it is a concept regarding the counter cyclical capital buffer counter cyclical capital buffer का मतलब क्या है कि अगर अगर banks के द्वारा एक economy की बात कर रहे हैं यहाँ पर example के दूर समझेगा हम यहाँ पर एक economy की बात कर रहे हैं ठीक है पूरी की पूरी economy की यहने की micro level की उपर बात नहीं कर रहे हैं तो इसके के साथ में अगर इस विलने के की मृति तो इसके केस में यहाँ पर अगर पूरे के पूरे यहाँ पर banking system में देखें लोनिंग अगर बहुत जादा हो जाती है जरूरत से ज़्यादा Lending हो जाती है अगर तो Lending जरूरत से ज़्यादा होना basically अपने आप में एक बहुत बड़ा Risk है Excessive Lending अपने आप में एक बहुत ज़्यादा Risk है तो उस Risk को कवर करने के लिए आपको System Risk को आपको basically Inhibit करना है उसको Mitigate करना है, उसको Cover Up करना है और इसकी जो Range होगी वो भी 0 से 2.5% होगी लेकिन यह तब Cover किया जाना है जब यहाँ पर Lending जो है System Based जो Overall Lending है वो बहुत ज़्यादा हो जाएगी न Excessive Lending हो जाएगी, यहनिकि Leverage बहुत ज़्यादा हो जाएगा एक ना Term यूज़ करते हैं हम Leverage लेवरेज का मतलब रहता है की likewise मेरे पास जो मेरे पास जो पैसे है वह Govind 10 tidbit 10 rupees वह थे ग्यागी Aku 잡 लेकिन मैंने और � side प Spider जो लेंडिंग की समैज़ पर फर्थर कि और फिर coming Therefore जो मैंने द रूप ने पता mm 2 Cho, वो कर दी तीश रूपए के तो, उस 10 रुपए प्रदल में मैंने तीसर पर यहां पर खड़े कर दिये तो यह बेसिकली क्या है लैवरेज है मैंने अपने जो ऐसेट क्रिएट किए अपनी लायबिलिटी से वह कहीं ज्यादा क्रिएट कर लें लेकिन मेरे ऊपर जो लायबिलिटी है अब वह एक रिस्क बन गई यह मेरे ऐसेट बेसिकली मेरे लिए एक रिस्क बन गए हैं क्योंकि यहां पर मैंने इनको लैवरेज ज्यादा दिया लैवरेज कहने का मतलब है कि मैंने कई फोल्ड्स तक यानि कि कई गुना ज्यादा तक यहां पर इसे इस्तेमाल लिया है ठीक है तो बेसिकली जो लेवरेज है अगर ज्यादा हो जाती है तो यहां पर जो सिस्टम रिस्क है उसको एब्जॉर्ब करने के लिए नेशनल सरकंस्टांसेंस के बिहाव पर 0-2.5 परसेंट का कांटर साइक्लिकल कैपिटल बफर जो है उसे मेंटेन करना पड़ता है लेकिन इंडिया में फिल्हाल के लिए यह एप्लीकेबल नहीं है ठीक है तो डेट वॉज रिगार्डिंग द सीसी भी सॉरी कांटर साइक्लिकल कैपिटल बफर डेट इस ट्रिपल सीबी ओके उसके बाद भेजो का रिगार्डर इनटाल लेवेरेजर चौंक तो लेवरेज टाउन के बारे में नहीं सुना तो लेवरेजर चौंक क्या है कि दिवाब एक एकसेसिव आपने ऑन या फिर ऑ आफ बैलेस ऐड लेवरेज कर दिए सिस्टम में आउन बैलेस टीट या फिर ऑफ बैलेंशेट लैवरेज कर दिए सिस्टम में और बैलेंशेट का मतलब जैसे अभी पीछे एक फ्रॉट है यहां पर पीछे एक फ्रॉट सुनने को मिला था डाइट वॉज रिगार्डिंग कि कागजों में कागजों में एंट्रीयर होती जा रही है सिस्टम में बिल्ट उपनी हुई थी तो उसके कारण ऐक ही पर्सन को जो लेंडिंग थी वो काफी ज्यादा चली गई थी. एक ही पेसन को लेंडिंग थी जो वो काफी ज्यादा चली गई थी. तो overall एक यहाँ पर system create हो गया था आपके पास जो value होगी वो होगी hundred करोड की ठीक है? यानी के आपके पास deposit है दस करोड की. लेकिन जो landing है वो होगी hundred करोड की है किस सारा से possible हुआ? अब आपने की non fund based landing आपने की non fund based landing तो एकडब से तो funds आपके कही जाएंगे नहीं. अगर liability आपकी crystallize होगी आगे जाकर यानि कि जब default होगा condition में तब ही आपकी जो यहाँ पर liability है वो crystallize होगी तो यहाँ पर non-fund based आपकी liability थी वो बढ़ती गई वो ultimately आपकी यहाँ पर increase होती है उसके कारण यहाँ पर basically आपका leverage जो था वो काफी ज़्यादा बढ़ गया ठीक है तो इस तरह के risks को cover up करने के लिए भी बहुत ज़्यादा ज़्यादा जरूरी है कि इनको भी cover किया जाए क्योंकि जो 2008 का crisis