BP accounting in depth COMPANY ACCOUNTS

COMPANY ACCOUNTS PART II

COMPANY ACCOUNTS PART II — a Bank Promotions accounting in depth video lecture on Learning Sessions.

14 Jun 2026 53:33 min 9 views
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तो शुरू करते हैं आज का टॉपिक है आपका हमारा company accounts तो सबसे पहले हम यहाँ पर final accounts का meaning समझते हैं कि final accounts क्या होते हैं तो देखो generally जब हम accounting करते थे तो accounting में हम basically क्या करते थे तो business में होने वाली transactions को हम एक systematic मैंधर में record करते थे तो यह जो प्रापस क्या होता था ताकि हम उससे useful information गेंग कर सके अपने business के बारे में ताकि हम business related important decision जो है ले सके अब जो accounting होती है वो एक limited period के लिए की जाती है accounting वो period जब खतम हो जाता है तो हम finally final accounts prepare करते हैं और वो period generally देखो one year का होता है तो one year के period के अंदर अंदर हम क्या करते हैं transactions को record करते रहते हैं और जैसे ही one year का period खतम होता है तो यह जो transactions हमने record किये इसके base पर हम final accounts prepare करते हैं ताकि उससे हम business के बारे में useful information गेंग कर सके final accounts में देखो हमारे दो आते हैं एक हमारा balance sheet आता है और एक हमारा statement on profit and loss account आता है ठीक है तो उसके बारे में हम यहाँ पर detail में पढ़ेंगे यहाँ पर देखो जो companies होती है companies act 2013 के under registered होती है तो इसलिए जब भी वो अपनी final accounts prepare करते हैं तो उनको companies act की provisions के according ही prepare करने पड़ते हैं यहाँ पर मैं आपको बता दू जो partnership form होते हैं जो sole proprietorship होते हैं उनको final accounts prepare करने के लिए कोई format नहीं होता वो अपने सुविधा के अनसार जैसे मरजी final accounts जो आप prepare कर सकते हैं पर companies के case में companies act ने कहा हुआ है कि आपको अपने final accounts एक specified manner में जो है prepare करने है तो यहाँ पर देखो under the companies act 2013 section 128 क्या कहता है कि companies को कुछ books हैं कुछ books के नाम है जो कि compulsory यहाँ पर prepare करने पड़ता है तो यह section 28 यह section important है इसके उपर MCQ बन सकता है तो कौन सा section ऐसा है जो कहता है कि companies को कुछ books जो हैं वो compulsory maintain करने पड़ेंगी वो है section 28 और section 29 क्युझे केटा है कि कि companies अपने final accounts कैसे ही prepare कर � Nature 29 प्रिपेयर करेगी bool mother tummy kій गला पड़ न्य है कि क्वेश्चन 29एव щоб कोड को कटेने प्रेटर कर पड़ेगी अपने final accounting को कैसे कटेर prepare करेगी clear है और उसके बाद जो section यहाँ पर हमारा 133 है यह कहता है हमें कि जब companies यहाँ पर final accounts prepare करेंगी तो वो जो है accounting standards को जो accounting standards यहाँ पर issue किये जाते है उसकी according ही final statement को prepare कर सकती है ठीक है और यहाँ पर एक important schedule हमारा schedule third अब जो companies act 2013 है वो कहता है कि companies जब अपने final accounts prepare करेंगी तो जो schedule third में जो format दिया हुआ है balance sheet का और profit and loss statement का जो भी format दिया है उसके according ही company अपने final accounts prepare कर सकती है तो इस paragraph में क्यों मैंने यहाँ पर लिया था कि जो तीन चार important information दे सकूँ section 28 ध्यान में रखना है section 29 ध्यान में रखना है उसके बाद section 133 भी ध्यान में रखना है ठीक है यह section कुछ ना कुछ कह रहा है final accounts के बारे में clear है और यह जो schedule third है यह भी आपको याद रखना है कि schedule third में format दिया हुआ है ठीक है इनके उपर MCQ बनने ही बनने है उसके बाद देखो final accounts का meaning कि final accounts यहाँ पर हमारे क्या होते है यहाँ पर देखो final accounts are collection of summary level reports about an organization's earning potential financial position and they include the income statement