BP accounting in depth RATIO ANALYSIS

RATIO ANALYSIS PART IV

RATIO ANALYSIS PART IV — a Bank Promotions accounting in depth video lecture on Learning Sessions.

14 Jun 2026 24:32 min 11 views
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तो शुरू करते हैं हमारा आज का यहाँ पर topic long term solvency ratio या फिर leverage ratio ठीक है यह क्या होती है तो उससे पहले हम जो है एक overview ले लेते हैं पिछले lecture का ताकि आप जो है topic से connect कर सको तो पिछली वीडियो में हमने देखो यहाँ पर ratio analysis के बारे में detail में study किया था कि ratio analysis क्या होता है ठीक ह है बस पर हम यह पता लगाता है कि जो organization है उसकी profitability कितनी है उसकी financial health कैसी है ठीक है उसके बाद हमने ratios की classification देखी थी उसमें हमारी main three types की ratios थी एक solvency ratio profitability ratio और हमारी activity ratio ठीक है तो उसमें हमने solvency ratios को start किया था solvency ratios में भी हमारी दो तरह के ratios थी एक हमारी यहाँ पर थी short term solvency ratio ठ के बारे में हम आज पढ़ेंगे तो पिछली वीडियो में short term solvency ratio के बारे में पढ़ा था कि जब कोई organization ठीक है जब कोई organization में short term debt को pay off नहीं कर पाती उसको pay करने के लिए capable नहीं है तब उसको हम क्या गहते थे short term के लिए insolvent ठीक है तो यहाँ पर short term solvency ratio यही पता करने के � long term हमारे insolvency ratio क्या होते हैं इस ratio के help से हम जो है किसी organization की long term में insolvency चेक करते हैं या फिर solvency चेक करते हैं कि मतलब कि कोई organization अपने जो long term debt है क्या उसको pay off कर पारी है long term debt कौन से debt होते थे हमारे जिनकी payment जो है one year से ज़ादा में करनी होती थी जैसे कि debentures, bank loan ठीक है तो यहा तरह विषय शुभान अधिकता है कि वह नहीं कर पारी है तो यहा पर देखो solvency ratio is a key metric used to measure an enterprise's ability to meet its long term debt obligation इसमें हम organization के ability चेक करते हैं कि क्या वह अपने long term debt obligation को pay off कर पारी है या फिर नहीं कर पारी है अगर तो अगर तो जो organization अपने debt को pay नहीं कर पारी है तो हम मान देते हैं इसमें investment नहीं करेंगे और अगर वो अपने long term debts को pay off कर पा रही है तो उसको हम जो है यहाँ पर solvent मानते थे और उसमें जो है अपने investment कर देते हैं clear है आपको clear है यह हमारा था long term solvency ratio का meaning उसके बाद देखो classification अब long term solvency ratios में हमारी कौन कौन सी ratios आ जाती हैं तो सबसे बड़े हमारी यहाँ पर ratio देखो कौन सी है हमारी debt to equity ratio ठीक है debt to equity ratio उसके बाद next देखो हमारा क्या है total asset to debt ratio उसके बाद proprietors ratio उसके बाद interest coverage ratio यह चार टाइप की हमारी जो है important ratios हैं जो कि हम long term solvency ratios में जो है include करते हैं इन चारों को हम जो है long term solvency ratio जो है कहते हैं इनके प्रोड़ा कर सकते हैं ठीक है तो एक-एक करके हम जो है इसको डिटेल में स्टडी करते हैं कि यह रेशॉज एक्शंस लिए होती हैं सबसे पहले हमारी बात करते हैं यहां पर debt to equity ratio अब डेट टो इंप्रीट रेशो यहां पर क्या