This class is locked
Unlock it with coins, your free peek, or by getting the full course.
FREE PREVIEW Watch the next class? Sign in →
IBPC, SRMS — a Bank Promotions VIDEO LECTURES OF ASHISH SIR (FOR ALL SCALES) video lecture on Learning Sessions.
Watch the full VIDEO LECTURES OF ASHISH SIR (FOR ALL SCALES) class video above. This lesson is part of the Bank Promotions course on Learning Sessions.
Video transcript
4,297 wordsAuto-generated from the class audio — may contain minor errors.
Show full transcript
आई बी पी सी, आई बी पी सी, तो हमने यहाँ पर बात की थी, अगर कोई short fall रहता है, कोई short fall रहता है, यानि कि जितना आपको target complete करना था priority sector में, आप उसे पूरा नहीं कर पाएं, आप उसे पूरा नहीं कर पाएं, likewise bank ABC है, bank ABC है, जिसका priority sector lending का जो target था, that was 300 crore, that was 300 crore, ठीक है, लेकिन इसने जो target achieve किया है, हम यहाँ पर सिर्फ overall target की बात कर रहे हैं, तो overall target जो इसने achieve किया है, that is 100 crore, 100 crore का ही achieve किया है, तो 200 crore का यहाँ पर क्या है, short fall है, short fall का मतलब क्या है, जो इससे पूरा नहीं कर पाया, उ रोड रूपीज की है, 200 crore रूपीज की है, ठीक है, तो यहाँ पर जो 200 crore रूपीज की short fall है, यह amount इसको जमा करवाना पड़ेगा, कहाँ पर invest करना पड़ेगा, maybe हो सकता है, different जो department है, likewise जो आपके micro small, आपके enterprises वहाँ पर target पूरा नहीं है, तो सेट बी के पास जमा करवाना पड़ेगा, small enterprise development fund में पैसा जमा करवाना पड़ सकता है, यहाँ पर national housing, बैंक के पास आपको पैसा जमा करवाना पड़ सकता है, यहाँ पर यह सब वो जगह है जहाँ पर आपको पैसा जमा करवाना पड़ेगा, in case आपका target जो है पूरा नहीं होता है, ठीक है, कहने का मतल� है, यह जमा नहीं करवाएगा, तो इसका alternate क्या है, अब shortfall भी हो गया, तो alternate क्या है, alternate है IBPC या फिर priority sector lending certificate, जो हमारा अगला topic है, ठीक है, तो पहले हम समझते हैं IBPC के बारे में, IBPC के बारे में, तो यहाँ पर reserve bank of India ने foreign banks को and private sector को यहाँ पर permit किया है, यहाँ पर जो reserve bank of India है, � इजाज़त दी है कि वो अपनी जो भी investment है ना, interbank participatory certificates में, interbank participation जो certificate है, उनमें जो भी investment की गई है, इनके दोरा, foreign bank के दोरा, यहाँ फिर private sector bank के दोरा, वो उसको basically direct lending मान सकते हैं in the priority sector, in the priority sector, अब एक example के तुरू समझे, likewise यहाँ पर ABC bank का तो हमने मान लिया यहाँ पर क्या है, लेकिन यहाँ पर है एक आपके पास regional rural bank, regional rural bank जो regional एक rural area में यहाँ पर काम कर रहा है, तो rural area में जो भी lending यहाँ पर की जा रही है, वो किस चीज़ से related है, ज़्यादा तर वो क्या रहती है यहाँ पर, priority sector ही है, ज़्यादा तर इनकी जितनी में lending रहती है, यहाँ पर जो overall target है 90%, लेकिन bank ने target कितना achieve कर लिया, bank ने target achieve कर लिया 90% का, 90% यानि कि जो lending की गई है, RRB के दौरा मालिजिये वो क्या है, priority sector lending है, तो इसके पास excess आ गया 15%, इसके पास 15% क्या है, excess में यहाँ पर priority sector पड़ा है, ठीक है, तो यहाँ पर 15% हम माले देते हैं कि इसके पास 300 करोड priority sector तो यहाँ पर RRB क्या कर सकता है, अपना जो भी यहाँ पर 300 करोड का priority sector lending का portfolio है, ध्यान से समझेगा, जो भी इसका priority sector lending का excess में portfolio है, portfolio का मतलब क्या रहता है, जो एक loan का अगर हम एक दायरा बना देना, अगर