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RATIO ANALYSIS PART III — a Bank Promotions accounting in depth video lecture on Learning Sessions.
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तो इसी के साथ शुरू करते हमारा topic आज का ratio analysis, ratio analysis क्या होता है, तो इसको हम एक example के साथ समझेंगे, तो यहाँ पर देखो एक company है A limited, जिसमें जो है मैं यहाँ पर investment करना चाहता हूँ, और मुझे अभी इसके company के बारे में ज़्यादा कुछ knowledge नहीं है, कि यह company कैसे काम करती है एक, कि जहाँ पर हम अपना पैसा investment कर रहे हैं, वो पैसा जो हमने invest किया है, वो safe रहे, वो पैसा डूबे नहीं, तो उसके लिए हमें क्या होता है, किसी ऐसे organization में investment करनी होती है, जिसकी financial health ठीक होती है, ठीक है, तो यहाँ पर अगर मैं इस organization में investment करना चाहता हूँ, तो पहल पैसा invest किया है, उस पे मुझे जो है maximum return मिले, ठीक है, मुझे जादा जो है interest मिले, मेरे को जादा कमाई हो, तो उसके लिए मैं क्या करूँगा, यहाँ पर company की profitability चेक करूँगा, क्या चेक करूँगा, यहाँ पर profitability यहाँ पर चेक करूँगा, ठीक है, तो यहाँ पर देखो, maximum return भी आए, ठीक है, तो अब यह दो चीज़े जो है organization की, मैं कैसे पता कर सकता हूँ, इसकी financial statement को study करके, ठीक है, इस दो चीज़ों को अगर मुझे पता करना है कि यह organization मेरे लिए अच्छी है, investment के लिए कि नहीं, तो मुझे इसकी financial statement को study करके, उसको analyze करना पड़ेगा, ठीक है, इसको हम क्या कहते है, ratio analysis, मतलब कि ratio analysis एक ऐसी technique होती है, method होती है, जिसकी help से हम जो है किसी भी organization की financial statement को जो है यहाँ पर study करते हैं, analyze करते हैं, और उसके base पे जो है हम किसी organization की profitability और उसकी financial health के बारे में यहाँ पर पता लगाते हैं, उसकी efficiency के बारे में पता लगाते हैं, � इस example के लिए बता दूं कि आपको अगर किसी organization की profitability चेक करनी है, तो उसके लिए हम क्या करते हैं, profitability ratios calculate करते हैं, और उसकी help से जो है हम comparison करते हैं, और उससे जो है हम result find out करते हैं, कि company की profitability कैसे है, और अगर हमें किसी organization के यहाँ पर financial health के बारे में पता करना है, तो उसके लिए ह ratio is the comparison of two or more financial data which are used to analyzing the financial statement of companies, देखो accounting जो हमारा ratio analysis है उसमें मैंने आपको बताया कि हम ratios calculate करते हैं, उस ratios को हम यहाँ पर क्या कहते हैं, accounting ratio, जो ratios accounting से related हैं, उसको हम accounting ratio कहते हैं, और यह हम calculate कैसे करते हैं, दो accounting data, two or more financial data को आपस में हम comparison करके, उसकी help से जो है इस ratio को हम calculate कहते हैं, example का की वन है कि कंपनी की और उसके लिए यहां पर इन बोलटons टो सब्सक्राइब रहेंगे ठीक है यह हमारा अपाउंटिंग रेशो का मीनिंग उसके बाद देखो नेक्स्ट अब नेक्स्ट क्या हमारा कि अब जो यह रेशो होती है जो हम कैलकुलेट करते हैं उसको यूज कौन-कौन करता है यहां पर देखो सबसे पहले शेयर सेट 0815 organ के विषयोर से लगाया अगर अच्छा है तो सब्सक्राइब करते हैं हम प्रशी कि है उसके लिए फ्रा म्जल्बी का यूज को ट देखो जो creditors होते हैं, जो creditors, जिन्नोंने company को यहाँ पर कोई loan वगैरा दिया होता है, ठीक है, जिन्नोंने goods जो है यहाँ पर उधार पर बेची होती है company को, ठीक है, वो भी इसका use करते हैं, ताकि वो यह ensure कर पाए, कि उन्होंने जो पैसा company पे