होती है सबसे पहले यहां पर मैं आपको � यहाँ पर कि वो long term debt है अगर तो साथ में लिखा है कि short term debt है तो तो आप short term debt मानो वरना अगर सिर्फ debt लिख के छोड़ दिया है तो आपको उसको debt माना है क्या माना है यहाँ पर debt माना है ठीक है उसके बाद देखो इसका meaning क्या यह है क्या actually मैं तो देखो जो companies है ना जब अपने functions को perform करती है तो वो क्या करती है एक तो owner से पैसा मंगवा लेती है owner का पैसा use करती है एक क्या करती है वो third party से loan लेती है तो company ने जो भी third party से loans and advances लिए हुए हैं वो company के लिए यहाँ पर क्या होते हैं debts क्या होते हैं यहाँ पर company के लिए debts ठीक है उसके बाद equity क्या होता है बिल्कुल उसका opposite equity क्या मतलब है कि जो पैसा जो पैसा company में owners का है ठीक है owners का है debt का मतलब था कि owner के इलावा देखो company के पास मान लो 100 lakh rupees है ठीक है total इसके पास 100 lakh rupees है तो 100 lakh rupees में जो पैसा third party के owner के इलावा किसी दूसरे person का है उसको हम यहाँ पर क्या मानते हैं debt जैसे मान लो 40 lakh rupees किसके हैं बाहर वालों की ठीक है उसके बाद देखो 60 lakh rupees जो है वो किसके हैं यहाँ पर हमारे owner के हैं तो इसको हम यहाँ पर क्या कहते है equity जो owner का claim है जो owner का पैसा लगा हुआ है business में जो total business के पैसे में जितना हिसा owner का है ठीक है उसको हम यहाँ पर क्या कहते है equity इसको आप एक और word कह सकते हो यहाँ पर shareholder fund क्योंकि देखो owners कौन होते हैं company में जो owners होते हैं वो कौन होते हैं जो shareholder जिन्नों ने shareholding की होती है तो इसको आप जो है यहाँ पर shareholder fund भी कह सकते हो आपको जो है इसको shareholder fund भी कह सकते हो ठीक है यह था meaning अपना debt और equity का आप debt equity ratios क्या होता है देखो हम जो है किसी भी organization की debt और equity को आपस में compare करते हैं और उससे एक ratio calculate करते हैं जिससे हमें यह पता लगता है कि उस organization particular organization में कितना पैसा debt वालों का है और कितना पैसा हमारा यहाँ पर equity वालों का है example के लिए हमने मालो यहाँ पर एक company A है और यह company B है ठीक है तो हमने देखा कि total 10 lakh rupees जो है वो इसके पास है इसके पास भी 10 lakh rupees है पर पर यहाँ पर क्या हुआ कि इसमें से 7 lakh rupees ठीक है 7 lakh rupees हमारे किसके हैं यहाँ पर owner के किसके है owner के और बाकी जो 3 lakh rupees है वो हमारे यहाँ पर debt के ठीक है ऐसे ही इसमें देखा कि हमने जो 3 lakh rupees है जो 3 lakh rupees है वो debt के है और जो बाकी के 7 और sorry यहाँ 3,00,000 जो है वो हमारे किसके हैं owner के हैं और जो 7,00,000 रपीज हैं वो हमारे किसके हैं debt के हैं तो आप ही मुझे बताओ कि आप किस organization में जो है investment करना पसंद करोगे ठीक है आप जो है यहाँ पर एक बार दवारा से लिख देते हैं टोटल 10,00,000 रपीज हैं और यहाँ पर हमारा 7,00,000 रपीज हैं यहाँ पर हमारा 3,00,000 हमारे हैं यहाँ पर owner के और 7,00,000 हमारे किसके हैं यहाँ पर debt के ठीक हैं तो आप खुद ही सोचो कि आप जो है किस organization में investment करना आप अच्छा करेगा तो यहाँ पर देखो सबसे पहले आपने देखा कि यहाँ पर 7,00,000 रपीज जादा पैसा किसका लगा हुआ है owner का और इसमें जादा पैसा किसका लगा हुआ है debt वालों का तो आप ओविस भी बात है जिसमें owner का पैसा जादा लगा हुआ है यह तो company पहले ही इसने बहुत जादा loan वगैरा लिया हुआ है इसने तो पहले ही जो है जादा ज़र वो loan पे dependent है तो जादा financial position किसकी अच्छी होगी जिसमें loan का पैसा जो है कम है owners का पैसा जादा है तो debt equity से हम company में यही देखते हैं कि company का जो total पैसा है उसमें equity वालों का कितना पैसा है और हमारे debt वालों का कितना पैसा है तो debt equity ratio हमारा यहाँ पर देखो क्या होता है debt to equity ratio is a financial ratio indicating the relative portion of shareholders equity and debt used to finance a company asset जो हमने total पैसा होता है company के पास वो assets की form में ही होता है उसको finance करने के लिए हमने total कितने proportion में equity use किया है और कितने proportion में debt use किया है उससे हमें debt equity के बारे में पता लगता है अब हम इसको calculate कैसे करते हैं इसको हम calculate कैसे करते हैं debt equity ratio उसको जितने भी हमारे debts होते हैं जो हमारे long term debt होते हैं specially बोल रहा हूँ यहाँ पर चलो मैं लिखी देता हूँ यहाँ पर ठीक है जो हमारे यहाँ पर long term debt होते हैं long term debt होते हैं divided by हमारा जो equity होता है equity मतलब जो हमारा shareholder fund होता है shareholder fund होता है यहाँ पर equity ही लिखे देते हैं तो यह formula होता है हमारा debt to equity ratio find out करने का जब हम practical questions करेंगे तब हम जो हम इस formula को proper तेके से use करेंगे तो अभी आपने याद रखना है debt to equity ratio का formula हमारा यहाँ पर देखो क्या होता है long term debt divided by हमारा equity long term debt divided by हमारा equity I hope आपको यह clear हो गया होगा और जो हमारा low debt जो हमारा debt equity ratio होता है अगर वो low हो तो यहाँ पर जो हमारी company की जो position होती है वो अच्छी होती है ठीक है जो हमारा जब भी हम debt equity ratio calculate करें तो अगर वो high आए तो मानो की company की जो position है वो सही नहीं है ठीक है उसमें debt का पैसा ज़्याता लगा हुआ है अगर वो ratio कम आती है तो हम जो है उसको company की जो position होती है वो अच्छी होती है उसके बाद देखो next हमारा क्या है total asset to debt ratio अब total asset to debt ratio क्या होती है तो simply मैं आपको बताऊं assets का मतलब ठीक है जो company की building वगैरह है जो machinery वगैरह वो assets है तो यहाँ पर Total asset to debt ratio का मतलब है की company की debt कितनी है और उसकी assets कितनी है मतलब की debt के लिए coverage कितने हैँ example प Dis overnight को बताऊं यहांपर जैसे हम इसको ऐसे समझते हैं यहाँ पर मान लो applaud a company है ठीक है एक company है जिसका कि total assets कितनी है यहां पर 50 थी आप dé कितनी assets है वो अपने debt को cover करने के लिए उसके बाद कितनी assets है तो आप यहाँ पर देखोगे कि इस debt को यह 10 lakhs के रुपए का debt उसके बदले में company के बाद 50 lakhs रुपी जो है पड़े हुए हैं इसका मतलब इसका 5 गुना मतलब कि अगर company यहाँ पर बंद भी होती है तो company जो है इ पड़ी हुई है ठीक है तो यहाँ पर आप जो इस company में invest करना पसंद करोगे कि हम इसमें investment करेंगे क्योंकि देखो यहाँ पर assets ज्यादा हैं और debt कम हैं तो यहाँ पर हमारा जो पैसा है वो safe होगा कि बाई