Forward Contract Booking and Cancellation: FEMA नियम और Merchant Rate (CAIIB BFM)
किसी भी बैंक की डीलिंग रूम में forward contract booking and cancellation एक रोज़मर्रा का काम है, फिर भी इसके पीछे के नियम ज़्यादातर CAIIB BFM कैंडिडेट्स को उलझा देते हैं। एक forward contract किसी importer, exporter या फॉरेन-करेंसी बॉरोअर को आज ही वह रेट फिक्स करने देता है जिस पर भविष्य में होने वाला फॉरेन एक्सचेंज कैश फ्लो सेटल होगा, जिससे अभी और पेमेंट डेट के बीच रेट मूवमेंट की अनिश्चितता खत्म हो जाती है। बुकिंग, डिलीवरी, एक्सटेंशन और कैंसिलेशन की मैकेनिक्स सही से समझना — और यह जानना कि डीलिंग ब्रांच हर लेग को कैसे प्राइस और रीप्राइस करती है — एग्जाम और ब्रांच प्रैक्टिस, दोनों के लिए कोर टॉपिक है।
यह आर्टिकल पूरी लाइफ साइकल को कवर करता है: कस्टमर एक genuine underlying exposure के खिलाफ कॉन्ट्रैक्ट कैसे बुक करता है, FEMA डॉक्यूमेंटेशन रिक्वायरमेंट्स कैसे पूरी की जाती हैं, spot rate और forward premium या discount से merchant rate कैसे बनाई जाती है, और डिलीवरी, अर्ली डिलीवरी, एक्सटेंशन व कैंसिलेशन पर क्या होता है — जिसमें मैच्योरिटी पर अनडिलीवर्ड रह गया कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है।
📄 Underlying के खिलाफ बुकिंग: FEMA एविडेंस और कॉन्ट्रैक्ट टर्म्स
बैंक किसी बेयर रिक्वेस्ट पर forward contract बुक नहीं करता। FEMA के तहत यह ज़रूरी है कि हर forward cover किसी genuine underlying exposure से मेल खाए — एक इम्पोर्ट बिल, एक्सपोर्ट ऑर्डर, फॉरेन करेंसी लोन रीपेमेंट, या इसी तरह का कोई कॉन्ट्रैक्टेड या एंटिसिपेटेड कैश फ्लो। ब्रांच डॉक्यूमेंटरी एविडेंस मांगती है — परचेज़ ऑर्डर, कन्फर्म्ड एक्सपोर्ट ऑर्डर, इनवॉइस, लेटर ऑफ क्रेडिट, या लोन एग्रीमेंट, ट्रांजैक्शन के हिसाब से। यह एविडेंस न होने पर डील बुक नहीं हो सकती, और अगर बाद में underlying मैटेरियलाइज़ ही नहीं होता तो कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल करना ज़रूरी है।
कस्टमर करेंसी पेयर, अमाउंट, और या तो एक फिक्स्ड डिलीवरी डेट या एक ऑप्शन पीरियड (डेट्स की एक रेंज जिसमें कस्टमर की चॉइस पर डिलीवरी हो सकती है) स्पेसिफाई करता है। FEDAI के तहत forward contract booking and cancellation के नियम किसी दिए गए एक्सपोज़र कैटेगरी के लिए अधिकतम टेन्योर भी तय करते हैं, और ब्रांच को ऑडिट व RBI रिपोर्टिंग के लिए डील टिकट के खिलाफ underlying डॉक्यूमेंट रेफरेंस रिकॉर्ड करना होता है। यह डॉक्यूमेंटेशन ट्रेल वही चीज़ है जिसे कोई इंस्पेक्टिंग अथॉरिटी सबसे पहले चेक करती है, और यह एक फेवरिट CAIIB सिनेरियो क्वेश्चन है।
इस टॉपिक की ट्रेड-फाइनेंस साइड के लिए facilities for importers and exporters चैप्टर दोबारा देखें, जो वह क्रेडिट और डॉक्यूमेंटेशन बैकड्रॉप तय करता है जिसके भीतर ज़्यादातर forward बुकिंग्स होती हैं।

💱 Merchant Rate की अरिथमेटिक: Spot, Premium/Discount और Exchange Margin