एक loan को एक bucket में रख दें, तो उसको हम क्या कहेंगे, यह portfolio है, अ� कि पूरा होगा, इसको यहाँ पर interest differential जाएगा, इसको यहाँ पर interest differential जाएगा, वहीं पर जो ABC bank है, उसको क्या benefit होगा, उसको यह benefit होगा कि इसका जो priority sector का target है वह पूरा हो जाएगा, चिक है, यहाँ पर इसको कुछ एक यहाँ पर जादा पैसे पे करने पड़ेंगे RRB को, � रेंडिंग का जो पोर्टफोलियो है उसमें ऐड हो जाए तो इसका जो शॉटफॉल है वह पूरा हो जाएगा यानि कि इसने 200 क्रोड का जो शॉटफॉल था इसका प्रायर्टी सेक्टर का वह इसने पर्चेज कर लिया है थूद आर्डिस्टिक आज जो यह आईबी पीसी होते हैं इंटर बैंक पार्टिस्पेशन सर्टिवेट्स होते हैं यह रिस्क शेयरिंग बेसिस पर होते हैं दिजार ऑन रिस्क शेयरिंग बेसिस एंड फर्टर यह नॉन रिस्क शेयरिंग बेसिस पर प्रविटेज जरूरी नहीं risk sharing रहेंगे ये non risk sharing basis पर भी हो सकते हैं okay, risk sharing का मतलब है कि अगर कोई default होता है NP होता है तो उसके case में कह रहेगा इसकी जिम्मितारी बन जाएगी, इसकी जिम्मितारी बन जाएगी ठीक है so कुछ-एक मीनों के बाद, कुछ-एक time period के बाद बाद जब इसका मकसद भी पूरा हो गया शॉट फॉल का एंड इसको फाइन भी नहीं पड़ा प्लस इसको जो अपने डिपॉजिट थे वो आराई डीएफ या फिर सेडीएफ या फिर सेट भी के पास एनएच भी के पास नहीं रखने पड़ें हैं तो यहां पर दोनों का ही जो मॉटिफ वह फॉल्फिल हो गया तो कुछ समय बाद दोबारा से इस ट्रांजेक्शन को रिवर्स किया जा सकता है तो डेट इज रिगार्डिंग आईबीपीसी डेट इज रिगार्डिंग आईबीपीसी डेट इस इंटर बैंक पार्टिसिपेशन सेटिफिकेट ओं ठीक है तो यहां पर आपको यह मेल लेंगुज में अनुख्य बता दिया है कि आईबीपीसी होते गया इंटर मालिटेशन जो साओ जॉडर पॉसिफिकेट है जो होते गया है ठीक है उसके बाद next topic के ऊपर चलते हैं that is a PSLC PSLC क्या है this is Priority Sector Lending Certificate Scheme Priority Sector Lending Certificate Scheme तो यहाँ पर भी same चीज़ है लेकिन यहाँ पर basically सभी banks शामिल है यहने कि इसमें सभी banks शामिल है तो यहाँ पर यह scheme यहाँ पर enable करती है यह scheme यहाँ पर enable करती है banks को कि वो अपना priority sector lending का जो target है यहाँ जो sub targets है उनको यहाँ पर instruments को purchase कर सकते है यहाँ पर भी वही चीज़ है कि ABC bank के पास यहाँ पर मालीजिए ABC bank है और इसका यहाँ पर जो sub target था ना sub target था यहाँ पर 18% agriculture का उसमें shortfall हो गया 18% का जो sub target agriculture का उसमें shortfall हो गया ठीक है तो उसके case में यहाँ पर PSLC के थूँ यहाँ पर purchase कर सकती है यहाँ पर priority sector lending certificate थूँ यहाँ पर इसे purchase कर सकता है ठीक है तो उसी के बारे में यहाँ पर भी है तो यहाँ पर जो surplus bank है उसको यहाँ पर कुछ ना कुछ premium मिल जाता है तो यहाँ पर as such portfolio नहीं बेचना पड़ता यहाँ पर सिरफ और सिरफ अप underlying जो आपका asset है ना यहाँ पर likewise XYZ bank है ठीक है इसके पास surplus यहाँ पर agriculture यहाँ पर priority sector है agriculture में इसके पास surplus priority sector पड़ा है तो यहाँ पर certificate बना करना यहाँ पर basically बेच जाएगी ना कि portfolio नहीं बेचा जाएगा यहाँ पर जैसे हमने IBPC के case में पड़ा था IBPC के case में क्या होता था आप portfolio को sell करते थे लेकिन आप यहाँ पर PSLC के case में सिरफ और सिरफ underlying asset के base पर आप एक certificate issue कर देते हैं और यह certificate किसके platform पर issue होता है कहाँ पर इनको trade किया जाता है PSLC को यह E-KUBER यहाँ कि Reserve Bank of India को जो CBS है ना Reserve Bank of India को जो CBS है उसका क्या नाम है E-KUBER उसका नाम है E-KUBER तो E-KUBER के थुरू यहाँ पर क्या कि जाती है इनकी trading की जाती है PSLC की trading की जाती है यहाँ की market rate नेचर इन्स्ट्रूमेंट नेचर इन्स्ट्रूमेंट यानि कि जो सैलर