and balance sheet final accounts generally ऐसे summary level reports होते हैं यहाँ पर आप final accounts कर सकते हो ठीक है final accounts ऐसे हमारे summary level reports होते हैं जो कि किसी organization की financial position के बारे में बताता है कि उसकी financial position कैसी है कि उसके पास कितनी assets है कितनी liabilities है और उनकी जो earning potential है कि वो कितना कमा लेते हैं कितना profit कमा लेते हैं उसके बारे में हमें यहाँ पर पता लगते है clear आपको यह कुछ हमारी summary level reports होती है और final accounts में हमारी कौन-कौन सी चीज़े आती है तो सबसे पहले देखो हमारी क्या आती है balance sheet क्या आती है हमारी यहाँ पर balance sheet उसके बाद statement of profit and loss account ठीक है statement of profit and loss account final account पे जब companies final account बनाती है तो उन्हें जो है ये दो statement बनानी है और यहाँ पर एक और चीज़ मैं आपको बता दूँ जब हम forms की बात करते हैं partnership forms की बात करते हैं तब हम balance sheet और जब हमें profit and loss account calculate करना होता है तो उसके लिए हम profit and loss account और trading account बनाते हैं पर company की case में हम सिर्फ और सिर्फ एक statement बना लेते हैं जिसको हम statement of profit and loss account कहते हैं ठीक है statement of profit and loss clear आपको clear है यह थोड़ा से difference होगा जब हम partnership form वगैरा से compare करेंगे तो थोड़ा से यहाँ पर difference होगा clear है अब एक एक करके यह जो हमारी statements है उनके बारे में हम detail में पढ़ लेते हैं कि actually में यह होते क्या है ठीक है तो हम detail में यहाँ पर बढ़ेंगे तो सबसे पहले हमारा क्या है यहाँ पर balance sheet balance sheet क्या होता है नाम से पता लग रहा है कि balances की sheet जो हम जब final year हमारा खतम होता है जो accounting period खतम होता है जो हमारे पास balances बढ़ जाते है फिर उससे हम एक चीज �лагानते हैं जिसे हम कहते हैं बैलेंबीचिट और बैलेंग इसी मोर्क्स नाटीशन की पर टिक है डिधिटिव फाइनेंशल पोजीशन क्या है उसके बारे में हमें बता आता है कि कि उसके पास कितनी लाइबिडीटी उसके पास कितना करजा है ये सब चीज़े हमें यहाँ पर पता लग जाते है कि सेफ बैलेंश चीट है तो यहाँ पर मिली देखो बैलेंश चीट इसे फाइनेशल स्टीटमेंट देट हेल्प इन एवलेशन आफ बिजनस बिजनस के बारे में हमें इंफॉर्मेशन गेइन करने में हेल्प करती है हमें पता लगता है कि बिजनस एक्चली में है कैसा और इससे हमें क्या पता लगता है फाइनेशल पॉजीशन के बारे में और एक पर्टिकुलर डेट पर यह पॉइंट यहाँ पर आपने ध्यान में � प्लीट है अब इसके बारे में आपने कई बार पड़ा होगा तो हम पूरा डिटेल में ही समझेंगे कि बैलेंट शीट में कौन-कौन से पॉइंट होते हैं ठीक है उनको यहां पर डिटेल में यहां पर समझेंगे मैंने आपको बताया था कि जो यू थर्ड है उसमें हमारे जो फाइनल अकाउंट होते हैं उनके फॉरमेंट गिवन होते हैं तो उस फॉरमेंट के अब आप सबसे पहले यहां पर बैलेंट शीट का फॉरमेंट देखते हैं कि कंप्लीज जब बैलेंट शीट प्रपेयर करती है तो किस format में बनाती है balance sheet, ठीक है, तो balance sheet का format देखो यहाँ पर, सबसे पहले यहाँ पर, पहले column में क्या होता है, particulars होते हैं, जिसमें हम information लिखते हैं, उसके बाद देखो यहाँ पर note number होता है, उसका figure at the end of current accounting period, जो हमारा इस साल है, ठीक है, यह साल है, उसकी जो figures होंगी, जो balances होगे, वो हम यहाँ show करेंगे, उसके बाद figure at the end of previous accounting period, इससे, जो हमारा current period है, उससे जो पिछला previous period था, उसके जो figures होंगे, वो यहाँ पर हम लिखेंगे, अब यह दोनों figures क्यों लिखे जाते हैं, क्योंकि हम compare कर पाएं, कि पिछले साल हम कहाँ पर थे, और अब हम कहाँ पर पहुंचे हैं, हम कितना growth कर पाएं हैं, वो हम comparison कर सके, इसलिए हम दोनों सालों के data यहाँ पर, figures यहाँ पर लिखते हैं, अब एक एक करके हम particular से यहाँ पर देख लेते हैं, सबसे पहले देखो, हमारा यहाँ पर equity and liability शो होता है, आप लोगों को पता है, balance sheet में हम liabilities, जो हमारे equity and liabilities होती हैं, और जो assets होती हैं, उनको हम शो करते हैं, तो पहले equities and liabilities लिखी जाती हैं, उसके अंदर देखो, हमारा shareholder fund होता है, shareholder fund होता है, share application money होती है, और liabilities होती है, तो यहाँ पर सिर्फ हम एक format देखेंगे, इनके बारे में हम आके detail में जो है, पढ़ेंगे, उसके बारे में यहाँ पर एक note number भी है, अब यह किसली होता है, तो यहाँ पर देखो, जो shareholder fund है, जितना भी shareholder fund है, जैसे share capital, reserve and surplus है, तो हम balance sheet में सिर्फ इसका जो total amount होता है, वो है, subscribe capital कितनी है, paid up capital कितनी है, तो वो सारी information अगर हमें देखनी है, तो वो कहां लिखी जाते है, note number 1, मतलब कोई भी यहाँ पर हम information लिखते हैं, तो उसका सिर्फ total amount हम balance sheet में लिखते हैं, क्योंकि summarize form में हमें present करना आता है, और उससे related जो important information होती है, उसके लिए हम एक अलग स form इतना है, तो वो क्या करेगा, यहाँ पर note number 1 में जाएगा, वहाँ उसको जो है सारी की सारी details जो है, वो मिल जाएगा, ठीक है, तो एक एक करके यह जो हमारे particulars होते हैं, इनको हम detail में study करते हैं, ठीक है, detail में देखते हैं, ठीक है, तो यहाँ पर देखो, सबसे पहले हमार हमारा यहाँ पर, उसके अंदरी आ रहा है, तो यहाँ पर देखो, जो equity and liabilities होती हैं, वो company की obligation होती है, वो उन्हें pay करना होता है, तो उसमें सबसे पहले देखो क्या है, shareholder fund, अब shareholder fund क्या है, नाम से पता लग रहा है, जो shareholders है, company के जो owners है, उनके funds को हम यहाँ पर क्या कहते है, 60 crores जो है पैसा, वो किस का है, business के owners का, बिजनस केlessness केaway owner's का claim है 60 crores पर, तो इसे हम यहाँ पर क्या कहते है, shareholder fund, अब shareholder funds में कौन कौन सी चीजे आती हैं, उनके बारे में हम देखते हैं, तो सबसे पहली shareholder होता है, नमदबारं किया था आजाकर 6.27 ये मैं लिखा दूसर पर धिल गोकरणा होंगा चैनल पर आवने के भारत 2 मारा में याsystem और theme वन Panzwar वाउट एंड उस विरदोश उट्प टरेडर होगा लगे हुआ दाया था जो कि in desktop ले के बारे में अजदेरी हमने क्वर्ट कहा � profit जो है company ने एक साल में कमाया है तो company जो company है ये ultimately profit किसका होता shareholder वालो को पर company ये सारा का सारा profit shareholder को नहीं देती उसमें से कुछ हिस्सा अपने पास बचा के रख लीती है ताकि future में जाके अगर हमें funds की जुरूरत पड़े कोई loss हो जाये तो उसको हम यहाँ पर cover कर बें ठीक ह तो ये हमारे reserve and surplus के अंदर आ जाएगा clear है आपको clear है अब ये जो reserve and surplus है वो shareholder का पैसा ही तो होता है आपने देखा कि 50,000 रुपी सारा के सारा shareholder का ही है पर company ने कुछ बचा के अपने पास रख लिया पर ultimately वो पैसा तो shareholder का ही है तो इसलिए हम इसको shareholder fund के अंदर जो है include कर और इसमें जो पैसा होता है उसको हम किसी भी purpose के लिए use कर सकते है रीवैलिउशन रिजर्व देखो ऐसा रिजर्व होता है जब हम assets को अपने assets को फिर से revalued करते हैं market price के according दुबारा से उसकी value calculate करते हैं तो उसमें जो profit वग़रा होता है उसको हम revaluation reserve में जो है transfer करते हैं उस next दो क्या है मनी रिसिवत अगेंस दातीय और हविंद आज निक switching खीला कर सब्सक्राइब कर लो एक फिक्स प्राइस पर इस वॉरट आप आपको खरीदता है तो वह हो फॉर plantation फॉर इस क्वैलेटिंग अपने ऐड तो यहां तक देखो हमने देखा कि यह हमारा है शेयर कोड़क फंड क्या हमारा यहां पर शेयर fund ये इसमें जितना भी पैसा आ जाएगा वो हमारे owners का पैसा होगा उसके बाद next एक हो क्या है share application ये हमारा अभी shareholder funds में include नहीं हुआ है तो basically ये होता क्या है तो मैंने आपको process समझाई थी कि जब हम shares issue करते हैं तो सबसे पहले हम application पे कुछ पैसा मगवा लेते हैं तो उसके बाद जब application आते हैं हमारे पास तब उसके बाद हम shares को allot करते हैं तो यहाँ पर क्या लिखा है कि share application money आ चुकी है पर pending allotment अभी तक हमने उसको आप शेयर को अलॉट नहीं किया ठीक है