कस्टमर को क्वोट की जाने वाली रेट — merchant rate — कभी भी रॉ इंटरबैंक स्पॉट रेट नहीं होती। यह तीन स्टेप्स में बनती है। पहला, डीलर करेंसी पेयर की करेंट स्पॉट रेट लेता है। दूसरा, कस्टमर की चुनी हुई डिलीवरी पीरियड के लिए forward premium या discount जोड़ा या घटाया जाता है; यह डिफरेंशियल दोनों करेंसीज़ के बीच के इंटरेस्ट रेट गैप से आता है, और जो करेंसी premium पर है उसकी फ्यूचर डिलीवरी महंगी पड़ती है जबकि discount पर होने पर सस्ती। तीसरा, बैंक अपना exchange margin लोड करता है, जो रिस्क और कॉस्ट के लिए बैंक को कंपनसेट करता है और रेट को कस्टमर के खिलाफ मूव करता है — बैंक के खरीदने पर जोड़ा जाता है, बेचने पर घटाया जाता है।
merchant rate का राउंडिंग हर करेंसी पेयर के लिए FEDAI कन्वेंशन के तहत तय डेसिमल प्लेसेज़ पर होता है। forward contract booking and cancellation का यह हिस्सा न्यूमेरिकल्स के साथ बहुत ज़्यादा टेस्ट किया जाता है: कैंडिडेट्स से उम्मीद की जाती है कि वे क्वेश्चन में दिए गए spot, premium/discount और margin डेटा से merchant rate बनाएं, और कस्टमर के ट्रांजैक्शन टाइप (एक्सपोर्ट बिल परचेज़, इम्पोर्ट पेमेंट, रेमिटेंस) के लिए सही buy या sell रेट चुनें।
merchant-rate न्यूमेरिकल्स अटेम्प्ट करने से पहले underlying spot और premium मैकेनिक्स exchange rates and forex business में पढ़ें, क्योंकि margin और राउंडिंग के नियम सीधे उसी फाउंडेशन पर बनते हैं।

💡 Exam Tip: जब कोई क्वेश्चन बैंक की buying rate पूछे, तो premium के लिए add/subtract ऑप्शन में से छोटे वाले को अप्लाई करें और margin हमेशा कस्टमर के खिलाफ ही चौड़ी करें — कभी भी कस्टमर के फेवर में नहीं।
📆 डिलीवरी, अर्ली डिलीवरी और एक्सटेंशन
ड्यू डेट पर कॉन्ट्रैक्ट ओरिजिनल बुक्ड रेट पर ही डिलीवर होता है, चाहे स्पॉट मार्केट तब तक कहीं भी मूव कर गया हो — यही सर्टेंटी हेजिंग का पूरा मतलब है। जहां ड्यू डेट से पहले डिलीवरी चाहिए हो, वहां ब्रांच swap cost या swap gain निकालती है: ओरिजिनल फॉरवर्ड डील को असल में ओरिजिनल ड्यू डेट के लिए आज की रेट पर कैंसिल किया जाता है और एक फ्रेश स्पॉट/नियर-डेट डील बुक की जाती है, और दोनों रेट्स के बीच का डिफरेंस कस्टमर से चार्ज या क्रेडिट किया जाता है, साथ ही प्लान से पहले मूव हुए फंड्स पर किसी इंटरेस्ट कॉस्ट या बेनिफिट के साथ।
एक्सटेंशन इसी तरीके से उल्टा काम करता है। मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट को ओरिजिनल ड्यू डेट के लिए एप्लीकेबल करेंट रेट पर कैंसिल किया जाता है, और एक्सटेंडेड डेट के लिए नया forward contract उस वक़्त की स्पॉट रेट प्लस नए टेन्योर के premium/discount पर बुक किया जाता है। forward contract booking and cancellation के नियमों के तहत दोनों लेग — कैंसिलेशन और रीबुकिंग — को अलग-अलग एंट्री के रूप में दिखाना ज़रूरी है, ताकि कस्टमर को swap डिफरेंस साफ़ तौर पर फ्रेश कवर से अलग दिखे, न कि एक ऐसी सिंगल ब्लेंडेड रेट जो कॉस्ट छुपा दे।