लगाया हुआ है, जो company को यहा और loan की repayment भी कर पाएगी, ठीक है, उसके बाद देखो क्या है, all kinds of stakeholders, अब देखो stakeholders क्या होते हैं, इसको आपने shareholder नहीं माना है, stakeholders क्या होते हैं, जिनका company में interest होते हैं, मतलब उन्होंने company के shares नहीं buy किये होते हैं, फिर भी company की performance का उनके उपर impact पड़ता है, ठीक है, उसको ह तो company का performance पर, company की performance उसका impact पड़ रहा है, bank पे, ठीक है, चाहे उसने shares buy किये हुए हैं, चाहे नहीं किये हुए हैं, तो इसको हम क्या कहते हैं, stakeholders, तो यहाँ पर जितने भी हमारे stakeholders होते हैं, वो भी जो है ratios का use करते हैं, company की performance को judge करने के, clear है आपको, clear है, उसके बाद देखो next तो उसके लिए हम उसको classification उसकी देखते हैं, कि हम ratios को कैसे classify कर सकते हैं, तो यहाँ पर हम ratios को broadly three parts में जो है divide कर सकते हैं, classify कर सकते हैं, तो पहला हमारे यहाँ पर देखो क्या आता solvency ratio, तो सबसे बहले मैं आपको बता दूं कि solvency ratio का use क्या होता है, तो देखो जब भी किसी solvency check करते हैं, कि वो solvent है या फिर insolvent है, अब इसका मतलब देखो क्या होता है, तो यहाँ पर सब मैं आपको बता दूं, जब भी कोई company या person अपने debts को easily pay off कर देती है, मतलब जब debt को repayment की time था, उस time पर वो easily अपने debt को pay कर देती है, capable है, उसको हम क्या कहेंगे company solvent है, और अ� ठीक है, company है, इसने 100 लाक रुपीज का यहाँ पर loan लिया हुआ था, ठीक है, और यहाँ पर 5 years के बाद इसकी payment करने थी, इसकी 5 years के बाद payment करने थी, पाँश सालों के बाद जब payment करने के बारी आई, तो company के बाद sufficient funds ही नहीं थे, वो जो है इस loan को repayment कर ही नहीं पाया, उसके और अगर ये जो company है वो timely मतलब कि 5 सालों के बाद अगर loan की repayment का time आ गया है और इसके बाद इतने funds है मालो इसके बाद 200 lakh rupees funds है ठीक है जिसमें से ये 100 lakh rupees का use करके जो है ये loan की repayment कर दी इसने तो इसको हम क्या मानेंगे यहाँ पर ये company जो है solvent है तो solvency ratio का use करके हम यही चक करते हैं कि company solvent है या फर insolvent है अगर यहाँ पर company insolvent होती है तो हम वहाँ investment नहीं करते हैं क्योंकि वो तो पहले ही अपने debts को pay off नहीं कर पा रहा है तो वो हमारे पैसे कैसे लोटाएगा और अगर कोई company solvent है तो हम उसमें जो है investment कर सकते हैं clear है आपको यह हमारा the solvency ratio उसके बाद देखो next हमारा यह कौन सा profitability ratio अब यहाँ पर हमारा profitability ratio क्या होता है तो यहाँ पर देखो नाम से पता लग रहा है profit ठीक है तो profitability ratio से हम यह पता रखते हैं कि जो company उसकी performance कैसी है वो कित बताया था एक तो था कि आपका पैसा जो है insure रहे ठीक रहे safe रहे उसके लिए आप solvency ratio चेक करो उसके बाद बोला था कि return कितनी है मजबूर आप जो पैसा invest करोगे उससे maximum जो है यहाँ पर आपको return मिलने चाहिए तो उसके लिए आप profitability ratio चेक करोगे यह company की profitability कैसी है यह कि ratio क्या होता है तो सबसे पहले देखो activity का मतलब मैं आपको clear करवा दूं कि यहाँ पर activity का मतलब क्या होता है तो यहाँ पर देखो profitability ratios की help से हमने यह पता किया कि company profit कितना कमा रही है और आप तो पता है कंपनी फ्रेी कव मत जब वह तो रिजल्ट होता है किए किस रिजल्ट अ� Чтоा अक्टिविटी है resource जरूर करेंगे असहार असहार हम अख्या क्वार्ट लगा तो क्विड कोर्फ़ट होगा जो मैं कंपनी a country की करें