हुआ था ना उस टाइम पर भी यही रहा था 2008 के crisis के दरान भी यह रहा था कि जो underlying value थी आपके assets की वो काफी कम थी यानि कि leverage किया गया था जैसे property की value है likewise यहाँ पर एक housing loan दिया गया यहां पर कुछ एक value थी उस housing loan की कुछ एक value थी यहां पर माली जाए इस घर की value जो थी वह इनिशली थी 40 lakhs रुपीज की 40 lakhs रुपीज की value थी लेकिन यहां पर इसे leverage किया गया leverage क्यों किया गया जैसे market value property increase होती गई लेकिन ultimately जो scenario था वह यह बात की value तो इसकी कितनी है 40 lakhs की है तो यहां पर market conditions होने के कारण माली जाए इसकी जो यहां पर enhanced value थी that came out to be 75 lakhs इसी same property की value market conditions के कारण demand supply के कारण जो value थी वह थी 75 lakhs की तो यहां पर 75 lakhs की property के बदले में bank ने loan दे दिया सब 60 lakhs का बैंक ने 60 lakhs का landing कर दी यहां पर scenario क्या है scenario क्या है यहां पर कि आपके पास एक घर था एक प्रॉपर्टी जिसकी property की value थी 40 lakhs की 40 lakhs की property को यहां पर market situation के कारण उसकी value बढ़ती-बढ़ती बहुत ही कम समय में 75 lakhs की होगी 75 lakhs के ऊपर बैंक ने यहां पर लोन दे दिया 60 lakhs का यहां पर जब market crisis आया तो यहां पर property की value रह गई सिर्फ और सिर्फ 30 lakhs की यानि कि जो original course उससे भी कम रही अब जो यहां पर जिस person को loan दिया था 60 lakhs का वह कहेगा कि bank property ले ले property ले ले क्योंकि मैं अपना loan नहीं दे पाऊंगा उसके कारण ultimately एक risk यहां पर crisis शुरू हो गया and इसी तरह से यह crisis बढ़ता-बढ़ता 2008 का जो financial crisis था वह यहां पर बन गया था अब basically यह पूरा scenario समझाने का मेरा मतलब क्या है यहां पर क्योंकि यहां पर ए वैलिएड व सिवि लेवरेज अवेल्यू ही लेवरेज अवेल्यू के ऊपर यहां पर बेसिक सिलिबी टी कि गई थी लेवरेज वैल्यू के ऊपर यहां पर लेड़िंग की गई थी यह � we are Funnebates सेटम ओर यह एग्राम पर यहां पर नॉन फंड बेस्ट का सिस्टम ठीक है तो जहां पर ऑन बैलेंस शीट या फिर ऑफ बैलेंस शीट लेवरेज रहती है बैंकिंग सिस्टम को जिसके करण क्राइसीस हो सकता है तो उसे कवर अप करने के लिए यहां पर कहा गया कि आपके पास एक सिंपल ट्रांसपेर ने कि जो भी कैपिटल रिक्वायरमेंट होगी इन सप्लीमेंट नॉन रिस्क बेस्ट लेवरेज रेशो को कवर करने के लिए वहां पर आपको कैपिटल जो है उसके लिए भी मेंटेन करनी पड़ेगी ओके एंड इट वास्ट वी कैलकुलेटिड ऑन क्वार्टरली बेसिस तो अगर मैंने अगले 30 दिन का मैंने अपना ब्यारा देखना है तीस दिन का भी बेचना है तो यह किसी साम्प से देखा जाता है यह बुकट सिस्टम जैसा है जैसे ऐसे � plate manage ना यहां परकर अथ्या डिफरेंट डिफरेंट बस के दिफरेंट Microsoft दिनों में हम रैसेड्रिफ जो maturity value रहती है उनके हिसाब से आप buckets के हिसाब से जो आपके asset liability हैं उनको आप match करते हैं उनको आप आपस में क्या करते हैं match करते हैं ठीक है तो यहाँ पर LCR का मतलब क्या है कि आप किस हिसाब से manage कर रहे हैं यानि कि 30 दिन के दोरान अगर आपके जो funds हैं 30 days के period के दोरान जो भी withdrawals होने वाले हैं उनके लिए आपके पास कितनी liquidity available है और उस liquidity के जो साधन है वो कौन से रहेंगे आपके पास जो साधन है वो कौन से रहेंगे तो यहां पर एक टर्म सामने आती है that is HQLA that is high quality liquid asset high quality liquid asset high quality liquid का मतलब क्या है कि जिनकी liquidity जाधा है जिनकी liquidity बेहतर है तो आपके पास high quality liquid assets कितने हैं उनके हिसाब से आप देखते हैं तो जहां पर हम बात करते हैं regarding 30 days के 30 days के बारे में कि 30 दिन के दोरान आपका