अर्ली डिलीवरी और एक्सटेंशन पर केस-स्टडी स्टाइल न्यूमेरिकल्स CAIIB पेपर्स में बार-बार आते हैं; कॉम्बाइंड spot-plus-swap वर्किंग्स को शुरू से अंत तक ड्रिल करने के लिए case study on forex चैप्टर सही जगह है।

❌ कैंसिलेशन: गेन, लॉस और अनडिलीवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स
Forward contract का कैंसिलेशन — चाहे कस्टमर की रिक्वेस्ट पर हो या underlying transaction के फेल होने पर — हमेशा करेंट मार्केट रेट के अपोज़िट लेग पर किया जाता है: जो कॉन्ट्रैक्ट ओरिजिनली कस्टमर को फॉरेन करेंसी बेचने के लिए बुक हुआ था (बैंक खरीद रहा है), वह बैंक की सेलिंग रेट पर कैंसिल होता है, और इसका उल्टा भी सही है। अगर बुकिंग के बाद मार्केट कस्टमर के फेवर में मूव हुआ है, तो कैंसिलेशन से गेन बनता है जो कस्टमर को पास किया जाता है; अगर कस्टमर के खिलाफ मूव हुआ है, तो होने वाला लॉस कस्टमर से रिकवर किया जाता है। CAIIB में टेस्ट किए जाने वाले forward contract booking and cancellation का यही क्रक्स है — कैंडिडेट्स को गेन या लॉस कैलकुलेट करने से पहले सही तरीके से पहचानना होगा कि मार्केट रेट का कौन-सा साइड लागू होता है।
ड्यू डेट पर अनडिलीवर्ड रह गया कॉन्ट्रैक्ट अनिश्चित काल तक नहीं चल सकता। FEDAI कन्वेंशंस के तहत ब्रांच को ड्यू डेट के बाद एक तय वर्किंग डे पर अनडिलीवर्ड कॉन्ट्रैक्ट को ऑटोमैटिकली कैंसिल करना होता है, वही अपोज़िट-रेट लॉजिक अप्लाई करते हुए और होने वाले swap cost या gain को, किसी भी लागू कैंसिलेशन चार्जेज़ के साथ, कस्टमर को पास करते हुए। डीलिंग ब्रांचेज़ एक कॉन्ट्रैक्ट रजिस्टर मेंटेन करती हैं जिसमें बुकिंग डेट, रेट, टेन्योर, कैंसिलेशन या डिलीवरी डेट और होने वाला प्रॉफिट या लॉस रिकॉर्ड रहता है, जो RBI और इंटरनल ऑडिट रिव्यू का बेसिस बनता है।
⚠️ Common Mistake: कैंडिडेट्स अक्सर कैंसिलेशन के लिए अपोज़िट साइड की बजाय सेम-साइड रेट अप्लाई कर देते हैं — यह एक गलती लगभग हर न्यूमेरिकल में गेन/लॉस का साइन पलट देती है।
| सिनेरियो | कौन शुरू करता है | कौन-सी रेट अप्लाई होती है | कस्टमर को गेन/लॉस पास होता है? |
|---|---|---|---|
| ड्यू डेट पर डिलीवरी | कस्टमर (जैसा बुक किया गया) | ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्टेड रेट | ✅ लागू नहीं, रेट फिक्स है |
| अर्ली डिलीवरी | कस्टमर | ओरिजिनल ड्यू डेट के लिए करेंट रेट (swap cost/gain) | ✅ हां, swap डिफरेंस |
| एक्सटेंशन | कस्टमर | कैंसिलेशन रेट + नई डेट के लिए फ्रेश फॉरवर्ड रेट | ✅ हां, कैंसिलेशन लेग पर |
| मैच्योरिटी पर अनडिलीवर्ड | बैंक (FEDAI के तहत ऑटोमैटिक) | मार्केट रेट का अपोज़िट लेग | ❌ चार्ज होता है, प्रैक्टिस में गेन बिरले ही |
एग्जाम से पहले forward contract booking and cancellation रिवाइज़ करने का सबसे तेज़ तरीका यही टेबल है: सिनेरियो को रेट कन्वेंशन से मैच करें, उल्टा नहीं।
🎯 CAIIB BFM के लिए सब कुछ जोड़ना