इसका मतलब कि जब भी हमें किसी organization की efficiency check करनी हो मतलब कि वो कितनी efficiently अपना काम कर रही है तब जो है हम activity ratio का use करते हैं क्योंकि अगर company efficiently काम करेगी तो उसका profit increase होगा अगर वो efficiently काम नहीं करेगी तो उसका profit जो है decrease होगा ठीक है तो यहाँ पर profitability ratio के सासत हमें activity ratios को भी ध्यान म efficiency के ऊपर ही depend है तो activity ratio से हम किसी organization की efficiency को check कर सकते हैं तो broadly हमने यहाँ पर three parts में जो है divide किया था अब एक एक करके एक एक करके हम जो है इन ratios को deeply study करेंगे कि यह ratios है क्या ठीक है और उसमें कौन कौन सी हमारी ratios जो है important है और हम इसे use कैसे करते हैं clear है तो यहाँ पर सबसे पहले � PF topic की होती है शुद्द को मिलेगी कभी ratio की있 legislative shambles शुन्द के लिए है कि क्या company के पास sufficient funds है जिससे वो अपने debt obligations को पूरा कर पाए उसकी due date पे जब उन्हें debt की payment करनी है ठीक है तब क्या उस debt की वो payment कर पा रही है कि नहीं कर पा रही है वो check करने के लिए हम जो है solvency ratio का use करते हैं ultimately हम solvency और इन solvency को चेक करते हैं ठीक है उसके बाद देखो क्या है हमारा solvency ratio आफ लून रिश्व सोल्वेंसी रेशों को हम जो है लीवरे ट्यूब भी कहते हैं ठीक है तो अगर आपको कहीं लीवरेट रेशों लिखा जाए तो आपने मान लेना है की वो क्या है हमारा solvency ratio है। क्या हमारा solvency ratio है। उसके बाद next попроб �bne-fire- gezis 43 hcep-aran С Shark Taribe हमारे यहाँ पर क्या है classification of solvency ratio, sow vanished ratio को भी बार शुरू में divide दिए हैं, हुए इसके में Pad captured saloon और शौर्ट-रेंट में Austeria करेंगे शौर्ट-रेंटom हम अपनी Chapter शौ्र्ट-रेंटे को आने यहां पर जेसा कि ग्राम से पता लग रहा है कि हम जो है शौट-रेंट टाइम में जो है कंपनी की सॉल्वेंसी चेक करना पर चेक करना चाहते हैं एग्जांपल कि आपको बताओ जब हमने बैलेंस किया था तो हमने देखा था कि दो तरह के कंपनी डेट लेते एक होता है लॉन्ग टम डेट ठीक है यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां पर यहां प नहीं कर पा रही है O joy अपनी हाथ के आ legitimately आधी बनाती कर पा कि अगर कोई कमपनी यहां पर अपने short term debts को pay नहीं करती है ठीक है उसके पास इतने resources ही नहीं है तो उसको हम कहेंगे कि वो short term के लिए insolvent है और अगर वो pay off कर पा रही है ठीक है debt को easily pay कर पा रही है तो उसको हम कहेंगे कि यह short term के लिए solvent company है clear आपको अब यहाँ पर देखो short term उसके बाद देखो next हमारा यहाँ पर क्या था long term अब long term solvency मतलब कि हम जब company की long term में solvency चेक करना परते है चेक करना चाहते हैं जिसे हमने बात की न long term हमारी long term debts भी होते है company long term debt भी लेते है जैसे debenture, bank long term borrowings तो यहाँ पर जब हम company की long term solvency को चेक करते हैं तो हम यह देखते हैं कि क्या company long run में जो उसको long term जो debts है उसके उसको वो easily pay off कर पा रही है कि नहीं कर पा रही है अगर वो company अपने debts जो long term debt है जब हम long term solvency के बात करेंगे तो हमेशा हम जो है long term debt की consider करेंगे और जब हम short term solvency के बात करेंगे तो हम short term debt को consider करेंगे तो आगे जब हम questions भी करेंगे तो आपको यह चीज़ का ध्यान रखना है तो यहाँ पर long term solvency का मतलब हमारा यह है कि जो भी हमारा company के long term debt है क्या company उसको easily pay off कर पा रही है उसकी due date पर या फिर