cash का कितना outflow होने � आती है उस case में अगर stress condition आती है उस case में normal conditions के दोरान नहीं बात कर रहे हैं तो LCR का सामना हम कब करते हैं LCR का सामना कब करते हैं जब आपके stress condition चल रही है जब stress condition चल रही है यह नहीं कि crisis का महाल है crisis का महाल है तो crisis के महाल के दोरान जब bank में already दिक्कते चल रही हैं liquidity को लेकर लिक्विड ऐसेट्स कितने अवेलेबल है तो उस रेशो को हम क्या कहते हैं एलसी आर कहते हैं ठीक है तो आपके पास जो स्टॉक है हाई क्वालिटी लिक्विड ऐसेट्स का डिवाइडिड बाय कि जो आपके टोटल नेट कैश आउटफ्लो होने वाले हैं अगले 30 कलेंडर डेज में अगले 30 कलेंडर डेज में डाट इज इक्वल टू यॉर एलसी आर इसी तरह से जब लॉन टर्म के लिए देखते हैं तो उसे रेशो को हम कहते हैं एनसेफ और डाइटिज नेट स्टेबल फंडिंग रेशो तो एलसी रहती है आपके 30 दिन के समय के लिए जब स्ट्रेस पीड़ियर के दौरान आपने यह देखा कि अगले 30 दिनों में कौन-कौन से विटरोल होने वाले हैं उसके रिगार्डिंग आपके पास हाई क्वालिटी लिक्विड ऐसेड कितने है तब उसे हम कहते हैं लेकिन यह तीस दिन से ज्यादा समय पीड़ियर हो तो वहां पर लॉन टर्म बेसिस के लिए आप कौन से हाई क्वालिटी लिक्विड ऐसेड को मेंटेन कर रहे हैं डिफरेंट हॉरिजन के लिए डिफरेंट और इसमें मतलब है कि तीन मीने के पीरियों के लिए हो सकता है यहां फिर यह पर यह सब्सक्राइब करते हैं तो है फर्ट जो हाई-क्वालिटी लिक्विड ऐसेड है इनकी फर्दर लेवल तो यह लेवल एसेट्स है लेवल टू एसेट्स हैं ओके इतना डिप्प में हम फर्दर नहीं जाएंगे ओके एग्जांपल नहीं जाएंगे ओके एग्जांपल नहीं जाएंगे ओके एग्जांपल नहीं जाएंगे ओके एग्जांपल नहीं जाएंगे ओके एग्जांपल नहीं जाएंगे ओके एग्जांपल नहीं जाएंगे ओके एग्जांपल नहीं जाएंगे ओके एग्जांपल es success and market discipline यानि कि जो pillar 3 है ना ये support करता है pillar 1 को and pillar 2 को अब pillar 1 and pillar 2 कैसे यहाँ पर support करता है अब pillar 1 में यहाँ पर RBI ने कह दिया कि आपको minimum जो भी standards है minimum जो regulations है capital है उन्हें maintain करना है pillar 2 में यहाँ पर आपको पता लग गया कि आपने जो भी internal guidelines है procedures है उनको बनाना है अब उसके regarding आपको क्या करने पड़ेंगे disclosures करने पड़ेंगे आपको क्या करने पड़ेंगे disclosures करने पड़ेंगे क्यों disclosure करने पड़ेंगे क्योंकि पैसा जो bank में है वो आपका खुद का पैसा नहीं है वो लोगों का पैसा है जो जमा है ठीक है तो यहाँ पर आपको disclosure करना पड़ेगा ताकि जो भी investor है वो जान पाए ठीक है कि आपका पैसा कितना सुरक्षित है क्या आपकी capital है आप कितना risk उठा रहे हैं क्या leverage है तो उन सभी चीजों के बारे में आपको पता लग सके तो उसके regarding यहाँ पर disclosures करने पड़ेगे अब disclosure करने होंगे तो यहाँ पर competition भी होगा प्लस आपस में यह भी रहेगा जो better रहेगा जिसकी ratios better होंगी वो better way में survive भी कर पाएगा और एक intelligent investor है वो उसी जगा पर invest करेगा वहीं पर deposit करेगा जहाँ पर उसका पैसा जो है वो जादा सुरक्षित है ठीक है तो यहाँ पर basically जो market discipline है यह कहता है कि disclosure requirements है जो भी उनको develop किया जाता है under the pillar 3 ठीक है in turn allow market participants जो भी assess key pieces है यानि कि जो भी information है वो उनको यहाँ पर in disclosures के दूर पता लग जाते है लेकिन केपिटल के बारे में risk assessment प्रोसेस कौन सा इस्तेमाल हो रहा है कैपिटल एडिटो कैसी के निर्वीत कि उनके बारे में पता लग जाता है फर्थ अब आप डिस्क्लोजर रिक्वाइयमेंट्स को पूरा नहीं करते हैं तो यह ऐसी चीज नहीं है कि आपने करनी नहीं करनी है, यह mandatory है, यह करना ही पड़ेगा, यह करना ही पड़ेगा, अगर comply नहीं