तो इसमें जो हमारे पास पैसा आया है उसे हम इसके अंडर शो करते हैं ठीक है क्योंकि अभी तक यह शेयर अलॉट नहीं किये गए हैं तो इसको हम शेयर कैपिटल के अंडर शो नहीं करते पर इसको कि तो आया हुआ है तो इसे हमें balance sheet में तो show करना है तो इसे हम क्या करते है share application pending allotment में show करते हैं अब आप सोचोगे कि ऐसा क्यों हुआ क्यों हमें ऐसा अलग से show करना पड़ता है तो कई बार आपको पता है कि हम जो final account है वो year के end में मनाते हैं ठीक है कई बार ऐसा होता है कि हमने share जो है वो year के end में issue किये थे और उस पे application तो आगे पर हमने allotment अगले साल किया है तो उस case में हमने balance sheet तो prepare करनी है तो इसलिए हम इसको इस head के under show कर देते हैं ठीक है उसके बार देखो next हमारा है non current liabilities क्या हमारा है यहाँ पर non current liabilities तो सबसे पहले हम यहाँ पर liability का meaning समझ देते है कि liability क्या है जिससे ऊपर मैंने आपको करवाया था कि equity and liabilities दो है नहीं equity का मतलब shareholder fund liabilities का मतलब होता है बाहर वालों का पैसा जैसे मैंने आपको example दिखा था कि company के मालो hundred crores rupees लगा है तो sixty crore owner का था उसमें से जो forty crore है वो किसका है बाहर वालों का जैसे कि bank से loan लिया हुआ है ठीक है किसी public से debenture issue करके पैसे मंगवाई हुए तो वो क्या है वो owners नहीं है वो company के owners नहीं है पर फिर भी उन्होंने company में पैसा लगाई हुए तो उसको हम यहाँ पर क्या कहते है liabilities ठीक है ये जो पैसा debt वगैरह company ने देना उसको company as a liability treat करते है तो simple वाश्य में shareholder के fund के इलावा जो भी company में पैसा लगा हुआ है वो हमारा क्या होता है यहाँ पर liabilities अब यहाँ पर एक word लगा हुआ non-current liabilities अब ये non-current liability का मतलब क्या हुआ तो जो हमारी liabilities होती है वो दो तरह की होती है एक non-current और एक current current हम आगे पढ़ेगे तो non-current liability का मतलब कोई भी ऐसी liability जिसकी payment company ने one year के period से ज्यादा में करनी है ठीक है माल लो bank से यहाँ पर five year के लिए company ने loan लिया है जिसकी payment उसको five साल के बाद करनी है तो इसकी payment एक साल से ज्यादा में करनी है तो इसे हम यहाँ पर क्या कहते है non-current liabilities कोई भी हमारी यहाँ पर liability और जिसकी payment अगर हमें one year से ज्यादा में करनी है तो उसे हम non-current liabilities treat करते हैं अब इसमें कौन कौन से चीज़े आती है सबसे पहली आती है हमारी long term borrowings long term long term borrowings का मतलब कि company ने जो loan लिया हुआ है जैसे कि bank से लिया हुआ है या फिर उसने debenture issue करके public से loan लिया हुआ है तो उसे हम long term long term borrowing में include करते हैं तो यहाँ पर देखो example हमारी debentures और bank loan यह debentures debenture आप लोगों पता नहीं जब भी public से पैसा issue करना हो तो debenture issue कर देती है company public debenture को purchase करती है और उसके बदले में company को funds मिल जाता है और एक limited time period के बाद यह जो debentures है वो company वो वापस लेके पैसा वापस भी करना होता है ठीक है तो यह generally long term के लिए issue किये जाते हैं तो इसे लिए इसको हम non current liability में include करते हैं ठीक है उसके बाद bank loan मैंने example आपको दी दी उसके बाद देखो कहा है long term provisions अब ये long term provisions क्या होते हैं provision का मतलब पहले मैं आपको समझा दूँ तो यहाँ पर देखो जो companies होती हैं देखें जब उन्हें पता होता है कि future में हमें कोई ये payment बगरा करनी है किसी भी तरह का payment करनी है या future में हमें किसी चीज़ का loss हो सकता है तो companies क्या करते हैं उसके लिए provision create कर लेती हैं वो क्या करती है जो उनको हर साल profit होता है उसका किछ कुछ हिच्चा जो है वो provision में include कर लेती है provision में डाल देती है clear है clear है आपको तो उसी बार हम यहाँ पर कहते हैं provisions अब जैसे long term provisions क्या होते हैं जिसकी payment company को long