चेंस company बंद भी हो जाते तो उसके पास sufficient fund होते हैं तो इस ratio के help से हुआ था ऐसी भी company के पास कितनी long term दैट शरवर हैं और उसको कवर करने के लिए उसके पास कितनी यहाँ पर ऐसे दस पड़ी हुई है ठीक है तो यह हमारा कैसा तो total asset to जीज़ा ratio ठीक है और इसको हम asku-lead कैसे करते हैं वह आपको बता दो थे टोटल ऐसेविट तड़ाइच हो यहां पर है जो कंपनी के टोटल ऐसेट्स होती हैं ठीक है जो कंपनी के टोटल एसेड्स इसमें हमारी करंट शीघ्र और नौकरण थे वशर्ग दोनों ही इंक्लूड होती है डिवाइडेड वाय हमारे यहाँ पर long term debt होते हैं, तो example पर मान के चलो कि किसी company की total assets हमारे 50 lakh हैं, और यहाँ पर जो debt हैं, वो हमारा कितना है, यहाँ पर 10 lakh पे, तो यहाँ पर 5 is to 1 ratio आ जाएगी, calculate हो जाएगी, यह हमारी ratio कौन सी है, total asset to debt ratio, ठीक है, अब देखो, यहाँ पर हमें पता लगया कि अगर 1 रुपे debt है, तो उसके बदले में 5 रुपे की assets पड़ी हैं, तो यहाँ पर 5 गुना हम जो है, इसको cover कर सकते हैं, आराम से एक company जो है, अपने debts को cover कर सकते हैं, coverage यहाँ पर ज़्यादा है, इसी के opposite अगर यह ratio जो है, वो कितनी आती यहाँ पर, 0.5 is to 1, इसका मतलब 1 रुपे की debt है, और assets उसके पास यहाँ पर 0.5 है, ठीक है, आधा, उ total asset to debt ratio is better for company, मतलब कोई company है, उसमें जो है, अगर जो हमारी total asset to debt ratio वो high रहेगी, तो वो जो है company के लिए बढ़िया है, तो यहाँ पर हमने देखा था न, अगर 5 is to 1 है, तो यह अच्छी है, अगर यहाँ पर वही ratio हमारी 2 is to 1 हो गई, तो यह हमारा अच्छी ratio नहीं है, हम जो पहले हम जो है, proprietor का यहाँ पर meaning समसते हैं, proprietor का मतलब होता है अण्र, तो यह प्राइटिव का मतलब होता है, किसी भी company में, ठीक है, किसी भी company में, जो अण्णर है, ठीक है, आण्ंर है, उसका contribution कीत ना है, मतलब उसने जो लिए business में कितना total contribution की है, कितना हिस्सा हमारे अण shareholders are proprietor towards the total assets of the company मतलब simple कहने का मतलब क्या है कि अगर यहाँ पर किसी company की जो total assets है वो hundred lakh rupees है तो इसमें से कितनी amount पे जो है contribute किया है हमारे shareholders ने तो यहाँ पर मालो 60 lakh rupees है कितना है हमारा 60 lakh rupees तो यह amount जो है यहाँ पर owner का पैसा लगा हुआ है तो इसके बीच में हम comparison करते हैं कि कितनी assets हैं और कितना जो है owner का पैसा लगा हुआ है अगर किसी organization में owner का पैसा जो है ज़्यादा लगा हुआ है इसका मतलब कि उसने debt कम लिया हुआ है तो उसकी financial position अच्छी है ठीक है ऐसे इसके opposite अगर किसी organization में जो proprietor का पैसा कम लगा हुआ है it means कि debt ज़्यादा है तो उसकी financial position अच्छी नहीं होगी तो इस चीज को calculate करने के लिए हम जो इस ratio का use करते हैं तो यहाँ पर देखो हमारा जो formula होता है proprietor ratio का वो हमारे यहाँ पर देखो क्या होता है जो हमारा यहाँ पर equity होता है जो हमारे shareholder का fund होता है equity को हम shareholder fund भी कहते हैं divided by total assets divided by हमारा यहाँ पर क्या होता है total assets ठीक है तो यह हमारा formula होता है proprietor ratio जो है calculate करने का तो यहाँ पर एक line लिखेंगे कि एक company having