है वह बेसिकॉली अपने प्रायर्टी सेक्टर अलेंडिंग की जो ऑफिसनल Phoenix को फर्थ रखेगा बेचेगा वर्कपो पर वेड कर कर लेगा लेकिन यहां पर Diosapons not risky. P полностьюاء príncipe? PSLC SLP of Reserve Bank of India that is Equibir, Equibir के थूब होता है तो sellers यहाँ पर यहाँ buyers कौन-कौन से हो सकते हैं जो भी bank है जो regional rural banks है local area banks है small finance banks है यहाँ फिर urban cooperative banks है जिनके पास priority sector के category targets हैं वो यहाँ पर इसमें seller sector बायर बन सकते हैं एंड जो pslc की टाइप है इन यह चार तरह की टाइप रहते हैं प्रियॉटी सेक्टर लैंडिंग सर्टकाइट जो एग्रीकल्चर से क्लिक कर रहे हैं वृटिल उत्तर लै है जो पाटिवली स्मॉल फान मेर माजप्रोर के potato getting paid as didhat publication command ज़ितने भी डिफरेंट्रीसेक्टर चाहे वो एडुकेशन का है चाहे वो हाउसिंग का है रिनेयबल एनर्जी के सोशल इंफरस्ट्रक्चर का है चाहे वो एक्सपोर्ट क्रेडिट सभी PSLC जनरल में शामिल है है लेकिन यहां पर एक PSLC जनरल के रिगार्डिंग के export का शामिल नहीं रहता है. Export जो credit है वो यहाँ पर further यहाँ पर नहीं दिया जा सकता है. उसके बाद बात आती है regarding the amount eligible for issue. कितना amount यहाँ पर issue किया जा सकता है. So normally जो PSLC है वो underlying asset के ऊपर दिया रहता है यानि कि जो भी मालिजे यहाँ पर हम RRB के example ले रहे थे कि RRB ने यहाँ पर PSLC को यहाँ पर बेचना है तो यहाँ पर PSLC के case में क्या होगा जो भी आपका underlying priority sector asset है ना उसके base पर आप क्या करेंगे उसके base पर आप PSLC को issue करेंगे यानि कि जो भी इसका underlying surplus है उसके base पर आप PSLC को issue करेंगे ठीक है जनरल यही रहता है लेकिन बैंक को यहाँ पर permit यह भी किया गया है कि पिछले साल का उनकी जो भी priority sector lending की achievement थी उसका 50% तक वो PSLC उसे issue कर सकते हैं 50% जो है वो यहाँ पर PSLC issue कर सकते हैं यानि कि underlying asset देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी यहाँ पर यहाँ पर फिर underlying asset को देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी पिछले साल जो आपकी क्या थी priority sector lending की achievement थी जो थी उसके base पर आप यहाँ पर 50% तक amount की जो यहाँ पर PSLC है उसे further issue कर सकते हैं लेकिन यहाँ पर एक चीज़ यहाँ पर ध्यान में रखने वाली है कि reporting date के उपर reporting date के उपर जो bank है जिसने यहाँ पर PSLC को further issue करना है ना उसका यहाँ पर priority sector का lending का जो target है वो यहाँ पर achieve हुआ हो यानि कि जो outstanding priority sector lending का portfolio है plus जितना net amount का PSLC वो issue कर रहा है इस चीज़ को ध्यान से समझीए यानि कि जो एक तो amount उसके पास रह जागा यानि कि आप इस तरह से समझीए कि total जो priority sector lending था इसका वो था 600 करोड वो था 600 करोड का priority sector lending था यहाँ पर RRB का जिसमें से इसने 200 करोड के जो PSLC थे वो issue कर दिये 200 करोड के जो PSLC issue कर दिये ठीक है तो यह 200 करोड के 200 करोड जो यहाँ पर issue किया है further 400 करोड जो यहाँ पर इसके पास बाकी रह गया है इन दोनों को मिला कर इन दोनों को यानि कि जो 400 करोड है ना इसमें से इसका priority sector lending का क्या किया priority sector lending certificate तो issue कर दिया लेकिन यहाँ पर खुद का shortfall हो गया तो जितना भी अगर shortfall हो गया तो यहाँ पर उसे RIDF यहाँ पर जो भी other funds हैं वहाँ पर जमा करवाने पड़ेंगे वहाँ पर funds में जमा करवाने पड़ेंगे तो इस चीज़ का ध्यान रखना है कि अपना खुद का target जो है वह पूरा होता हो अपना खुद का target जो है वह पूरा होता हो उसके बाद बात आती है एक lot size की जो PSLC है उन्हें एक standard size में यहाँ कि standard size के है 25 lakh रुपीज का या फिर इनका multiple