term में करती है जैसे example के यहाँ पर देखो के graduate provident funds आप लोगों पता है नहीं कि जो employers काम करते हैं employer के अंडर employer को जो company मालो employer है वो company है उनको employers को जब वो retire होंगे उन्हें graduate वगैरा देनी पड़ती है ठीक है उनके provident fund में भी वो जो है पैसा देंगे ठीक है तो इनके ने जो provisional create की जाती है company के द्वारा उन्हें हम यहाँ पर क्या कहते है long term provisional जिनकी payment one year के period से ज़्यादा में करनी होती है उसके बाद देखो next क्या हमारा deferred tax liabilities अब ये deferred tax liabilities क्या होती है तो देखो जो हम accounting करते हैं हम किसके according करते है corporate tax corporate law के according ठीक है companies act के according हम accounting करते हैं ठीक है और उस जो accounting करते हैं हम जो profit कमाते हैं कमाते हैं उसके ऊपर हमें tax pay करना पड़ता income tax तो जो income tax है वो भी हमारी income जो है calculate करता है according to income tax law हम अपनी income calculate कर रहे है according to companies act ठीक है corporate law जो है ठीक है और जो income इनकम ट्रेसबाल इनकम टेक्स आपने जो हमारी इंकम को अलटेंट करने तो बेंईन इंकम ने पूर सासन में उपभोति ने निकरेन रिपृत मैकेशन भवी रूसनान नंसक ट्यूप चेंल निटसर की मैं साथas टीज gesprochen जो बैठे लिए होता तो उसमें डिफरेंस होता difference की आने की वज़े से, अगर हमारी यहाँ पर liability होती है, तो उसे हम यहाँ पर क्या कहते है, deferred tax liability, और यही हमारी asset भी बनती है, उसके बारे में हम आगे पढ़ेंगे, तो अगर income tax law और corporate tax law की वज़े से किसी भी तरह से difference आता है हमारे income में, जिसकी वज़े से हमारी income tax की liability वो increase होती है, तो उस case में हम deferred tax liability में इसके अंडर show करते हैं, अगर हमारी liability increase होती है, ठीक है, उसके बारे में next क्या है, other long term liability, अब यह other long term liability क्या होती है, तो इन्हें में जो liability नहीं है, यह वो बाकी की liability हम इसमें show करते हैं, मतलब यहाँ पर example भी है, machinery purchase on installment, आपने एक machinery purchase की है, तो आपने कहा कि हर साल मैं इसकी जो installment pay करता रहूंगा, मालव आपने 5 लाग की machinery pay की है, तो इसकी payment आपने कहा है, हर साल मैं एक लाग के पर दूँगा, payment आपने कब करनी है, 5 साल तक इसकी payment करनी है, तो इसकी liability आप एक साल से ज़्यादा में कर रहे हो, तो इसे हम क्या कहते हैं, other long term liability, अब इसको आप borrowing नहीं मानो, बॉर्रूविंग में जो हम borrowing की बात करते हैं, उसमें सिर्फ हम loan की बात करते हैं, जो हम loan लेते हैं, पर उसके इलावा भी अगर हमने कोई installment वगैरा पर purchase किया है, तो वो हमारे other long term liability में आएंगी, clear है आपको, clear है, यहां तक clear, यहां तक clear है, तो फ़ड़ा फ़ड़ से एक बारी chat box में मुझे बता दीजिये, next हम current liability के बारे में पढ़ते हैं, फ़ड़ा फ़ड़ से एक बारी chat box में बता दीजिये, क्या आपको यहां तक clear, फ़ड़ा फ़ड़ से एक बारी chat box में बता दीजिये, क्या आपको non-current liabilities तक clear ओके तो next हमारा यहाँ पर देखो क्या है current liabilities अब यह current liabilities क्या होती है इसके बारे में हम पढ़ लेते हैं तो current liabilities कोई वे ऐसी liability जिसकी payment हमें one year के period में करनी होती है तो उसे हम यहाँ पर क्या आपको बताता हूँ कि अगर कोई liability तो उसकी वजह से अगर liability increase हुई है तो उसे हम यहाँ पर क्या करते हैं current liabilities तो पहली condition है कि one year के period में वो pay off हो जाए या फिर अगर यह condition ही है तो दूसरी ही है कि वो trade जो हम business करते हैं उसकी वजह से create होनी चाहिए तो उसमें कौन-कौन सी चीज़े इनिकलूड होती है सबसे पहले short term borrows जो आप short term loan लेते हो banks से उसे हम include करते हैं current liabilities जैसे example देखो working capital loans working capital loans क्या होता है जब हम अपने business की day to day activities को करने के लिए