high proprietor ratio is good for investment अगर जो ratio है वो high है ठीक है अगर वो ratio जो है वो high है it means कि यहाँ पर owner का पैसा जो company में वो ज़्यादा लगा हुआ है तो यहाँ पर अगर ratio high है तो वो company अच्छी है उसमें आप जो investment कर दो तो यहाँ पर हम example की help से एक ratio फटा पर से calculate कर लेते हैं तो equity हमारी यहाँ पर मान लो कितनी है 10 lakhs रपीस की ठीक है और यहाँ पर जो हमारे total assets है वो कितनी हमारे यहाँ पर 20 lakhs रपीस की ठीक है तो यहाँ पर यहाँ पर जो हमारे ratio calculate होगी 0.5 is to 1 मतलब कि यहाँ पर कि एक रुपे की अगर asset है उसके बदले में जो है 0. मतलब 50 पैसे जो है owners का आधा पैसा यहाँ पर owners का है ठीक है तो अगर यह ratio जैसे जैसे increase करेगी तो हम मानेंगे कि इसकी financial condition जो है अच्छी financial health अच्छी है और अगर इसकी ratio कम होगी तो यह जो इसकी financial health अच्छी नहीं होगी तो formula हमारे यहाँ पर क्या होता equity equity divided by हमारा यहाँ पर total assets ठीक है I hope आपको यहाँ तक clear हो गया होगा उसके बाद देखो next question हमारा यहाँ है interest coverage ratio अब interest coverage ratio क्या होता है तो देखो सबसे पहले कि जब भी हम यहाँ पर debt लेते हैं ठीक है जब भी हम यहाँ पर debt लेते हैं तो उसके बदले में हमें हर साल उसमेंax interest pay이�रना प्रता है क्या पेट करना पर तरफ सिक्स इंट्रस्ट जो है कोई करना परता है तो यहां पर यहां पर जो है हम इंट्रस्ट स्कूल इन �ISO से क्या यहां पर मेजर करते हैं कि जो कंपनी है वह जो है अपने In को कितने अच्छे तरीके से यहां पर जो है pay-off कर पाते हैं अल्टीमेटली यह check करते हैं कि company का interest कितना है long term debt पर उसने interest कितना pay करना है और उसके against उसने उस साल में जो है profit कितना कमाया है उसका हम comparison करते हैं ठीक है और यह जो ratio है अगर जो हमारा profit है ठीक है वो ज्यादा होता है जो मतलब ज्यादा हो गई तो उस केस में जो है हम ऑर्गनाइजेशन की जो कंडीशन हो गई वह अच्छी होगी पर एक्सापल मैं आपको बताऊं जब भी हम यहां पर कोई लोन लेते हैं ठीक है तो हमारा ऑब्जेक्टिव क्या होता है तो यहां पर सब्सक्राइब रयश्य आपरेक्टिक � Email नहीं ओ मतलब कि उससे ज्यादा उसके गए जो है प्रोफिट ए अगेंसे कैसे कम, कितना कमाए, ठीक है, interest coverage ratio को calculate करने का हमारा यहाँ पर देखो formula क्या होता है, EBIT, ठीक है, EBIT divided by हमारा interest expense, ठीक है, interest expense, अब यह हम calculate कैसे करते हैं, उसको हम देख लेते हैं यहाँ पर, देखो जो EBIT इसका मतलब यहाँ पर देखो क्या होता है, earning before profit and interest, मतलब earning, ठीक है, earning before interest tax, मतलब कि, interest और tax पे करने से पहले का profit, ठीक है, जो हमने अभी तक, मतलब हमारा profit हो गया, जिसमें से हमने ना तो interest पे किया है, ना ही हमने tax पे किया है, उसको हमें divide करना है interest expense के साथ, जितना हमने यहाँ पर total जो है, interest पे किया है, example में मान लो, यहाँ पर जो हमारा EBIT है, व जाना है यहां पर टेन लाइक रुपएस तो यह जो हम रेशो कैलिकलेट करेंगे यह हमारी आगे 5 स्टूफ वांट इसका मतलब क्या है अगर हम इंटरेस्ट वन रुपए पर करते हैं तो उसके बदले में हम जो है यहां पर पांच रुपए जो है यहां पर प्राफिट कमाते हैं मतलब कि उसका पांच गुना तो यह रेशों हमारे अच्छी माने जाएगी तो