नहीं है अगर कोई company अपनी long term debt को easily pay off नहीं कर पा रही है तो वो long term के लिए insolvent है और अगर वो easily pay off कर पा रही है तो वो हमारी क्या है यहाँ पर long term के लिए solvent company है तो यहाँ पर अगर आपको long term की check करने तो आप क्या करो long term solvency ratio का use करो और अगर आपको यहाँ पर short term solvency चेक करनी है, तो आप जो है यहाँ पर short term solvency ratio का use करो, तो हमारी जो solvency ratio अब वो दो तरीके की होती है, उसके बाद देखो हमारे short term solvency ratio, ठीक है, अब एक एक करके हम उसको detail में study करते हैं, एक overview से तो हमने ले लिया कि short term solvency ratio क्या होते है, और long term solvency ratio क्या होती है, ठीक है, तो short term solvency ratio का meaning मैंने आपको clear करवा दिया है, ठीक है, तो यहाँ पर देखो, liquidity ratio, ठीक है, जो short term हमारे ratios होते हैं, उसको आप liquidity ratio भी कह सकते हो, आपको कई जगों पे जो है, इसका नाम जो है liquidity ratio भी लिखा आ सकता है, तो आपको confused नहीं होना है, short term solvency ratio को ही हम जो है, यहाँ पर liquidity ratio भी कहते हैं, ठीक है, तो liquidity ratio helps in measuring the sufficiency of an enterprise to pay off its short term liabilities, इसकी help से हम किसी organization की यह capacity check करते हैं, कि वो अपने short term liabilities, यानि कि short term debts को easily pay off कर पा रही है, कि नहीं कर पा रही है, वो हम यहाँ पर check करते हैं, ठीक है, उसके बाद देखो क्या है, a high liquidity ratio ensures the company is in a good position to pay its creditor, मतलब कि अगर किसी company की जो liquidity ratio है, वो high होती है, ठीक है, तो हम मानते हैं कि company जो है, कि position, short term position जो अच्छी है, वो अपने debts को easily pay off कर पा रही है, तो अगर किसी organization की यहाँ पर जो liquidity ratio है, वो high होता है, हम उसमें investment कर सकते हैं, ठीक है, उसके बाद next देखो हमारे यहाँ पर cash, types of short term solvency ratio, अब हमारी कौन-कौन सी यहाँ पर types होती है, कौन-कौन सी ratios include होती है, हमारी short term solvency ratio में, या फिर liquidity ratio में, तो पहली हमारी क्या है, यहाँ पर current ratio, ठीक है, जिसको हम calculate कैसे करते है, current asset divided by current liabilities, इसमें हम यह देखते हैं कि जो हमारी current liabilities है, उसके अगेंश्ट हमारे पास current assets कितनी बड़ी है, ठीक है, उसके बाद देखो, next हमारा क्या है, Q-Ratio, Q-Ratio हम कैसे calculate करते हैं, Q-Assets divided by current liabilities, ठीक है, तो एक-एक करके हम जो है, यहाँ पर, जो हमारी terms है, current assets, current liabilities, Q-Assets और current liabilities, इसको हम यहाँ पर detailed में स्टर्डी कर लेते हैं, इसको हम यहाँ पर, ठीक है और एक हमारी यहाँ पर क्या होती है current assets, non current assets ऐसी होती है जिनका benefit हमें जो है future में आने वाले कई सालों तक मिलना है, मतलब एक year से, मतलब एक accounting period से ज़्यादा समय के लिए मिलना है, जैसे machinery, building, जिसका benefit हमें जो है 5-10 सालों में जो है मिलता है, वो हमारी क्या होती है non current assets, current assets, जैसे कि example के लिए cash हो गया हमारा, या फिर inventory जो हमारे पर stock पड़ा, क्योंकि हम उसको बनाते हैं, उसी के साथ बेच के उसको cash में convert कर लेते हैं, इसी के साथ जो debtors हैं, उनको भी जो है generally, जो debtors हैं में पैसे लेने होते हैं, हम जो है one year के period में ही उनसे पैसे जो है ले ल है। यहाँ पर कृविक पैसे को मुझे यहां पर क्रेडा से ज्यादा में गर