banks से loan लेते हैं और इन loans की जो payment है वो generally हम one year के period के अंदर-अंदर में कर देते हैं उसके बाद bank overdraft है अगर हमें कोई bank overdraft मिलता है तो उसकी भी payment हम जल्दी ही कर देते हैं तो वो हमारी क्या है short term borrows clear है आपको उसके बाद next हमारा क्या है वो trade payables अब trade payables क्या है trade payables दो words में है trade एक तो business उसकी बाद payables है मतलब कि business की बजासे से जो हम pay करने वाले है उसे हम यहाँ पर कैकरते हैं trade payables तो अगर यह trade payables क्या होता है तो like this business which we are going to pay, we say trade payables भी जर्नल जब हम घृणित है तो हम शुरू है और अगर हमने खरीदा है तो यहां पर देखो हमने आज अकादिटा ने पेमेंट है तो इस पर आपको पेमेंट करनी है तो वह नियुक्त यह क्रेडिटर और बिल्ड एवल जरूर दोनों को ऐड कर देता है तो हमारा है और के बन जाता अब यह क्रैडीटर कर देवा होते मैं तो इसको एक एग्जांपल के मैं साथ आपको समझाऊंगा तो यहां पर देखो पर्सन ए है एक पर्सन बी है तो एक पर्सन यहां पर क्या किया का पूर्ट टेक्टिव फॉर्स के गुड्स यहां पर डीम पर्सन से खरीद लिया आ पर क्रीम लिया और इसकी जो पहले तुझे � el-team Qian अगोड कर दूं ठीक है तो यहां पर यहां पर जो एंटर परसेस ने वह अपनी बुक्सकॉन्ट मैं इस बी को ट्रेसीट है घृष्ठ सामने विडियल झाल अपनी नियुक्तवी करें सब्सक्राइब करें ज़हां पर चलिए उज्ञान प्रॉब्लमों में पूर्व मंत्रमbildung आप मुझे return में लिखे दो, कि आप मुझे जो है, तीन महिनों वाद payment कर दोगे, तो B ने क्या किया न, एक bin बनाया, यहाँ पे एक document बनाया, जिसमें पूरी detail दिदी, कि A person ने 50,000 की goods खरीदी है, और उसने कहा है, कि तीन महिने के बाद, वो मुझे payment कर देगा, और यह document भीज दिया A person को, कि तू भाई इसको accept कर ले, ताकि मुझे भरोसा सा हो जाए, कि आप payment मुझे कर दोगे, तो इसने इसको accept भी कर दिया, तीके तो अब यह जो B person है न, यह जो B person है, वो special creditor बन गया, है तो creditor ही है, पर वो special creditor हो गया, जिसको हम यहाँ पर क्या कहते है, bills payable, क्या कहते है, इसको हम यहाँ पर bills payable, clear है, ठीक है, जो हमने goods खरीदे हैं, उसके बदले में जो हमने bills pay करने है, उससे हम क्या कहते है, bills payable, तो trade payable हम इन दो चीजों को include करते हैं, ठीक है, उसके बदले में नेक्स्ट एक वो हमारे गाइश, short term provisions, तो provisions बिल्कुल same है, ठीक है, बस यह difference ही है, कि ऐसे provisions होगी, जो कि हमें one year के period के अंदर अंदर में ही कर देने, जैसे कि provision for tax, tax के लिए हमने कोई provision create की थी, tax आपको पता है, तो यह आपको पता है, तो ना तो इसको आप government माँ सकते हो, कि आपने loan लिया है, ना ही आपको यह creditor bills payable माँ सकते हो, ठीक है, ना ही यह provision है, तो उसको हम कहां लेंगे, other current liabilities, तो उसको हम कहां पर लेंगे, other current liabilities में, तो यह हमारा था, यहाँ पर, liabilities का portion, ठीक है, हमने देख लिया कि equity and liabilities में, balance sheet के अंदर कौन-कौन सी चीज़े आती हैं, उसके बाद next देखो क्या है, assets, assets क्या होती, ठीक है, पहले हम assets का meaning समझ लेते हैं, कि assets क्या होती हैं, तो यहाँ पर देखो, assets वो economic resources होते हैं, properties होते हैं, जो कि company ने own की होती है, और जिसका benefit, उनको future में मिलना होता है, मतलब कहने का, कोई भी ऐसा economic resource, जिसका benefit, company को future में मिलना है, वो उसे हम क्या करते हैं, assets, जिसे example कि आपके पास cash पड़ा हुआ है, cash पड़ा हुआ है, तो cash को आप future में use करोगे, तो वो क्या हमारे लिए एक asset होता है, clear आपको, अब जो assets होती हैं, वो भी generally हमारी दो types की होती हैं, एक हमारी non-current assets, और एक हमारी होती है current assets, तो non-current assets के बारे में, सबसे पहले हम यहाँ पर पढ़ते हैं, तो यह नॉन करंट एसेट्स है, तो देखो non-current assets, ऐसी assets होती है, जिसको हमने, जिसका हमें business करने के लिए हमने purchase नहीं किया, इसको खरीदने का हमारा purpose, इसको