Forward contract booking and cancellation FEMA कम्प्लायंस, FEDAI डीलिंग कन्वेंशंस और सीधी इंटरेस्ट-रेट अरिथमेटिक के इंटरसेक्शन पर बैठा टॉपिक है, यही वजह है कि IIBF इसे डेफिनिशन्स की बजाय सिनेरियो न्यूमेरिकल्स से टेस्ट करना पसंद करता है। अपनी रिवीज़न को तीन चेकपॉइंट्स पर एंकर करें: बुकिंग के वक़्त underlying डॉक्यूमेंटरी एविडेंस, spot-plus-premium-minus-margin से बनने वाली merchant rate, और कैंसिलेशन, अर्ली डिलीवरी या एक्सटेंशन पर अप्लाई होने वाली अपोज़िट-लेग रेट। एक बार यह तीनों ऑटोमैटिक हो जाएं, तो न्यूमेरिकल्स खुद-ब-खुद फिट बैठने लगते हैं।
जिस बड़े ट्रेज़री और डेरिवेटिव्स कॉन्टेक्स्ट के भीतर यह टॉपिक बैठता है, उसके लिए CAIIB BFM derivative products और hedge accounting for banks दोबारा देखें, और Bank Financial Management tag hub पर और चैप्टर नोट्स ब्राउज़ करें। खुद को टेस्ट करने के लिए तैयार हैं? iibf.store के CAIIB course पर एक टाइम्ड सेट अटेम्प्ट करें और फॉरेक्स न्यूमेरिकल्स पर अपनी एक्यूरेसी ट्रैक करें।
🧠 Practice MCQs: Forward Contract Booking and Cancellation
Q1. एक forward contract कस्टमर को USD बेचने के लिए बुक किया गया है (बैंक USD खरीद रहा है)। कैंसिलेशन पर बैंक कौन-सी रेट अप्लाई करता है? (a) बैंक की buying rate (b) बैंक की selling rate (c) बिना मार्जिन के इंटरबैंक स्पॉट रेट (d) ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्टेड रेट
Answer: (b) — कैंसिलेशन हमेशा अपोज़िट लेग पर होता है; चूंकि ओरिजिनल डील में बैंक खरीद रहा था, कैंसिलेशन में बैंक की selling rate इस्तेमाल होती है।
Q2. FEMA के तहत, forward contract सिर्फ तब बुक किया जा सकता है जब: (a) कस्टमर बिना डॉक्यूमेंट्स किसी भी अमाउंट की रिक्वेस्ट करे (b) डॉक्यूमेंटरी एविडेंस से सपोर्टेड genuine underlying trade या borrowing exposure हो (c) एक्सचेंज रेट गिरने की उम्मीद हो (d) बैंक के पास ऑफलोड करने के लिए एक्सेस फॉरेक्स पोज़िशन हो
Answer: (b) — FEMA के तहत forward cover का किसी डॉक्यूमेंटेड underlying exposure जैसे इनवॉइस, ऑर्डर या लोन एग्रीमेंट से मेल खाना ज़रूरी है।
Q3. Forward contract की अर्ली डिलीवरी पर swap cost या swap gain क्यों बनता है: (a) बैंक अपना exchange margin बदल देता है (b) ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्ट असल में ओरिजिनल ड्यू डेट के लिए करेंट रेट पर कैंसिल होता है और एक फ्रेश नियर-डेट डील बुक होती है (c) FEDAI अर्ली डिलीवरी के लिए premium माफ कर देता है (d) कस्टमर सिर्फ इंटरेस्ट पे करता है, कभी रेट डिफरेंस नहीं
Answer: (b) — अर्ली डिलीवरी को ओरिजिनल ड्यू डेट के लिए आज की रेट पर कैंसिलेशन प्लस पहली तारीख के लिए फ्रेश कवर के रूप में प्राइस किया जाता है, और डिफरेंस swap cost या gain के रूप में चार्ज होता है।
Q4. ड्यू डेट के बाद भी अनडिलीवर्ड रहा forward contract: (a) बिना किसी कॉस्ट के अनिश्चित काल तक कैरी फॉरवर्ड होता है (b) FEDAI कन्वेंशन के तहत ड्यू डेट के बाद एक तय दिन पर ब्रांच द्वारा ऑटोमैटिकली कैंसिल होता है (c) ऑटोमैटिकली स्पॉट डील में कन्वर्ट हो जाता है (d) किसी भी पार्टी के लिए बिना गेन या लॉस के वॉइड हो जाता है