करेंगे, तो penalty लगेगी, maybe हो सकता है कि आपका license ही cancel हो जाए, या फिर financial penalty भी लग सकती है, okay, so that was all about the Basel 3, that was all about the Basel 3, I hope Basel 3 आपका properly clear हो गया होगा, इससे ज़्यादा deep करने की ज़्यादा आ for credit risk, use of credit rating, of India का रेटिंग ऑफ इंडियन he का रेटिंग एजेंसी जिन्हे वापस यहां पर उन्हें यहां पर अपरूव किया हुआ तो जो और भी यहां पर अपर एनवैट ना उनसे रेटिंग करवाई जा सकती है यहां पर इंटरनेशनल डोमेस्टिक एजेंसी दोनों ही शामिल है जहां से रेटिंग करवाई जा सकती है एंड इस रेटिंग के हिसाब से यहां पर क्या कर सकते हैं जो रिस्क वेटेज एसेट्स है ना उन्हें यहां पर ईशू के रहता है रिस्क वेटेज जो रहती है क्रेडिट रिस्क रिलेटिड उसे यहां पर बताया जाता है ठीक है उसके बारे में तो एक एक्जांपल के थ्रू भी आपको यहां पर समझा दूंगा मैं तो जो शीघ्र और इंटर नेशनल में देखें हो टू फिट मोंदेज स्टैंडर्स एंड पूर्ण приजेशन कहते हैं वह सब इसमें शामल हैं पर तरह एक एक्जांपल के � zumi आप और आपको समझा देता हूं लाइक वाइज यहां पर फॉर रेटिंग इजाते हैं डिफरेंट रेटिंग की जाती है। से मान ली जाये कोई लॉ हांट Хट लून है अगर अगर तो है लॉंग टर्म लोन तो वहां पर जो रेटिंग प्रोसेस की रहता है कि यह ट्रिपल ए यह रेटिंग है यह दिफरेंट फ्रेंड अधिक है डबल है तब रैड है ट्रिपल भी है ठीक यह इस रॉडरम इन राती है इसी रहा से जो शॉट टर्म टम लोन ठक्कतलब रेटिंग के लोन वहाँ उत्पाद रेटिंग रियम पीटा बटर के वत्सप्रमाइन केÇ सिंगीर और न्पल लेकिन वहां तो समीन ए नचली यूज़े ने इससे फॉर आप कीचरी ने ढालेंकर यह � woven फ़ोंथ लोग देगे ए जो para तो है तरह से इसी तरह से अगर यहां पर रेटिंग यह वह यहां पर अपने so, basically, basically, यहाँ पर एक डेबिंग फॉर अकने से हिसाब से यह है, आपको RWA Wireless zeroとKC cardiac dole किसी को निकालना। आपको include करेंगे। और रीजेब WOS Lego को कहेंगे। उत्तरria stent को आपको जाएगी। वो आप जाने के लिए नहीं है। � surveynya, itu का बंकी यह नहीं है। आना चाहिए कि क्या use है जो हम चीज पढ़ रहे हैं उसका use क्या है यहाँ पर okay क्योंकि अगर आपको कोई theoretical या फिर आपकी post ऐसी है credit seat पर बैठे हैं तो वहाँ पर interview question भी बन सकता है यहाँ से okay so further it is regarding the capital market exposure further जो topic हम cover करने वाले है that is regarding the capital market exposure so aggregate capital market exposure जो है that is restricted to forty percent directly या फिर indirect way में जो भी net worth थी पिछले साल की bank की bank की जो भी net worth थी पिछले साल की thirty first march के हिसाब से उसके net worth की forty percent से जादा direct या indirect way में जो investment है वो capital market में नहीं हो सकती है and further within overall forty percent यानि कि total जो forty percent यहाँ पर investment यहाँ पर allowed है total exposure capital market में जो allowed है जो direct exposure होगा shares की investment में adventures में ठीक है वो यहाँ पर बीस percent से जादा नहीं हो सकता वो यहाँ पर net worth के बीस percent से जादा नहीं हो सकता ठीक है so that was regarding the capital market exposure further it is regarding advances against shares advances against shares तो पहली चीज़ तो यह है कि कोई भी bank यहाँ पर अपने खुद के shares को purchase करने के लिए कोई भी loan नहीं दे सकता अपने खुद के loan purchase करने के लिए loan नहीं दे सकता लेकिन अगर किसी और company के loan खृदे जाने किसी और company के share खृदे जाने है तो वहाँ पर अगर तो share physical form में है अगर तो share जो है वो physical form में है तो वहाँ पर 10 लाग तक का loan अगर D-MAT form में है तो 20 लाग तक का जो loan है banking sector के दौरा दिया जा सकता है तो दो चीज़े different different covered है एक तो है कि bank अपने खुद के shares को purchase करने के लिए कोई भी loan नहीं दे सकता है किसी और company या bank के share purchase करने के लिए जो यहाँ पर loan दिया जाएगा that is limited to rupees 10 lakh that is limited to rupees 10 lakh against shares held in physical form अगर physical form में shares और अगर D-MAT form में है तो वहाँ पर 20 लाग तक का loan दिया जा सकता है तो यह points जरूर note कर लीजे क्योंकि यह important points है these are important points तो capital market exposure जो टोटल यहाँ पर आपका exposure रहेगा 40% तक है जो कि पिछले साल की जो भी net worth थी उसका 40% maximum हो सकता है further it is regarding IPO finance IPO क्या रहता है IPO is initial public offer initial public offer यहाँ पर यहाँ पर किसी company ने अपने shares को issue करना है पहली बार यहाँ पर जब किसी company ने अपने shares को issue करना है तो वहाँ पर maximum to maximum जो loan है एक individual को कितना दिया जा सकता है that could be 90% of the IPO यानि कि जितना भी यहाँ पर आपको IPO मिला है उसका 90% या फिर 10 लाग जो भी amount इसमें कम होगा उतना amount यहाँ पर IPO finance के तहट दिया जा सकता है further it is regarding statutory restriction statutory restriction यानि कि जो bank है वो अपने employees को जो हमने चीज पड़ी थी वो अपने employees को यह जो section 20 में covered है banking regulation act के section 20 में covered है कि bank अपने ही employees को अपने ही bank के shares को purchase करने के लिए loan नहीं दे सकता then it is regarding statutory restriction statutory restriction that is also covered in banking regulation act इस point को already हम cover कर चुके हैं but let us discuss it again तो यहाँ पर point क्या है that is regarding यहाँ पर scenario यह है कि XYZ bank ने investment करनी है company A में तो company A के जो भी paid up capital है company A की जो भी paid up capital है उसका 30% यहाँ bank की अपनी जो भी paid up capital लेटर राइट मी शॉर्ट फॉर्म जो भी अपनी paid up capital है प्लस जो भी reserves हैं bank के जो भी reserves है bank की इसका 30% ठीक है दोनों में से जो भी value कम होगी ना जो भी value यहाँ पर lower होगी उससे जादा investment जो है bank यहाँ पर दूसर company में जो bank है इससे ज्यादा investment नहीं कर पाएगा उस company की paid up capital का 30% या अपनी खुद की paid up capital and reserves का जो total amount है उसका 30% इससे ज्यादा investment दूसरी company में नहीं कर पाएगा जो भी value इसमें से कम होगी उसके हिसाब से तो further आगे बढ़ते हैं it is regarding the counterfeit bank notes counterfeit bank notes यानि की जो जाली currency रहती है ना उसके बारे में तो हर कोई bank note जो हमें counterfeit लगता है या फिर जो counterfeit निकाला गया है उसके उपर आपको stamping करनी होती है और उस note को आपने impound कर लेना है यानि की मालिजिए scenario ये रहा है की cash window के उपर एक note आपके पास packet जमा किया गया या फिर आपके पास open currency जमा की गई उसमें से आपको एक जो counterfeit currency थी ना यानि की note था वो जाली था ठीक है वो आपके पास जमा किये गए तो ये नहीं है कि आप उसको कहेंगे ये जाली note है इसक आपने यहाँ पर लगानी है counterfeit currency की stamp आपने लगानी है further आपको इसका एक register maintain करना होता है आपको इसका एक register maintain करना होता है जिसके उपर उसकी series इस date को आपके पास आया कौन से person ने ये note जमा करवाया वो सारी details आपको लिखनी होती है plus आपको इस currency note को वापिस नहीं करना है आ तो जो भी process रहेगा आपके RO की instructions के साथ उस process को follow करना होता है ठीक है तो ये process रहेगा further a bank note tendered at counter a bank branch or triary is found to be counterfeit note an acknowledgement receipt in the prescribed form must be issued to the tenderer ठीक है यानि की note को stamp करने के बाद जो भी एक acknowledgement है ना वो आप उस tenderer को देंगे यानि की जिस person ने आपको दिया है उस person को एक receipt दे दी जाएगी and customer के account को किसी भी तरह का credit जो है counterfeit note के case में नहीं दिया जाएगा ठीक है for cases of detection of counterfeit notes up to 4 pieces यानि की अगर आपके पास 4 counterfeit notes भी यहाँ पर present होते हैं single transaction में तो आप एक consolidated report जो है एक prescribed format में police authorities को भेजेंगे यानि की जो भी police authorities हैं उनको यहाँ पर end of month में आप एक prescribed format में उनको एक report भेजेंगे अगर single transaction में आपके पास 4 piece आते हैं and further अगर आपके पास counterfeit note जो है 5 या उससे ज़ादा 5 या उससे ज़ादा single transaction में आते हैं तो उसके case में FIR को lodge करवाया जाएगा उसके case में FIR को lodge करवाया जाएगा with the Nodal police station or police authorities and further counterfeit currency के case में आपको reporting भी करनी पड़ती है reporting भी करनी पड़ती है किन-किन को reporting करनी पड़ती है एक तो आपको financial intelligence unit को FIU IND को reporting करनी पड़ती है and साथ की साथ Reserve Bank of India को reporting करनी पड़ती है इसके regard में ठीक है तो दो जगा reporting करनी पड़ती है आपको एक FIU IND को reporting करनी पड़ती है and RBI को reporting करनी पड़ती है and ये basically branch level पर नहीं रहती है this reporting is generally on the RO level ये regional office यहाँ पर zonal office level पर रहती है reporting ठीक है so यहाँ पर ये reporting भी करनी पड़ती है within 7 days साथ दिन के अंदर जिस दिन भी आपको counterfeit currency मिली है so within 7 days ये reporting जो है आपको FIU IND को and RBI को further करनी पड़ती है okay so the counterfeit bank notes detected in cash received by the branch shall be forwarded to the local police for investigation by filing the FIR अगर पान से जादा मिलते हैं and जो FIR की copy है force bank notes की वो vigilance cell जो होगा ना head office में bank का उसको भेजी जाएगी and जो counterfeit notes हैं जब वो यहाँ पर police verification करने के बाद लोटा दी जाएगे bank को so कम से कम आपने उनको 3 साल के लिए 3 साल के लिए preserve करना है and half yearly verification करनी है उन currency notes की further it is regarding the instructions on compensation to banks on the notional value of the counterfeit currency ये पहले क्या होता था की जो भी counterfeit currency होती थी ना उसके regard में कुछ ना कुछ value जो थी वो यहाँ पर compensate की जाती थी लेकिन अब इसके ऊपर क्या है 100% penalty है नहीं कि कोई भी value जो है counterfeit currency के ऊपर वो यहाँ पर compensation नहीं दी जाएगी that would be 100% loss that would be 100% penalty तो वो penalty की form में रहेगा ठीक है further जो topic हम cover करने वाले हैं that is the commercial paper that is regarding the commercial paper तो commercial paper क्या है ये एक unsecured money market instrument है unsecured money market instrument है money market instrument क्या है तो आपके short term duration के investment instrument रहते हैं so commercial paper क्या है यहाँ पर unsecured money market instrument