resale करने का नहीं है, एक जापल थी, एक जापल कि आपने यहाँ पर एक machinery खरीदी है, आपने एक machinery खरीदी है, आपका business है यहाँ पर, आप car बना के market में बेचते हो, और car को manufacture करने के लिए आपने यहाँ पर एक machinery खरीदी है, तो इस machinery को खरीदने का आपका purpose क्या है, कि इस machinery को खरीदू, और इससे मैं car बना-बना के market में बेचू, तो इसको आपने trade purpose के लिए नहीं खरीदा, trade करने के लिए नहीं खरीदा, ठीक है, और इसको आप resale भी नहीं करना जाते है, आपका purpose इसको resale करने का नहीं है, तो इसको हम यहाँ पर क्या कहते है non-current asset, और दूसरी condition, ठीक है, अभी देखो मैं आपको गिना रहा हूँ कि कौन benefit आपको एक साल से ज़ादा में मिलेगा, तो उसे हम क्या कहते है non-current asset, जैसे यहाँ पर आपने machinery purchase की है, तो यह machinery ऐसी है कि आपको आने वाले 10 साल तक काम दे, तो इसका benefit आपको 10 सालों तक मिलेगा, एक साल से ज़ादा में, तो इसे हम यहाँ पर क्या categorize करेंगे non-current assets, ठीक है, वह हमारी company के पास कुछ properties होती है, ठीक है, land building वगैरा, ठीक है, वह economic resources होते है, उसे हम fixed assets कहते हैं, उसमें कौन सी चीज़ आती है, सबसे पहले यह tangible assets, अब यह tangible assets क्या होते है, वह ऐसी assets, ऐसी properties company की, जिसकी physical existence होती है, जिसकी हम touch कर सकते है, feel कर सकते है, ठीक है, जिससे हम पास है, पर उनकी physical existence नहीं है, हम उसको देख नहीं सकते, उसे हम touch नहीं कर सकते, feel नहीं कर सकते, उसे हम क्या कहते है, intangible assets, ठीक है, example, goodwill, trademark, अब देखो किसी company की, अगर goodwill अच्छी है, market में goodwill अच्छी है, तो उसके product बहुत बिकेंगे, और high price पर वो बना, तब भी खरी� हमने करवा ले, तो वो चीज है, हमारे पास है, तो हम अपने price पर उसको बेचे हैं, तो उससे benefit मिल रहा है, तो वो ही हमारी intangible assets है, उसके बाद next देखो क्या है, capital work in progress, यह हमने देख ले, tangible assets और intangible assets, उसके बाद देखो, capital work in progress, यह related होता है हमारा tangible assets के साथ, तो कई बार क् हम जो books of account prepare करते हैं, वो यहाँ पर one year के period के लिए करते हैं, तो जैसे ही हमारा one year period खतम हुआ, तो possibilities है कि जो हमारे building है, उसका कुछ हिस्सा बन गया हो, और कुछ हिस्सा ना बना, तो वो जो कुछ हिस्सा बन गया है, उस साल में मान लो, एक building जी जिसका 40% complete हो गया है, और 60% आपको एक capital work in progress, अगर वो tangible assets साल के end में आधी अधूरी है, तो उसे हम capital work in progress में शोव करते हैं, उसको लोगों कहें, intangible assets under development, मैंने बिलकुल सेम बात, अगर intangible assets हैं, तो उनको भी बलने में time लगता है, तो accounting period खतम होते समय, अगर कोई हमारी intangible assets थी, उसको हम इस head के under शो और next एको क्या है हमारा यहाँ पर, non-current investment, अब देखो company जो है investment भी तो करते हैं, कई बार company के पास funds available होते हैं, funds को वो free नहीं रखना लगते हैं, वो क्या करते हैं, company के shares वग़रा खरीद लेते हैं, दूसरी company के ventures वग़रा खरीद लेते हैं, investment कर लेते हैं, तो यहाँ पर दे तो यहाँ पर क्या करते हैं, non-current investment, clear है आपको, जिसे example के आपने किसी company के 5 साल वाले venture बाय कर दे, तो उसको redeem कब होगे 5 साल के बाद, ठीक है, तो इसका benefit आपको एक साल से ज़्यादा में मिलेगा, आपको इसके interest वग़रा मिला करेगा, तो यह हमारी क्या होगी, non-current asset, next एक एक साल से ज़्यादा में मिलेगा, तो वो हमारा नीचे क्या होती है, non-current asset होती है, क्या होती है हमारी यहाँ पर non-current asset, next एक वो गए, deferred tax asset, तो इसका meaning मैंने आपको बताया हुआ था, कि कई बार जो difference होता है, ठीक है, वो law की बज़े से हमारी जो है, यहाँ पर liability कम भी हो ज है, बाकि कि कहा शोगी यहाँ पर other non-current assets है, clear है, उसके बार देखो क्या है current assets, next