Answer: (b) — FEDAI के तहत एक तय पीरियड के बाद अनडिलीवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स का ऑटोमैटिक कैंसिलेशन ज़रूरी है, जिसमें गेन/लॉस अपोज़िट लेग पर कैलकुलेट होकर कस्टमर को पास किया जाता है।
Q5. फॉरेक्स कस्टमर को क्वोट की जाने वाली merchant rate कैसे निकाली जाती है: (a) सिर्फ spot rate से (b) spot rate को forward premium/discount के लिए एडजस्ट करके, फिर exchange margin लोड करके (c) सिर्फ forward premium से (d) इंटरबैंक रेट माइनस इंटरेस्ट कॉस्ट से
Answer: (b) — merchant rate spot से शुरू होकर, टेन्योर के लिए forward premium या discount अप्लाई करके, फिर बैंक का exchange margin कस्टमर के खिलाफ जोड़कर बनती है।
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Frequently Asked Questions
Forward contract बुक करने से पहले बैंक को कौन-से डॉक्यूमेंट्स चाहिए?
बैंक को underlying exposure का डॉक्यूमेंटरी एविडेंस चाहिए — जैसे परचेज़ या एक्सपोर्ट ऑर्डर, इनवॉइस, लेटर ऑफ क्रेडिट, या लोन एग्रीमेंट — जो FEMA के तहत cover बुक करने से पहले ज़रूरी है।
कैंसिलेशन से पहले अगर मार्केट कस्टमर के खिलाफ मूव करे तो लॉस कौन उठाता है?
कस्टमर उठाता है। कैंसिलेशन करेंट मार्केट रेट के अपोज़िट लेग पर होता है, और अगर इससे ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्टेड रेट की तुलना में लॉस बनता है, तो वह लॉस कस्टमर से रिकवर किया जाता है।
क्या forward contract का एक्सटेंशन सिर्फ डिलीवरी डेट बदलने जैसा ही है?
नहीं। एक्सटेंशन को मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट के ओरिजिनल ड्यू डेट के लिए करेंट रेट पर कैंसिलेशन, और उसके बाद नई डेट के लिए फ्रेश forward booking के रूप में प्रोसेस किया जाता है, ताकि swap cost या gain नए cover से अलग दिखाया जाए।
अगर forward contract कभी डिलीवर नहीं होता और कस्टमर कुछ नहीं करता तो क्या होता है?
FEDAI कन्वेंशन के तहत बैंक ड्यू डेट के बाद एक तय वर्किंग डे पर अनडिलीवर्ड कॉन्ट्रैक्ट को ऑटोमैटिकली कैंसिल कर देता है, अपोज़िट-लेग रेट अप्लाई करके और होने वाले किसी भी कॉस्ट को लागू चार्जेज़ के साथ कस्टमर को पास करके।
बैंक फॉरेक्स डीलिंग्स को गवर्न करने वाले रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के लिए RBI Master Directions on foreign exchange and risk management देखें। जो कैंडिडेट्स CAIIB ABM भी पढ़ रहे हैं, उन्हें ध्यान देना चाहिए कि एक्सचेंज-रेट स्ट्रेस में कस्टमर बिहेवियर transactional analysis in banking से जुड़ता है, जो फॉरेक्स कस्टमर कन्वर्सेशंस के ह्यूमन साइड के लिए उपयोगी है। इस टॉपिक के साथ अक्सर पेयर होने वाले ट्रेज़री इंस्ट्रूमेंट्स के लिए duration and convexity देखें।
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