है तो basically क्या है कि companies को पैसे जाएगे अगर कोई company है XYZ तो इसको यहाँ पर पैसे जाएगे अपने इसने काम करना है तो उसके लिए पैसा जाएगे तो इसके पास क्या क्या sources available है एक तो इसके पास source available है कि यहाँ पर bank loan ले सकती है जो corporate है यह bank loan ले सकती है लेकिन यह महंगा सोधा है यह महंगा सोधा है इसको काफी costly पड़ता है ठीक है तो यह इससे परहेज करती है further दूसरा क्या है कि यह अगर reputed company है तो यहाँ पर market में जाएगी and further यहाँ पर equity को यहाँ पर उठा लेगी यहाँ पर shares को issue करेगी और यहाँ पर इसके पास पैसे आए जाएगे ठीक है public limited company के case में further third क्या रह सकता है कि यहाँ पर money market instruments है या दूसरे debt instruments है उनको यहाँ पर issue किया रह सकता है तो equity वरा क्या रहा है कि आपके capital market के instrument आगे जिसमें debt instrument वरा यह सब चीज़े शामिल हो जाएगी ठीक है लेकिन यहाँ पर जब हम XYZ की case में बात कर रहे है short term basis पर इसको पैसा जाएगी तो यहाँ पर यह money market instrument में यहाँ पर money market में भी पैसा invest कर सकती है ठीक है तो जो commercial paper है यह money market instrument ही है this is money market instrument and यह unsecured instrument है and यह क्या है unsecured instrument है unsecured क्यों कहा गया इसे क्योंकि यहाँ पर company की सिरफ और सिरफ rating ही जाती है जैसे माल लिजिए company XYZ का ही example लेता है यहाँ पर company XYZ ने यहाँ पर issue के commercial paper commercial paper यहाँ पर issue किये और यहाँ पर जो investors है इनको investors ने यहाँ पर commercial papers में invest कर लिया investment करने से पर यह ranking का rating उस rating के हिसाब से यहाँ पर investors है वो investment करेंगे कि उनको कितना return मिलेगा यह safe है या नहीं है अगर यह company diff faults भी कर देती है तो underline तो कोई asset आये ही नहीं यहां पर कि अगेंस्ट को इशू किया गया है उसके against � deutsche hard फैंस किया गया हो जिसके ऊपर चार्ज किया गया हो deventer के case में रहता है जब deventer issue करती है company तो जो भी company का asset है न इसके ऊपर एक charge create हो जाता है deventer का मतलब यही रहता है लेकिन कमर्शल paper के case केस में ऐसा नहीं कि पेपर केस में ऐसा नहीं रहा था है तो कर दो चले पर क्या है अन सेक्योर मर्किट इंस्टूमेंट है जो प्रोमिशरी नोट की फॉर में यहां पर डेमेटेविटल डिवार्टय पॉजिट यूज वापस यह तो सेंट्रो और इंडिया तो money market, capital market, सब किस के दारे में? सेबी की दारे में, ठीक है? तो यहाँ पर सेबी जो है, यहाँ पर उनकी depository की दोरा यह issue किया रहा है, यहाँ पर, and dematerialized form में होता है, promissory note की form में issue किया रहा है, unsecured money market instrument है, तो दो line-on में ही बहुत सारा कुछ cover हो गया है, तो इन points को note कर लिजिये, ठीक है? Further it is regarding, कि जो commercial paper issue किया रहता है, यह इसकी denomination के रहती है, कि इसका amount 5,00,000 रपे, यहाँ इसके जो multiples है, उन में रहेगा, 5,00,000, 10,00,000, 15,00,000, 25,00,000, यहाँ पर, इस रहा है, इस रहा है, इस रहा है, इस रहा है, इस रहा है, जो commercial paper है, उसे issue किया रहता है, and it is issued at a discount to face value, यानि कि, इसके उपर जो return रहेगी न, जो return यहाँ पर investor को मिलनी है, जैसे मालिजी 5,00,000 का commercial paper बिका, 4,00,000 में, 4,00,000 में बिका, ठीक है? तो जब इसकी maturity होगी, तो maturity के समय पर, जो investor है, उसे 5,00,000 मिल जाएगी, उसे face value मिल जाएगी, तो यहाँ पर yield क्या हुई, यहाँ पर profit क्या