हमारा देखो यहाँ पर क्या है current assets, तो फ़ड़ा पर से एक बार चैट बॉक्स में ज़रूर बता दिज़े, क्या आपको non-current assets का meaning clear है, okay next देखो क्या है current assets, अब यह current assets क्या होती है, तो इसकी � है कि कोई ऐसी asset जिसको हमने trade purpose के लिए खरीदा है, यानि कि हम उसका trade करना चाहते हैं, उसको हम resale करना चाहते हैं, तो वो हमारी क्या होती है यहाँ पर current assets, जैसे example कि आप car खरीदते हो, market में उसको बेजते हो, उसको profit कमाते हो, तो यह car क्या होगी, आपके लिए current assets होगी, � current assets, अब इसमें कौन कौन से चीज़े include होती हैं, सबसे पहले current investment, अब जो investment हैं, कई बार short term के लिए भी करते हैं, जिसको हमने generally one year के period में ही बेजबूच के पैसा पुसा कमा देना है, यहाँ पर देखो एक example, money market mutual funds, यह short term के लिए होती है, short term securities, वो हमारी कहा थी, current investment में आती ह है, अगर आपने बेजबूच बनाया है, साल के एंड में इसका कुछ stock आपके पास बच जाए, मालो आपने 100 बनाये थे, 90 बेज़े 10 आपके पास बच गए, तो उसे हम यहाँ पर क्या कहते हैं, inventory, क्या कहते हैं हम इसको, inventory, अब inventory में कौन कौन सी चीज़े आती हैं, सबसे � आते थे, बेचने के लिए ready थे, पर 10 बच गए, वो हमारा क्या है, 10 जो बच गए, वो क्या है, finish good, clear है क्या है, finish good, उसके बाद work in progress, अब देखो कुछ cars ऐसे भी होंगी, जो कि accounting period के खतम होने तक आधी बन चुकी होंगी, और आधी नहीं बन यूगी, पर ये भी हमारा एक stock receivable हमारा बिल्कुल same है, trade table के, trade table जो हमने पढ़ा था, तो हमने पढ़ा था न, कि अगर उधार का समान करीदे, ऐसे हम उधार पर समान बेच भी तो सकते हैं न, अब जब हम उधार पर समान बेचते हैं, तो जिस person को बेचते हैं, उसे हम क्या कहते हैं, debtors, ठीक है, और अग cash and cash equivalent, ठीक है, cash and cash equivalent, अब यहाँ पर cash and cash equivalent, cash का मतलब तो आप लोगों को पता है, जो पैसा हमारे बास hand में पढ़ा हुआ है, हमारे बास इस वक पढ़ा हुआ है, उस पर देखो, cash equivalent क्या था, कुछ ऐसे चीजे भी होती हैं, जो की cash के बिल्कुल equal होते हैं, जैसे की bank balance, अब देखो, next हमारा other current assets, उसके बाद last में, अगर कोई और हमारी current assets है, तो उसको हम यहाँ पर other current assets में show कर देते हैं, तीक है, other current assets में show कर देते हैं, clear है आपको, तो यहाँ तक हमने balance sheet का detail format जो है देख लिया है, तो उपर एक बार हम यहाँ पर देख लेते हैं, यह हमारा format था, द देख लेते हैं, शो करते हैं, उसके बाद share application pending allotment होता है, उसके बाद non current liabilities, और उसके अंदर फिर में हम जो है long term borrowings, long term provisions को show करते हैं, उसके बाद ऐसे ही हमारी current liabilities, उसके अंदर और जो हमारे आते हैं उसको हम यहाँ पर show करते हैं, ऐसे ही हम assets को भी show करते हैं, तो एक specified format ह तो यहाँ पर मैं आपको बता दू, partnership firm की case में हम जब profit and loss calculate करते हैं, तो उसके लिए हम एक trading account of profit and loss account बनाना पड़ता है, पर companies act एक under, companies के लिए एक specified format है जिसमें वो बनाएंगे, और उसको हम कोई account नहीं कहते, उसको हम क्या कहते, statement of profit and loss, क्या कहते हैं हम इसको statement of profit and loss, तो basically यह statement क्या होती है, ऐसे statement होती है, जो कि company के, जो company ने कितना profit कमाया उसके बारे में हमें इससे पता लगते हैं, clear है आपको, balance sheet से financial position के बारे में, और यहाँ पर जो हमारा statement of profit and loss है, उससे हमें उसकी income potential के बारे में पता लगता है कि वो कितना profit कमा लगती है, तो फ पर से बता दीजाएं यहाँ पर एक बार चेर बॉक्स में, तो यहाँ पर देखो, statement of profit and loss is a stat

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Yogesh Verma 3 weeks ago

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