जो nominal value है PSLC की वो basically किस चीज़ को represent करेगी equal PSL को decide करेगी equal PSL को decide करेगी यहने कि seller के portfolio में से seller का जो portfolio था यहने कि जैसे हमने यहाँ पर का RRB का जो portfolio था PSL का वो 600 crore का था 200 crore के इसने issue कर दिये तो जो यहाँ पर PSL का nominal amount है वो यहाँ पर 200 crore का यहाँ से deduct हो जाएगा 200 crore का यह जो nominal amount है यहाँ पर वो deduct हो जाएगा and जो buyer होगा उसके portfolio में यह nominal amount है यह add हो जाएगा उसके nominal amount में जो भी lending का nominal amount है उसमें वो add हो जाएगा priority sector में ok and further जो buyer है वो यहाँ पर एक fee pay करेगा एक fee pay करेगा जो market decided होगी market determined जो fee होगी यहाँ पर buyer के दौरा seller को pay की जाएगी ok तो यहाँ पर एक market decided जो fees है वो buyer के दौरा seller को pay की जाएगी further it is regarding the accounting accounting के अगर बात करते हैं जो भी fees pay की गई है buyer के दौरा यहाँ कि buyer जिसने PSLC को purchase किया है उसके लिए क्या होगा यह expense है and further जो seller है जिसने PSLC को बेचा है उसके case में यहाँ पर miscellaneous income trade की जाएगी miscellaneous income trade की जाएगी ठीक है so that was all about the priority sector lending so that was all about the priority sector lending further आगे बढ़ते हैं कि common guidelines क्या है regarding the priority sector loans priority sector loan के regarding further guidelines क्या है कि rate of interest जो रहता है वो rate of interest जो रहता है जो bank चार्ज करेगा priority sector loans के उपर that is issued as per the directives जो rate of interest चार्ज के जाएगा that is that will be as per the directives issued यानि कि जो भी directions दी जाते है reserve bank of India के तरवा time to time उनके base पर rate of interest यहाँ पर bank के तरवा चार्ज के जाएगा and further अगर हम बात करते है regarding the service charges तो कोई भी service charges कोई भी कोई भी ad hoc service charges कोई भी inspection charges यहाँ पर priority sector जिनका amount 25,000 रुपीज तक है यहाँ कि 25,000 तक का कोई भी priority sector loan है तो उसके उपर किसी भी तरह के charges यहाँ पर लिवाए नहीं की जाएगे further it is regarding the receipt sanction or rejection disbursement register तो यहाँ पर अगर आपके पास कोई भी यहाँ पर application आती है कोई भी application आती है priority sector को लेकर तो वहाँ पर आपको उसकी sanction को लेकर यहाँ rejection को लेकर एक register maintain करना पड़ेगा यहाँ पर electronic record maintain करना पड़ेगा जिसमें date of receipt हो गई date of sanction हो गई यहाँ पर जो rejection की date हो गई वो सबी चीज़ें यहाँ पर mention करनी पड़ेगी further इसके regarding जो भी disbursement की है किस date को किये वो सब यहाँ पर note करना पड़ेगा and अगर rejection रही है तो वहाँ पर जो भी reason रहा है वो यहाँ पर आपको record करना पड़ेगा then it is regarding the issuance of acknowledgement of loan application further अगर आप कोई भी application को receive करते हैं under the priority sector loan तो वहाँ पर आपके लिए ज़रूरी होगा कि आप एक acknowledgement ज़रूर दें यहाँ कि जो भी loan application आपने receive की है under the priority sector loan तो वहाँ पर bank के लिए ज़रूरी होगा कि उनके regarding acknowledgement ज़रूर दी जाए and further जो bank board है वो एक prescribed time देंगे जहाँ पर जो भी decision है जो भी decision है इस loan application के regarding वहाँ पर applicant को वो in writing communicate करना पड़ेगा in writing communicate करना पड़ेगा कि आपने accept किया है या reject किया है तो किस reason से reject किया है that