हुआ, जो difference है, जो यहाँ पर issuing का, and जो यहाँ पर redeemed value का, जो difference है, वो आपका क्या हुआ, यहाँ पर profit हुआ, ठीक है? तो इस रह से, discount to face value के उपर issue के रहते हैं, कम से कम 7 days के लिए, maximum इसे 1 साल के लिए issue के रहता है, जो भी money market instrument रहते हैं, वो 1 साल की maximum validity रहती हैं उनकी, ठीक है? And further, and further, not beyond the credit rating validity period, not beyond the credit rating validity period, तो इसको चीज़ को हम further अभी cover करेंगे, इस line को अगले 2-3 paragraphs में हम cover कर लेंगे, ठीक है? तो वहाँ पर ज़ादा appropriate रहेगा, समझाना. तो एक unsecured money market instrument है, जिसका जो denomination है 5 लाख है, उसके multiple में रहती है, minimum period जो maturity का है, 7 दिन का है, maximum जो maturity period है, वो यहाँ पर है 1 साल का, वो यहाँ पर है 1 साल का. उसके बार बात करते हैं, regarding the eligible issuers, कौन-कौन इसे issue कर सकते हैं, जो भी NBFCs हैं, companies हैं, NBFCs हैं, all India financial institutions हैं, वो यहाँ पर commercial papers को issue कर सकती हैं, लेकिन उन्हें यहाँ पर एक चीज़ बिजान रखनी है, कि कुछ एक conditions हैं, जो common हैं, उनके बारे में डिस्कस करते हैं, तो यहाँ पर पहले यह देख लेते हैं, कौन-कौन issue कर सकते हैं, जो भी companies हैं, NBFCs हैं, all India financial institutions हैं, वो यहाँ पर issue कर सकती हैं, further, जो कोई भी company हैं, likewise, cooperative societies हैं, unions हैं, government entities हैं, trust limited हैं, limited liability partnerships हैं, यहाँ फिर और कोई भी corporate body है, जो present हैं इंडिया में, जिनकी कम से कम जो net worth है, 100 crore की है, जिनकी कम से कम net worth जो है, वो 100 crore की है, वो भी यहाँ पर, जो commercial paper है, उन्हें issue कर सकती हैं, further, यहाँ पर condition क्या required है, पहली condition तो यह होगी, कि जो companies हैं, NBFC हैं, All India Financial Institution हैं, वो issue कर सकती हैं, दूसरी क्या है, कि और कोई भी corporate body हैं इंडिया में, वो भी CP को issue कर सकती है, लेकिन उनकी minimum net worth है, जो minimum net worth जो है, वो कम से कम 100 crore की हो, तो वो issue कर पाएंगी, further, और common conditions क्या है इन दोनों के उपर, कि उनकी जो working capital है, वो regular चल रही हो, वो standard हो, further, अगर कोई भी loan लिया गया है, वो standard category में हो, and जहांपर, एक calendar year में, एक calendar year में, यानि कि एक January से लेकर, 31 दिसंबर तक, अगर आपके द्वारा, company के द्वारा, जो भी commercial paper issue किये गए हैं, अगर उनका amount, 1000 करोड से जादा है, अगर उनका amount, 1000 करोड से जादा है, तो आपको, कम से कम, 2 से भी approved, जो भी, credit rating agencies होगी न, उनके द्वारा, कम से कम, A3 rating लेनी पड़ेगी, उनके द्वारा, कम से कम, A3 rating लेनी पड़ेगी, हमने पढ़ा था, regarding example, जब आपको करवाई थी न, मैंने, credit rating agencies की, तो वहाँ पर हमने पढ़ा था, long term loans, short term loan, तो यह आपका क्या है, short term loan है, तो वहाँ पर हमने क्या-क्या categories पड़ी थे आपकी, those were, A1 plus, A1, A2, A3, ठीक है, A4D, तो इस रासे rating रहती है, तो यहाँ पर कम से कम जो rating होनी चाहिए, वो A3 होनी चाहिए, तब यहाँ पर आप, जो commercial paper वो issue कर सकता है, लेकिन वो कब करवाई नहीं पड़ेगी, जब यहाँ पर, आपने एक calendar year में, 1000 करोड से जादा amount के, commercial papers को issue करना है, तो उसके case में, SEBI ap
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