दिया है कि अधिक चल्दम वं �uzu6 वे उपयोगिटी हैं, वह दो सभी को समय पहले यह पैम फिर एक सामन के पीड़ो से दिखिए वह one year को स्थिति लें और जो हमारी growth लें वेवा तो उनके उनको हम टो हम जो है पेमेंट जैनली वन हीडीवर की पीरीड में ही कर देते हैं क्या कर erase में 623 माइन है तो यह हमारी सब्सक्राइब करें इंटर यहां पर कैलकुलेट करेंगे-इंटर में smaller तो यहाँ पर देखो, उसके बाद next देखो हमारा यहाँ पर क्यूक assets, अब क्यूक assets क्या होती हैं, तो आपको बता दूं कि जो हमारी current assets होती हैं, उस में से ही कुछ assets हमारी क्यूक assets होती हैं, मतलब कुछ assets को छोड़ के बाकि सभी assets हमारी current assets क्यूक assets ही होती हैं, ठीक है, जैसे कम कोई वी ऐसी अक्सर थी कि कोई भी ऐसी क हसर जिसको हमने क्वेश्चन होगी अगली दिलू है कि हमारा परेड़ीव कम होता है जिसको हमने सब कुछ उदहार पर सम्मान बेचा हूं और इससे हमें सिर्फ पैसे रिसीव करने मतलब कि नेक्स्ट इल में इससे हमें कैश रिसीव करने है तो यह हमारे लिए क्या होता है यहां पर क्योंकि ऐसे ठीक है क्या होता है हमारा यहां पर क्योंकि ऐसे क्योंकि हम इसको नेक्स्ट में जो है कैस में कंवर्ड करने ऐसे ही ऐसे ही जो हमारी मार्केटेबल सेक्योरिटी होती है जो मार्केटेबल सेक्योरिटी होती है ऐसी सेक्योरिटी होती है जिनको हम आसानी से जो है बेचकर कैस जो है ले सकते हैं तो marketable securities को भी next deal में, next deal में cash में convert कर लेते हैं, तो यह भी हमारी क्या होती है, यहाँ पर quick asset, इसका मतलब क्या हुआ, ऐसी current asset, जिसको हम next deal में cash में convert कर लेते हैं, उसको हम यहाँ पर क्या कहते हैं, quick asset, अब quick asset, अब यहाँ पर कौन-कौन से asset ऐसी होती है, जिसको हम quick asset नहीं कहत एक हमारी यहाँ पर क्या होती है, pre-paid expense और एक हमारी होती है inventory, यह दो assets को छोड़ के, यह दो assets को छोड़ के, बाकि सभी, बाकि जितनी भी हमारी current asset है, debtor, हमारे trade receivers, या फिर जो भी marketable securities है, उनको हम यहाँ पर quick assets कहते हैं, इसका मतलब क्या हुआ, जब भी आपके पास assets हो और � expense, और यहाँ पर जो हमारी inventory है, उसको आपको minus कर देना है, तो वो आपकी यहाँ पर क्या आजाएगी, quick assets, यह आपकी क्या आजाएगी यहाँ पर quick assets, तो यह ऐसे जो हम quick assets को calculate कर सकते हैं, ठीक है, अब आपके दिमाग में आएगा कि इन दोनों को हम जो है, क्यों नहीं quick assets की आपके पास एक employee ने जो है 10 months काम किया, पर आपने जो है इसको 12 months की जो है salary pay कर दी, तो यह जो 2 महिने की salary, जो आपने extra pay की है, जो कि आपको future में करनी थी, इसे को हम यहाँ पर क्या करते हैं, pre-paid expense, अब आप आप एक चीज़ देखोगे, यह जो pre-paid expense है, ठीक है, क्या यह future म तो इसलिए हम इसको include नहीं करते हैं, अब inventory को क्यों नहीं करते हैं, देखो inventory में सबसे पहले ही तो हमें यह नहीं पता कि stock किसका है, अगर raw material का है, तो पहली आप उसको raw material से finish product में बनाओगे, उसके बाद उसको आप sale करोगे, अब sale में भी यह नहीं पता कि आप credit पे करोग नहीं पता है, और credit पे बिकेगा या फिर cash पे बिकेगा वो भी नहीं पता है, तो इसलिए हम जो इसको quick asset की category में डालते हैं नहीं है, तो इसका मतलब क्या हुआ, कि prepaid expense और inventory के एलावा जितनी भी हमारी current assets होती हैं, वो सारी की सारी ही हमारी quick assets ही होती हैं, ठीक है, तो यहा� है, तो यह हमारा क्या होता है, यहाँ पर quick assets होते हैं, फिर आपको, अब जो है हम इस सर लेटर एक questions देख लेते हैं यहाँ पर, उसकी help से जो हम देखते हैं कि हम ratios को calculate कैसे कर सकते हैं, तो फड़ा फट से जो है हम यहाँ पर question को, यहाँ पर देखो question हमारा क्या है, cash हमारा कि हम आश्य करेंगे, शेयर क्वेश्चल कराइफी, इफिसिक भी वेलीस बर्थ में अशतुक करेंगे, शाय जिन आचिक क्रेंद्र के शासिक हुए, तो शो यहां पर अच्छा शुक्रिया का स्वश्चित रूस एकॉल के बाद की रोगी के लिए अधिक आपके की प्रतुन को का देश प्लस उसके बाद देटर्स, देटर्स भी हमारे यहाँ पर current assets होते हैं, वो हमारे कितने 10,000 के, ठीक है, तो यहाँ पर हमारा जो total इतने assets हैं, इसको हम फड़ा फटा से total कर लेते हैं, तो यह हमारे कितने हो रहा है, 80,000, 19,000, ठीक है, 110, तो यहाँ पर 120, ठीक है, 1,20,000 हमारे total उसके बाद देखो, next क्या हमारा, यहाँ पर outstanding expenses, यह भी हमारी जो है, current liability होती है, ऐसे expenses, जो duty हो गए हैं, पर अब उसके हमने जो है, payment करनी है, यह हमारे कितने हैं, 30,000, creditors कितने थे पहले, 50,000, ठीक है, outstanding expenses हमारे कितने हैं, यहाँ पर plus 30,000, ठीक है, उसके बाद देखो, bills payable देते हैं, तो यह हमारा कितना हो रहा है, 90,000, कितना हो रहा है, हमारा है, 90,000, तो liabilities हमारी यहाँ पर कितनी आ रही है, 90,000, तो इसे साफ से जो हम calculate कर सकते हैं, तो फड़ा फट से इसको हम solve कर लेता है, तो जब हम इसे solve करेंगे, तो हमारे जो answer हैगा, वो कितना हैगा, 1.33 ratio होती है मतलब अगर आपको किसी company में जो है invest करना है तो उसकी जो minimum जो ratio होनी चाहिए current ratio होनी चाहिए 2 is to 1 कितनी ratio होनी चाहिए हमारी यहाँ पर 2 is to 1 तब हम मानेंगे कि company की जो short term solvency ratio liquidity ratio है वो अच्छी है position अच्छी है ठीक है तो आई टिप्यू았는데 तो हम अपना Limits définición टीप्यूहर and आनि शोल्बा यहाँ मानर पड़ यहाँ पर इन वेंट्री और यहाँ पर जो他ब पर इसको हम the हैं तॉप यहां पर हम यार पर हमारे जो गए हैं कि विद प्रोफ़ि� Quest喔 तो Q assets आ जाती है, तो हमारी जो current assets है वो कितनी है थी, 1 lakh 20,000 इसमें से हमें minus करना है कितना 30,000, ठीक है, और यहाँ पर हमें 10,000, 40,000 हमें यहाँ से minus करना है, तो यहाँ पर जो हमारा अंसर हैगा वो कितना हैगा 80,000, ठीक है Q assets हमारी कितनी है गी 80,000 तो इसको हम divide करते है 80,000 और current liabilities हो हमारे same है 90,000 तो इसको जब हम solve करेंगे तो हमारा अंसर कितना हैगा 0.88 ratio 1 मतलब कि current liability अगर एक है तो यहाँ पर जो हमारी Q assets है वो कितनी है 0.88 है ठीक है और यहाँ पर मैं आपको बता दू किसी भी organization की जो ideal Q ratio होती है वो क्या होती है 1 is to 1 क्या होती है 1 is to 1 ठीक है minimum तो इतनी ratio होनी चाहिए जितनी liability हो और उतनी हमारी Q assets भी होनी जरूरी है क्यों ऐसा होता है देखो Q ratio से हम basically यह check करते हैं कि जो creditors है जिनको हमें यहाँ पर payment करने है शॉर्ट टर्म में अगर वो इस वक्त हमारे पास पैसे लेने आ जाए तो क्या हमारे पास इतना पैसा है कि हम उसकी payment कर पाए ठीक है Q ratio से हम यह चीज़ जो है calculate करते हैं ठीक है Q assets में हम उनी चीज़ों को include करते हैं जिनको हम easily फड़ा फट से cash में convert कर लें अगर क्रेडिटर्स आ भी जाते हैं तो हम फड़ा फट से cash में उसको convert करेंगे और जो है यहाँ पर payment कर देंगे तो यहाँ पर देखो हमारे पास assets कम है अगर यह अभी हमारे पास पैसे आ दें तो हम सारे के सारे पैसे जो है नहीं लोटा पाएंगे तो यहाँ पर quick ratio को हम basically इसी चीज के लिए चेक करते हैं वेर आपको तो यहाँ पर हमने सीखा कि ratio analysis क्या होता है ठीक है हमने यहाँ पर ratios की जो है types है वो भी की थी जो important ratios थी उसके बाद हमने short term solvency को यहाँ पर कबर कर लिया है
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