should be done that should be done then it is regarding the collateral security norms collateral security norms तो अगर हम agriculture finance की बात करते हैं agriculture finance की बात करते हैं तो यहाँ पर किसी भी तरह के margin की या फिर collateral की ज़रूत नहीं है अगर 1,60,000 तक का loan है अगर 1,60,000 तक का loan है यहाँ पर हम KCC की बात कर रहे हैं particularly यहाँ पर agriculture में हम KCC की बात कर रहे हैं कि यहाँ पर 1,60,000 तक के loan के लिए किसी भी तरह के आपको margin या collateral की ज़रूत नहीं पड़ेंगे अगर term loan की बात करें तो वो limit कितना amount कितना है that is up to rupees 1 lakh तो term loan के case में जो amount है that is up to rupees 1 lakh लेकिन KCC के case में यहाँ पर कोई भी margin या फिर कोई जो collateral है यहाँ पर required नहीं है for the loan up to rupees 1,60,000 लेकिन जहाँ पर recovery tie up available है वहाँ पर यह collateral free जो loan है that could be up to rupees 3 lakh वो 3 लाख अगर आपके पास tie up जो recovery arrangement है वो available है उसके बाद बात आती है regarding the agri clinic या फिर agri business तो वहाँ पर 5 लाख तक के loan के लिए किसी भी तरह के margin की या फिर collateral की ज़रूत नहीं है अगर agri clinic या agri business का case है तो वहाँ पर 5 लाख तक के loan के लिए कोई भी collateral या फिर margin की ज़रूरत नहीं है further it is regarding the small enterprises small enterprises यानि कि जो micro, small, medium enterprises उनके बारे में आपके बात करें तो यहाँ पर normal account के case में जो 10 लाख तक का loan है वहाँ पर कोई भी collateral नहीं ली जाएगी वहाँ पर कोई भी collateral जो है वह नहीं ली जाएगी and further जहाँ पर जिन enterprises का track record बहतर है बढ़िया है वहाँ पर bank collateral free जो loan है वह 25 लाख तक भी दे सकता है वह 25 लाख तक भी दे सकता है जहाँ पर track record जो है वह बहतर है and further जो accounts cover रहते हैं CGT MSC में जो account जो है cover हैंगे CGT MSC क्रेडिट गरेंटी fund है न CGT MSC क्रेडिट गरेंटी fund है for the micro small enterprises तो यहाँ पर जो coverage रहती है fund based and non fund based जो coverage रहती है fund based या non fund based fund based and non fund based क्या चीज़ रहती है what is fund based what is non fund based fund based का मतलब है जब भी आप कोई loan दे रहे है ना fund based तो उसमें यहाँ पर disbursement होगी वो monetary form में होगी जो disbursement होगी वो monetary form में होगी likewise आपने कोई term loan sanction किया कोई working capital दी या फिर working capital term loan दिया कोई OD limit दी तो वो basically क्या है fund based facilities है लेकिन अगर आप कोई letter of credit issue करें bank guarantee issue करें कोई co acceptance है तो वो यहां पर basically वो यह सभी क्या है यह non fund based है यहां पर bank ने कोई भी fund disburse नहीं करना है कोई भी fund disburse नहीं करना है ना ही ILC के case में ना ही bank guarantee के case में ना ही co acceptance के case में यह जरूर हो सकता है कि future में जाकर bank को liability crystallize होने के बाद payment करनी पड़े लेकिन जब disbursement की जाती है तो उस टाइम पर कोई भी यहां पर fund जो है वो disburse नहीं कर रहा था ठीक है तो यहां पर that would be covered under non fund based तो यहां पर non fund based and fund based के लिए जो cover है that is up to rupees 2 crore that is up to rupees 2 crore उसके बाद बात आती है regarding the education loan तो education loan के case में साढ़े साथ लाख रुपए तक किसी भी तरह की collateral की जरूरत नहीं है साढ़े साथ लाख रुपए तक किसी भी तरह की collateral की जरूरत नहीं है फर्थर हम आईबीए की जो model scheme उसके बारे में भी फर्थर बढ़ेंगे और इसके लाभा जो prime minister