जैसे-जैसे कंपनी की रेशों जो हाई होती जाएगी हम जो है मानेंगे कंपनी की जो फाइनेशन है वह अच्छी है ठीक है कंपनी हैविंग जो है जितनी ज्यादा हाई मिले उसकी फाइनेशन पोजीशन उतने ही अच्छी होगी आप जो है वहां पर निश्चित होकर इनवेस्टमेंट कर सकते हैं ठीक है तो आई होगा आपको यहां तक लिया हो गया होगा यहां तक हमने बेसिकली लॉन टम सॉल्वेंसी रेशो के बारे में पढ़ा अब फड़ाफट से हम जो है इससे रिलेटिव कुछ इंपॉर्टेंट क्वेश्चन देख लेते है फट कुछ नमरा यहां पर देखो क्या है विच आप इस इस नॉट आटाइब आफ लीकइटी रेशो इसमें से कौन सा हमारा जो है वह लिक्विडिटी रेशो नहीं है मतलब कि लिक्विडिटी रेशो कहां से ती हमारी शॉट टम सॉल्वेंसी रेशो जिससे हम किसी organization की short term में solvency check करते थे, ठीक है, तो क्या वो current ratio है, क्या Q ratio है, या फिर gross profit ratio है, none of the above, तो यहाँ पर जो हमारा option C है, gross profit ratio, क्या, gross profit ratio, वो हमारा correct है, क्योंकि जो gross profit ratio है, वो हमारा एक तरह का profitability ratio होता है, ठीक है, तो यह हमारा जो है, liquidity ratio नहीं है, और बाकी यह जो दो है, हमारे current ratio और Q ratio, यह हमारे liquidity ratio के under ही आते हैं, ठीक है, liquidity ratio के under ही आते हैं, उसके बाद देखो, next हमारा क्या है, what is the formula for calculating Q ratio, ठीक है, Q ratio को calculate करने का formula क्या होता है, सबसे पहले क्योकरेशो हमारे एक तरह की liquidity ratio है तो हमने कल के lecture में भी किया था कि liquidity ratio को क्योकरेशो को calculate करने का हमारा formula देखो क्या होता है क्योकरेशो divided by current liabilities ठीक है divided by current liabilities इसलिए option B यह हमारा क्या है यहाँ पे correct answer है और जो यह लिखा है current assets divided by current liabilities यह हमारा formula होता था current ratio को पता करने का जब हम current ratio का पता करते थे तब जो हम इस formula को use करते थे तो इसलिए हमारा जो option B है क्योकरेशो divided by current liabilities यह हमारा यहाँ पे correct answer है उसके बाद देखो next question हमारा क्या है यहाँ पे क्योकरेशो are calculated by अब यह जो cute assets होती हैं उसको हम यहाँ पर calculate कैसे करते हैं तो यहाँ पर मैंने आपको meaning बताया था cute assets क्या होती है ऐसी asset जो की current asset ही होती हैं पर उनको जो हो next deal में जो है वो cash में convert हो जाते हैं मतलब की कोई भी ऐसी current asset ठीक है कोई भी ऐसी current asset जो की next deal में अगले ही deal में जो है cash में convert हो जाएगी उसको हम यहाँ पर क्या कहते थे यहाँ पर cute assets ठीक है तो यहाँ पर हमने एक formula किया था कि अगर हमें cute assets calculate करना है तो हमें क्या करना पड़ेगा यहाँ पर current assets current assets में से हमें जो है यहाँ पर prepaid expense और जो हमारे inventory होती है जो हमारे inventory होती है उसे हमें यहाँ पर minus कर देना है ठीक है prepaid expense मतलब कि current assets minus prepaid expense तो हमारा यहाँ पर जो है cute assets calculate हो जाता है तो इसलिए जो option B है current assets minus inventories minus prepaid expenses यह हमारा यहाँ पर क्या है correct option है मैंने आपको वो भी बताया था प्रीपेड expense तो हमें देखो cash उसका मिलना ही नहीं है वो तो आगे जाल के हमें उसकी services मिलेंगे और inventory का हमें पता नहीं है कि यह cash में कब होगी कब बिकेगा यह उधार पे बिकेगा यह cash में बिकेगा हमें पता नहीं है तो हम जो है इसको cute assets के category से बाहर निकाल देते हैं तो इसलिए option B is a correct option उसके बाद देखो next question हमारा उसके बाद देखो next question हमारा क्या है which statement which statement is not correct regarding long term solvency ratio इसमें से हमारी कौन सी ऐसे statement है जो की correct नहीं है regarding the long term solvency ratio तो पहली क्या है solvency ratio is a key component of financial analysis सबसे पहला क्या है हमारा कि ये जो solvency ratio है वो हमारे financial analysis करने में help करता है तो ये हमारी statement बिल्कुल सही है it shows company has a sufficient funds to pay long term funds इससे हमें ये पता लगता है कि company के पास sufficient funds है अपने long term funds को pay करने के लिए तो ये भी हमारा यहाँ पर क्या है correct है उसके बाद देखो solvency ratio also known as leverage ratio इसको हम जो है यहाँ पर leverage ratio भी कहते है तो बिल्कुल सही ये हमारा यहाँ पर correct option है और एक और चीज मैं आपको यहाँ पर बता दूँ कि कहीं पर अगर आपको single solvency ratio मिल जाए तो इसका मतलब हमारा होता है long term solvency ratio से कहीं भी आपको अगर ये दिख जाए तो आपको इसको solvency ratio long term solvency ratio ही मानना है ठीक है और कहीं पे भी आपको liquidity ratio दिख जाए तो उसको आपने short term solvency ratio जो है मानना है ठीक है तो उसमें आपने confused नहीं होना है ठीक है तो यहाँ पर ये भी हमारी statement ठीक है उसके बाद देखो क्या है it shows short term solvency of the company ये जो है company की short term में solvency को दिखाता है तो ये हमारी statement गलत है ठीक है तो इसलिए option D हमारी correct है क्योंकि short term में short term में जो solvency दिखाता है वो हमारा liquidity ratio होता है short term solvency ratio होता है तो ये हमारा यहाँ पे क्या है correct answer है ये जो है correct नहीं है regarding the long term solvency ratio उसके बाद next देखो क्या है what is the formula for calculating proprietors ratio अगर हमें किसी proprietor का यहाँ पर formula calculate करना हो proprietor fund निकालना हो ratio निकालना हो तो उसके लिए कौन सा हमारा यहाँ पे formula होता है तो क्या ये हमारा shareholder fund divided by total asset होता है या फिर proprietors fund divided by total asset होता है या फिर current asset या फिर current liabilities ठीक है या फिर both a and b तो यहाँ पर मैंने आपको बताया था कि जब हम proprietor का मतलब होता है owner, owner कौन होते हैं जिनों ने shareholding की होती है कंपनी में तो यहाँ पर proprietor fund ठीक है और shareholder fund का meaning बिलकुल same है owner का पैसा और shareholder का पैसा बिलकुल एक ही बात है तो इसलिए यह जो formula हमारा both a and b both a and b हमारा यहाँ पर करेक्ट option है ठीक है shareholder fund divided by total asset से भी हम proprietor ratio को calculate कर सकते हैं और proprietor fund divided by total asset उससे भी हम जो है यहाँ पर proprietor ratio जो है calculate कर सकते हैं ठीक है तो I hope आपको यहाँ तक long term solvency ratio का meaning जो है clear हो गया होगा

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