employment एंटी प्रोग्राम है यहां फिर national rural livelihood मिशन है यहां पर 10 लाख तक के लोन के लिए किसी भी तरह की collateral की जरूरत नहीं है किसी भी तरह की collateral security की जरूरत नहीं है ओके नो लेट इस नो नो लिटेडिव गॉर्नमेंट स्पॉंसर्ड स्कीम्स गॉर्नमेंट स्पॉंसर्ड किस्परम बात करेंगे तो सबसे पहले जो स्कीम बात करने वाले डाइज दीजा डी एर आई स्कीम डेड्ड इस लेट केमिन 1972 डेट केम इन 1972 तो दीए पाग्य is what DRA is differential rate of interest differential rate of interest so basically this scheme का main objective क्या था जो poorest of a poor person है उसको assist करना and उसे poverty line से उपर ले कर आना and उसे poverty line से उपर ले कर आना okay and यह जो scheme है यह पूरे इंडिया में applicable है target group क्या है जो भी weaker section है SCST members जो है minorities हैं यहाँ फिर जो disabled person है वो यहाँ पर इनका target group है and what is the eligibility norm की जहाँ पर जो family income है जहाँ पर वो individuals जिनकी जो family income है वो अठारा हजार से ज्यादा नहीं है rural areas में एक साल की family income की बात करें एक साल की जो family income है वो अठारा हजार से ज्यादा नहीं है rural area में and urban and semi urban areas में 24,000 रुपीज से ज़्यादा नहीं है एक साल की जो household income है family income है वो 24,000 से ज्यादा नहीं है urban and semi urban areas में and 18,000 से ज्यादा नहीं है rural areas में वहाँ पर उन beneficiaries को individuals को आप consider कर सकते हैं under the DRI scheme under the DRI scheme so basic यहाँ पर objective क्या है कि poorest of poor को assist करना है and उन्हें poverty line से उपर उठाना है so purpose of loan क्या है कि उनको productive activities के लिए loan दिया सके चाहे वो higher education उन्होंने pursue करना चाता है अगर कोई Indian student है वो higher education person pursue करना चाता है यहाँ फिर हो सकता है कि artificial limb जो है उसे purchase करना हो hearing aid को purchase करना हो wheelchair purchase की चानी हो physically handicapped person के दौरा तो यहाँ पर इस purpose के लिए यह loan जो है वो दिया जाता है further जो quantum of loan है अगर उसकी बात करे quantum of loan की बात करे तो यहाँ पर जो amount है वो term loan की form में यहाँ फिर working capital की form में यहाँ फिर दोनों की form में यहाँ पर productive purposes के लिए 15,000 पर तक का जो loan है वो यहाँ पर maximum दिया जा सकता है under the DRI scheme तो DRI scheme के तहट जो यहाँ पर maximum amount of loan रहेगा वो 15,000 तक का रहेगा and further अगर जो beneficiary है वो SCST category से है अगर जो beneficiary है वो SCST category से है तो वहाँ पर housing purposes के लिए 20,000 रुपीज तक का जो loan है वो दिया जा सकता है तो दोनों चीज़ को ध्यान से समझ लेजिए कि otherwise जो maximum quantum है वो कितना है productive purposes के लिए जो maximum quantum है वो कितना है 15,000 पे का है ठीक है 15,000 पे का है सभी categories के लिए लेकिन जहाँ पर जो beneficiary है वो SCST category से है वहाँ पर housing purposes के लिए जो quantum है that is 20,000 रुपीज तक का जो loan है वो 15,000 पे का है ठीक ह जो भी advance यहाँ पर DRI में दिया जाएगा differential जो rate of interest scheme के तहट जो भी advance दिया जाएगा 40% जो advance है वो किन को देना है that is to be given to the SCST categories वो SCST categories को दिया जाना चाहिए and जो 75% of the total DRI होगा न 75% of the total DRI होगा वो rural या फिर semi urban branches के थूँ route किया जाना चाहिए वो rural या फिर semi urban branches के थूँ route किया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए वो राजन को भी बदाद दिया जाना चाहिए
Ask a doubt (0)
Be the first to comment.